{"_id":"57aa071d4f1c1bb461ee50d2","slug":"lady-blames-husband-for-fake-marriage-and-fraud-with-her","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'मेरे पति का नाम और MBBS की डिग्री नकली, करा चुका है कई शादियां'","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
'मेरे पति का नाम और MBBS की डिग्री नकली, करा चुका है कई शादियां'
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 10 Aug 2016 04:56 PM IST
विज्ञापन
marriage
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक महिला ने अपने पति पर उसका नाम, पता, एमबीबीएस की डिग्री और रिश्तेदार फर्जी होने का और कई शादियां करने के आरोप लगाए। ये व्यथा है पीजीआई चंडीगढ़ में कार्यरत नर्सिंग सिस्टर वीणा राठौर की। एमबीबीएस की डिग्री,नाम,पता और रिश्तेदार सब फर्जी है मेरे पति का,उसने मेरे साथ ही नहीं, मुझ से पहले एक और मेरे बाद अनेक लड़कियों को फर्जी डाक्टर बन कर अपने जाल में फंसाया।
अपने आपको एमबीबीएस डाक्टर बताने वाला यह सख्श अखबारों में विज्ञापन देकर कई बार शादी कर चुका है। मंगलवार को मोहाली प्रेस क्लब में यह खुलासा कथित डाक्टर एसके सिंह की पीजीआई चंडीगढ़ में नर्सिंग सिस्टर ग्रेड वन के पद पर कार्यरत वीणा राठौर ने किया। नर्स वीणा राठौर के मुताबिक अखबार में छपे विज्ञापन के जरिए कथित डाक्टर से उसका रिश्ता तय हुआ था और 15 मई 2000 को शादी हुई थी। विवाह के बाद उसके दो बच्चे हैं।
इनमें रोहनप्रीत 10 साल और बेटी पल्लवी 13 साल की है। उसने बताया कि विवाह के बाद उसके पति ने कभी भी काम नहीं किया। घर का खर्चा भी वह खुद चला रही थी। वर्ष 2013 में एमके सिंह रोपड़ में नौकरी का बहाना कर चला गया। इसके बाद जब वह नहीं लौटा तो उसे ज्ञात हुआ कि 4 फरवरी 2014 को उसने गांव जांडिया वासी 23 वर्षीया एएनएम के परिवार वालों को अपने आपको डाक्टर बता कर विवाह रचा लिया था।
विज्ञापन
तब नर्स को लड़की के परिवार को देने पड़े थे चार लाख
इस लड़की के परिवारवालों को एसके सिंह बताया था कि वह पीजीआई में हार्ट स्पैशलिस्ट है। वीणा राठौर के मुताबिक जब लड़की व उसके परिवार वालों के सामने भेद खुला इन्होंने कथित डाक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करानी चाही,मगर तब लड़की के विवाह पर खर्च हुए चार लाख रुपये मुआवजा लेकर उसके परिवार वालों ने डाक्टर को छोड़ा था।
विज्ञापन
अपने आपको एमबीबीएस डाक्टर बताने वाला यह सख्श अखबारों में विज्ञापन देकर कई बार शादी कर चुका है। मंगलवार को मोहाली प्रेस क्लब में यह खुलासा कथित डाक्टर एसके सिंह की पीजीआई चंडीगढ़ में नर्सिंग सिस्टर ग्रेड वन के पद पर कार्यरत वीणा राठौर ने किया। नर्स वीणा राठौर के मुताबिक अखबार में छपे विज्ञापन के जरिए कथित डाक्टर से उसका रिश्ता तय हुआ था और 15 मई 2000 को शादी हुई थी। विवाह के बाद उसके दो बच्चे हैं।
विज्ञापन
इनमें रोहनप्रीत 10 साल और बेटी पल्लवी 13 साल की है। उसने बताया कि विवाह के बाद उसके पति ने कभी भी काम नहीं किया। घर का खर्चा भी वह खुद चला रही थी। वर्ष 2013 में एमके सिंह रोपड़ में नौकरी का बहाना कर चला गया। इसके बाद जब वह नहीं लौटा तो उसे ज्ञात हुआ कि 4 फरवरी 2014 को उसने गांव जांडिया वासी 23 वर्षीया एएनएम के परिवार वालों को अपने आपको डाक्टर बता कर विवाह रचा लिया था।
विज्ञापन
तब नर्स को लड़की के परिवार को देने पड़े थे चार लाख
इस लड़की के परिवारवालों को एसके सिंह बताया था कि वह पीजीआई में हार्ट स्पैशलिस्ट है। वीणा राठौर के मुताबिक जब लड़की व उसके परिवार वालों के सामने भेद खुला इन्होंने कथित डाक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करानी चाही,मगर तब लड़की के विवाह पर खर्च हुए चार लाख रुपये मुआवजा लेकर उसके परिवार वालों ने डाक्टर को छोड़ा था।
