दो मासूमों के साथ रूह कंपा देने वाली हैवानियत
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छठीं में पढ़ने वाले दो बच्चों के साथ रूह कंपा देने वाली हैवानियत करने का मामला सामने आया है। मुरथल गांव में कक्षा 6 के दो बच्चों ने बेर तोड़ने के लिए पेड़ पर पत्थर क्या फेंका कि उनकी जान पर बन आई।
विद्यालय के पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने बच्चों के हाथ-पांव रस्सी से बांधे और इसके बाद उन्हें डंडे से जानवरों की तरह पीटा। सूचना पर पहुंचे दो शिक्षकों ने बच्चों को छुड़ाने का प्रयास किया तो उनके साथ भी गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी।
बाद में बीच-बचाव कर मामले को रफादफा कर दिया गया। हालांकि इससे पहले पुलिस की पीसीआर पहुंची, लेकिन उसमें तैनात कर्मचारी प्रिंसिपल का नंबर लेकर लौट गए। मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
स्कूल के बगल वाले घर में बेर का पेड़ बना वजह
मुरथल स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कक्षा-6 में पढ़ने वाले दो छात्र शुक्रवार दोपहर लगभग सवा एक बजे रिसेस (आधी छुट्टी) के दौरान स्कूल से बाहर निकल आए। स्कूल के पीछे ही एक मकान में बेरी का पेड़ है।
किसी ने बेर तोड़ने के लिए पेड़ पर पत्थर फेंका। इसके बाद जो कुछ हुआ वह बच्चों के लिए कभी न भूलने वाला है। बताया जाता है कि मकान से निकले एक व्यक्ति ने बिना यह जाने कि पत्थर किसने फेंका है, गली से जा रहे दो स्कूली बच्चों को पकड़ लिया।
दोनों बच्चों के एक-एक पैर और हाथ एक-दूसरे से रस्सी के जरिए बांध दिए। इसके बाद दोनों बच्चों की डंडे से जानवरों की तरह पिटाई शुरू कर दी। बच्चे दर्द से बिलखते रहे, रोते रहे, लेकिन न तो मारने वाले ने रहम किया और न ही गली में खड़े ग्रामीणों में से कोई बचाने आया।
शिक्षकों ने बचाई दोनों बच्चों की जान
एक तरफ से बच्चों की पिटाई चल रही थी, दूसरी तरफ स्कूल प्रशासन बेखबर था। इसी बीच अन्य बच्चों ने शिक्षकों को मामले के बारे में सूचित किया। सूचना के बाद एसएस टीचर डॉ. रघुवीर रावल और जगदीश कुमार बच्चों को छुड़ाने दौड़े।
शिक्षकों ने मारपीट कर रहे व्यक्ति को रोकने की कोशिश की तो वह शिक्षकों पर ही गर्म हो गया। शिक्षकों के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। इसी बीच प्राचार्य सतीश शर्मा मौके पर पहुंचे। सतीश शर्मा ने गांव की पूर्व महिला सरपंच के पति रामेश्वर को बुलाया। इसके बाद ही बच्चों को बचाया जा सका।
खराब हो गई थी बच्चों की हालत
शिक्षकों ने बताया कि दोनों बच्चों की एक-एक टांग और हाथ रस्सी से बुरी तरह से बांधे गए थे। बच्चों से चला भी नहीं जा रहा था, ऊपर से डंडे बरस रहे थे। बच्चों के शरीर पर डंडों के निशान छपे थे, उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। इनमें से एक बच्चा पहले से ही चोटिल था, इसके बाएं हाथ में पट्टी बंधी थी। बच्चे रो-रोकर बस यही कहे जा रहे थे कि उन्होंने पत्थर नहीं फेंका।
नंबर लेकर चले गए पुलिस कर्मी
बच्चों को बंधक बनाकर मारपीट करने के मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई थी, लेकिन पुलिसकर्मियों का इस मामले में रवैया बेहद ही गैर जिम्मेदाराना रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पुलिस की एक पीसीआर मौके पर पहुंची थी, पुलिसकर्मियों ने मामले की जानकारी ली।
इसके बाद वे प्रिंसिपल से मिले और उनका मोबाइल नंबर नोटकर चले गए। पुलिस ने न तो पीड़ित बच्चों के परिजनों से बातचीत की और न ही कोई और कार्रवाई की। पुलिस का यह रवैया देखकर ग्रामीण भी दंग रह गए।
बोले प्रिंसिपल : समझा दिया है दोनों पक्षों को
इस मामले में स्कूल प्रबंधन का व्यवहार भी कोई संतोषजनक नहीं रहा। स्कूल प्राचार्य सतीश शर्मा से इस मामले में बातचीत की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि बच्चों के साथ मारपीट की जा रही थी।
हालांकि बंधक बनाने की जानकारी से उन्होंने इंकार किया। सतीश शर्मा ने कहा कि बच्चों ने बेर तोड़ने के लिए पत्थर फेंके थे, ये उनकी गलती तो थी। इसके बाद मारपीट करने वाले व्यक्ति और बच्चों के परिजनों को समझा दिया था। दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत की गई थी।
बड़ा सवाल: दोपहर में क्यों निकलते हैं बच्चे
इस पूरे मामले में दो-तीन बड़े सवाल सामने आते हैं। सबसे बड़ा सवाल स्कूल समय में बच्चों का स्कूल से बाहर निकलने का है। दोपहर के जिस समय आधी छुट्टी हुई, उसी समय मिड-डे मील दिया जाता है।
ये ही नहीं स्कूल से बच्चे सिर्फ पूरी छुट्टी होने के बाद ही बाहर निकल सकते हैं। आधी छुट्टी में बाहर निकलने पर स्कूल प्राचार्य पल्ला झाड़ते दिखे, उनका कहना था कि अधिकतर बच्चे घर जाकर खाना खाकर आते हैं। दूसरा बड़ा सवाल शिक्षकों के साथ गाली-गलौज और धमकी देने का है। प्राचार्य ने इस मामले में भी कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की।
डीसी को किया वाट्सएप
बच्चों से बर्बरता पूर्ण मारपीट के इस मामले की जानकारी डीसी राजीव रतन को भी दी गई। असल शिक्षक डॉ. रघुबीर रावल ने देर शाम वाट्सएप पर डीसी को मामले की जानकारी देते हुए बच्चों को बंधक बनाने और मारपीट करने के फोटो भी भेजे।
इस मामले में डीसी राजीव रतन से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि अभी फोटो देखे नहीं है, अगर ऐसा हुआ है तो मामला बहुत ही गंभीर है। इस मामले में सुबह पूरी रिपोर्ट लेकर कड़ी कार्रवाई करेंगे।