ज्योति मर्डर केस: चालान में कुछ ऐसा, चौंक जाएंगे आप
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- ज्योति, रामकुमार व कई अन्य आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन वारदात वाले दिन साथ थी।
- चंडीमंदिर टोल प्लाजा की डिटेल्स में साफ है कि वारदात वाली रात ट्रक पंचकूला आया, जिससे ज्योति का सिर कुचला गया।
- ज्योति का गर्भपात कराने के समय भरे गए फार्म पर रामकुमार चौधरी के साइन मैच हो चुके हैं। हालांकि इन साइन को काटकर दूसरे साइन किए गए थे, लेकिन फार्म पर पहले किए साइन से चौधरी के साइन मैच हैं।
- ज्योति की बहन ने कोर्ट में कहा था कि ज्योति ने बताया था कि रामकुमार के साथ उसके संबंध हैं और दोनों शादी करेंगे।
- ज्योति की बहन की शादी में रामकुमार चौधरी की तस्वीर भी साबित करती है कि ज्योति और रामकुमार एक साथ रहे हैं।
- ज्योति के पिता बूटी राम ने भी कोर्ट में ज्योति और रामकुमार के रिश्ते के बारे में बताया था।
- ज्योति की हत्या के बाद के डाटा डिलीट करके घग्गर नदी में मोबाइल फेंक दिया गया था। मोबाइल रिकवर होने के बाद जो डाटा रीट्राइव हुआ, उसमें पाया गया कि रामकुमार ने एक बार दो दिन में ज्योति को 40 फोन कॉल्स की थी।
- ज्योति के मोबाइल से रामकुमार व उसकी पत्नी व एक जन्मदिन पार्टी की तस्वीरें भी मिली थीं।
खून और बालों की जांच रिपोर्ट
इस रिपोर्ट में सामने आया कि मौका-ए-वारदात से मिला खून ज्योति के कपड़ों से मिले खून के साथ मैच करता है। हालांकि, वारदात में इस्तेमाल हुई कार के सीट कवर पर खून के धब्बों के बारे स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
बालों की जांच रिपोर्ट
इस रिपोर्ट में सामने आया कि ज्योति के स्वेटर पर जो बाल मिला है, वह किसी इंसान का है, लेकिन यह पता नहीं चल पाया है कि यह किसके हैं? पुलिस ने मुख्य आरोपी राम कुमार चौधरी, गुरमीत व परमजीत के बालों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे।
ये भेजे गए थे जांच के लिए
पंचकूला पुलिस ने सीसीटीवी का डाटा प्ले करने, वारदात में इस्तेमाल हुई गाड़ी से मिले बाल का मिलान करने व कार के सीट कवर जांच के लिए सीएफएसएल भेजे थे।
चंडीगढ़ के जिस नर्सिंग होम में ज्योति का गर्भपात कराया गया था, उसकी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग डिलीट करा दी गई थी, लेकिन पुलिस ने डाटा स्टोरेज डिवाइस को रिकवर कर मधुबन लैब भेजा था।
डिलीट हुआ डाटा वहां रीट्राइव तो हो गया था, लेकिन प्ले नहीं हुआ था। उसे प्ले कराने के लिए भी डाटा को सीएफएसएल भेजा गया था, लेकिन यह अब तक नहीं चल पाया।
मैच हुए सैंपल, दोनों जगहों पर ज्योति का खून
बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में सीएफएसएल चंडीगढ़ की रिपोर्ट में ज्योति के कपड़ों और मौके से मिले खून के सैंपल मैच कर गए हैं। दोनों सैंपलों में पाया गया कि दोनों जगह ज्योति का ही खून है।
इससे पुलिस केस को मजबूती मिली। ज्योति के स्वेटर से मिले बाल के बारे में कहा गया है कि यह किसी इंसान का बाल है।
लेकिन किसका है, यह स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में सप्लीमेंट्री चालान दे दिया है और सोमवार को सेशन कोर्ट में यह दाखिल हो सकता है।
इससे पहले कोर्ट ने इस केस की सुनवाई के दौरान पिछले दिनों सीएफएसएल चंडीगढ़ के डायरेक्टर को नोटिस देकर सभी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने के आदेश दिए थे और अब सैंपलों की रिपोर्ट आई है।
क्या है ज्योति मर्डर केस का मामला
चंडीगढ़ में बतौर पीजी रहने वाली होशियारपुर की ज्योति का शव बीते वर्ष 22 नवंबर 2012 को पंचकूला के सेक्टर-21 में सड़क पर मिला था। उसके चेहरे पर गाड़ी चढ़ाकर पहचान मिटाने की कोशिश भी की गई थी।
ज्योति का बाकी सामान तो था, लेकिन दोनों मोबाइल फोन नहीं मिले। इस मामले में युवती के पिता बूटी राम ने दून के विधायक राम कुमार चौधरी पर आरोप लगाए। इसके बाद विधायक राम कुमार और उनके साथी गुरमीत, धर्मपाल और परमजीत सिंह पर हत्या, धोखाधड़ी और एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
ज्योति के कपड़ों और मौके से मिले खून के सैंपल मैच
बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में सीएफएसएल चंडीगढ़ से रिपोर्ट आने के बाद मंगलवार को सेशन कोर्ट में सप्लीमेंटरी चालान पेश किया गया। इसमें सामने आया कि ज्योति के स्वेटर पर मिला बाल किसी पुरुष का ही है, लेकिन सैंपल ऐसा है कि इससे ज्यादा डिटेल्स बता पाना मुश्किल है।
अब कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए चार जुलाई की तारीख तय की है। साथ ही सीएफएसएल चंडीगढ़ की दो साइंटिस्ट व एसएचओ सेक्टर-5 थाना को समन जारी कर पेश होने के लिए कहा है।
वहीं, ज्योति के कपड़ों और मौके से मिले खून के सैंपल मैच हो चुके हैं, जिससे पुलिस के केस को और मजबूती मिली, जबकि मुख्य आरोपी हिमाचल के विधायक रामकुमार चौधरी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ‘अमर उजाला’ ने एक जुलाई के अंक में ही यह खबर प्रकाशित करके अपने पाठकों को अवगत करा दिया था।
स्पेशल कोड से चल सकती है फुटेज
नर्सिंग होम से रिवकर किए गए डीवीआर से 268 वीडियो फुटेज रिट्राइव हुई थी। इनके बारे जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि इन्हें वीएलसी फोर पर स्पेशल कोड तय करके चलाया जा सकता है, जो रिपोर्ट में इंगित किया गया है।
हालांकि, पुलिस केस के मुताबिक ज्योति को अगस्त में नर्सिंग होम लाया गया था, लेकिन रिट्राइव हुआ डाटा सितंबर का है। कोर्ट ने रिपोर्ट और सप्लीमेंटरी चालान पर बयान दर्ज कराने के लिए सीएफएसएल से डा. द्विवेदी, साइंटिस्ट बायोलोजी सुनीता और एसएचओ इंस्पेक्टर मुनीष को चार जुलाई को कोर्ट में तलब किया है।