देह व्यापार और बड़े अफसरों से है एसके सिंह के संबंध
marriage
- फोटो : demo pic
देह व्यापार और बड़े अफसरों से है एसके सिंह के संबंध
वीणा राठौर के मुताबिक उसने अपने पति एसके सिंह की एमबीबीएस की डिग्री की जांच कराई है,जोकि नकली है।वीणा का कहना है कि यही फर्जी डिग्री दिखा कर वह भोले भाले परिवारों की लड़कियों से विवाह करके उनका शोषण करता है। उन्हें यह पता चल चुका है कि अब तक एसके सिंह कई लड़कियों का जीवन बर्बाद कर चुका है। कथित डाक्टर की पत्नी ने यह भी आरोप लगाया है कि उसका संबंध देह व्यापार के साथ कई बड़े अफसरों के साथ भी है।
बिहार में हुआ था पहला विवाह
एसके सिंह के बारे में बताया गया है कि उसका पहला विवाह बिहार में हुआ था। उस विवाह के बाद पहली पत्नी से तीन लडक़े और एक लड़की है और उसकी लड़की का भी विवाह हो चुका है। एसके सिंह बिहार के गांव मगाही, जिला सीवान, पुलिस थाना बसंतपुर का रहने वाला बताया गया है। उसने अपने कई नकली रिश्तेदार भी बनाए हुए हैं। 50 की उम्र में भी युवा दिखने वाला यह डाक्टर अपनी आयु 28 वर्ष बताता है।
अखबार,नकली रिश्तेदार और बारात
कथित डाक्टर की पत्नी का आरोप है कि अखबार में विज्ञापन दे कर एसके सिंह महिलाओं को अपना शिकार बनाता है। फिर जरूरत अनुसार अपने नकली रिश्तेदार के साथ बारात ले जा कर विवाह कराता है। यह अपना नाम डाक्टर एस.के. सिंह लिखता है,जबकि कुछ लोगों से सुरजीत कुमार कह कर मिलता है। उसने अपनी तीसरी पहचान समीर कुमार नाम से भी बनाई हुई है।
और लड़कियां ना झांसे में ना फंसे
वीणा के मुताबिक उसके झांसे में और लड़कियां ना आए इसके लिए उसने पुलिस को भी उसके खिलाफ शिकायत की है। बताया गया है कि वीणा के घर में रहते हुए 26 जून को एसके सिंह उर्फ सुरजीत उर्फ समीर फरार हुआ था और जाते समय घर से सोने,चांदी के जेवर व अन्य सामान लेकर फरार हुआ है।
वीणा राठौर के मुताबिक उसने अपने पति एसके सिंह की एमबीबीएस की डिग्री की जांच कराई है,जोकि नकली है।वीणा का कहना है कि यही फर्जी डिग्री दिखा कर वह भोले भाले परिवारों की लड़कियों से विवाह करके उनका शोषण करता है। उन्हें यह पता चल चुका है कि अब तक एसके सिंह कई लड़कियों का जीवन बर्बाद कर चुका है। कथित डाक्टर की पत्नी ने यह भी आरोप लगाया है कि उसका संबंध देह व्यापार के साथ कई बड़े अफसरों के साथ भी है।
बिहार में हुआ था पहला विवाह
एसके सिंह के बारे में बताया गया है कि उसका पहला विवाह बिहार में हुआ था। उस विवाह के बाद पहली पत्नी से तीन लडक़े और एक लड़की है और उसकी लड़की का भी विवाह हो चुका है। एसके सिंह बिहार के गांव मगाही, जिला सीवान, पुलिस थाना बसंतपुर का रहने वाला बताया गया है। उसने अपने कई नकली रिश्तेदार भी बनाए हुए हैं। 50 की उम्र में भी युवा दिखने वाला यह डाक्टर अपनी आयु 28 वर्ष बताता है।
अखबार,नकली रिश्तेदार और बारात
कथित डाक्टर की पत्नी का आरोप है कि अखबार में विज्ञापन दे कर एसके सिंह महिलाओं को अपना शिकार बनाता है। फिर जरूरत अनुसार अपने नकली रिश्तेदार के साथ बारात ले जा कर विवाह कराता है। यह अपना नाम डाक्टर एस.के. सिंह लिखता है,जबकि कुछ लोगों से सुरजीत कुमार कह कर मिलता है। उसने अपनी तीसरी पहचान समीर कुमार नाम से भी बनाई हुई है।
और लड़कियां ना झांसे में ना फंसे
वीणा के मुताबिक उसके झांसे में और लड़कियां ना आए इसके लिए उसने पुलिस को भी उसके खिलाफ शिकायत की है। बताया गया है कि वीणा के घर में रहते हुए 26 जून को एसके सिंह उर्फ सुरजीत उर्फ समीर फरार हुआ था और जाते समय घर से सोने,चांदी के जेवर व अन्य सामान लेकर फरार हुआ है।