ज्योति मर्डर केस: दूसरे दिन ही पलटे 9 आरोपी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में खुद को बेकसूर बताने वाले नौ आरोपियों ने केस से डिसचार्ज करने वाली अर्जियां मंगलवार को वापस ले ली।
सोमवार को बचाव पक्ष की तरफ से चार अर्जियां कोर्ट में दायर की गई थी, जिसमें नौ आरोपियों को बेकसूर बताते हुए सीआरपीसी 313 के तहत बयान न दर्ज कराने की गुहार लगाई गई थी।
इन अर्जियों पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने प्रोसिक्यूशन को नोटिस देते हुए मंगवार का दिन तय किया था। अब मंगलवार को बचाव पक्ष ने सभी अर्जियां वापस ले ली। चूंकि अर्जियां वापस हो चुकी हैं तो जवाब देने की भी जरूरत नहीं है। वारदात में विधायक राम कुमार चौधरी सहित कुल 12 आरोपी हैं। केस पर सुनवाई के लिए अगली तारिख एक जुलाई तय की गई है।
केस में बनेंगी अभी नई गवाहियां
सीआरपीसी 313 के तहत आरोपियों के बयान कोर्ट में उस वक्त दर्ज होते हैं, जब कोर्ट प्रोसिक्यूशन एविडेंस बंद कर देती है। जबकि अभी इस वारदात में पुलिस की तरफ से एविडेंस बंद नहीं हुई है।
हालांकि प्राथमिक 87 गवाहियां हो चुकी हैं, लेकिन इस केस में अभी नई गवाहियां बनेंगी। क्योंकि सीएफएसएल से तीन सैंपल की जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है। जब वह रिपोर्ट आएंगी, वह जांच करने वाले लैब के एक्सपर्ट व रिपोर्ट रिसिव कर कोर्ट में दाखिल करने वाले पुलिस कर्मियों के भी तो बयान होंगे।
चूंकि अभी प्रोसिक्यूशन एविडेंस बंद नहीं हुई तो केस से डिस्चार्ज करने वाली अर्जी का भी कोई औचित्य नहीं रह जाता।
इन आरोपियों ने लगाई थी अर्जी
पुलिस केस में वारदात में इस्तेमाल हुए ट्रक के चालक तिलक राज ने अर्जी लगाई थी। जिसमें कहा है कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उसकी मोबाइल टावर लोकेशन भी फ्रेबरिकेट की गई है।
पुलिस केस में राम कुमार चौधरी के साथ वारदात वाले दिन मौजूद परमजीत उर्फ पम्मा ने भी अर्जी में कहा था कि उसके खिलाफ भी कोई सबूत नहीं है।
तीसरी अर्जी कमलजीत, निर्मल, बलजीत व राम कुमार चौधरी के भाई हरभजन चौधरी की तरफ से लगाई गई थी। इन्होंने ने भी खुद के खिलाफ कोई सबूत न होते हुए बेकसूर बताया है। पुलिस केस में इन पर राम कुमार चौधरी को पनाह देने का आरोप है।
चौथी अर्जी आशीष, पंकज भंडारी व सतीश ने दायर की थी। इन पर पुलिस केस के मुताबिक चौधरी को फर्जी आईडी पर सिम बेचने का आरोप है।