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हरियाणाः मां ने समय से नहीं लौटाए उधार के पैसे, तो तीन युवकों ने बेटे का किया अपहरण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)
Updated Sun, 14 Oct 2018 04:11 PM IST
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पानीपत के विद्यानंद कॉलोनी निवासी एक महिला ने शादी के लिए उधार लिए पैसे नहीं चुकाए तो तीन बदमाशों ने छठी कक्षा के एक छात्र का अपहरण कर लिया। वारदात के दौरान महिला काला पीलिया की दवा लेने दिल्ली गई थी। मां के आने के बाद बच्चे ने सारी बात मां को बताई। इसके बाद वह चांदनीबाग थाना पुलिस गई। वहां उसने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
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अपहृत विक्रम (12) की मां रूपा पत्नी सरवेस ने बताया कि वह छह बच्चों की मां है। सात माह पहले पति से उसका तलाक हो गया था। तलाक के बाद सभी बच्चे मां के साथ ही रह रहे हैं। महिला ने बताया कि उसने मार्च 2018 में बड़ी बेटी ज्योति की शादी की थी। इसके लिए उसने विद्यानंद कॉलोनी निवासी सुनीता पत्नी सतीश और कर्मबीर से डेढ़ लाख रुपये लिए थे। ढाई साल में रुपये चुकाने के एक एग्रीमेंट पर दोनों पक्षों की सहमति जता कर चार रुपये प्रति सैकड़ा ब्याज पर लिए थे।
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एग्रीमेंट में मकान के कागज भी गिरवी रखने की बात है। महिला का आरोप है कि एग्रीमेंट के दो माह बाद ही उक्त आरोपियों ने उसे रुपये लौटाने के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। महिला का कहना है कि वह निर्धारित ब्याज भी समय पर देती रही है। इसके बावजूद आरोपियों ने उसे मूल चुकाने के लिए प्रताड़ित करना जारी रखा। महिला का आरोप है कि उक्त आरोपी अक्सर उसके घर पर ताला लगाने की धमकी देते थे। गुरुवार को जब वह दिल्ली दवाई लेने गई हुई थी, उसी दौरान आरोपी कर्मबीर, सोनू व सतीश उसके बेटे को घर के बाहर से खेलते हुए अपहरण कर ले गए। पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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जान से मारने की धमकी देकर भैया को गाड़ी में उठा ले गए बदमाश
विक्रम की छोटी बहन आठ वर्षीय काजल ने बताया कि गुरुवार शाम सात बजे भैया गली में खेल रहे थे। उसी समय वहां एक सफेद रंग की गाड़ी में तीन बदमाश आए। उन्होंने मुंह पर काला कपड़ा बांधा हुआ था। वे आते ही भैया को धमकाने लगे व उसे उठा कर गाड़ी में डालने लगे। इस दौरान वह घर के बाहर आई और उन्हें रोकने की कोशिश की। इस पर तीनों बदमाशों ने मुझे जान से मारने की धमकी दी व भैया को गाड़ी में डाल कर गाड़ी भगा ले गए। काजल ने बताया कि बदमाश पैसा न देने पर भैया को भी जान से मारने की बात बोल रहे थे।
महिला ने बताया कि वह काला पीलिया से ग्रस्त है। तीन माह से टायफायड, चिकनगुनिया से भी जूझ रही है। साथ ही उसके शरीर में खून की कमी भी है। उसका इलाज दिल्ली के एक निजी अस्पताल से चल रहा है। बच्चे विक्रम (12), काजल (8), कृष्ण (5), पायल (4) को पढ़ा-लिखा रही है। बड़े बेटे के अपहरण हो जाने के बाद से महिला की हालत और भी ज्यादा गंभीर हो गई है।