आदमपुर उपचुनाव: भव्य बिश्नोई के पोस्टरों में JJP नेताओं की फोटो नहीं, कल अपने पत्ते दिल्ली में खोलेगी पार्टी
जजपा प्रधान महासचिव दिग्विजय चौटाला ने कहा कि सोमवार को डॉक्टर अजय चौटाला की अध्यक्षता में संसदीय बोर्ड की बैठक होगी। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह समेत वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। कुलदीप बिश्नोई के पोस्टर-बैनर पर जजपा नेताओं के फोटो न होने पर हैरानी है।
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आदमपुर उपचुनाव को लेकर भाजपा की गठबंधन सहयोगी जजपा सोमवार को अपने पत्ते खोलेगी। नई दिल्ली में सोमवार डेढ़ बजे पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई है। पार्टी नेतृत्व इसमें उपचुनाव को लेकर अपना रुख साफ करेगा। इधर, कुलदीप-भव्य बिश्नोई के पोस्टरों पर जजपा नेताओं के फोटो न होने से शीर्ष नेतृत्व हैरान है।
भव्य बिश्नोई भाजपा की तरफ से उम्मीदवार बनाए गए हैं। गठबंधन सहयोगी के नाते जजपा यही चाह रही कि उन्हें विश्वास में लेकर ही चुनाव लड़ा जाए, उनके नेताओं को भी तरजीह मिले लेकिन भजनलाल परिवार अपनी ही राह चल रहा है। भाजपा भी आदमपुर में इस परिवार के करिश्मे के सहारे ही कमल खिलाने की तैयारी में है। ऐसे में गठबंधन सहयोगी अब अपनी रणनीति तय करेगा।
जजपा प्रधान महासचिव दिग्विजय चौटाला ने कहा कि सोमवार को डॉक्टर अजय चौटाला की अध्यक्षता में संसदीय बोर्ड की बैठक होगी। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह समेत वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। कुलदीप बिश्नोई के पोस्टर-बैनर पर जजपा नेताओं के फोटो न होने पर हैरानी है।
हम गठबंधन में है, भाजपा आलाकमान उसे आगे बढ़ाना चाहता है। यह उपचुनाव अहम है, इसमें गठबंधन सहयोगी को भी उचित सम्मान मिलना चाहिए। जननायक जनता पार्टी का मजबूत आधार है। पिछले चुनाव में जितने वोट हमें मिले थे, वह रहेंगे ही। आदमपुर पर अजय चौटाला अंतिम फैसला लेंगे। पंचायत चुनाव पर भी चर्चा की जाएगी। कार्यकर्ताओं से भी राय ली गई है।
निर्दलीयों को दुष्यंत से आस
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि निर्दलीय विधायकों की भाजपा प्रभारी से मुलाकात उनका निजी मामला है। दुष्यंत चौटाला से ये सभी निर्दलीय विधायक बोलते हैं कि हमें आपसे ही आस है। वे काम की भी तारीफ करते हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ का रुख गठबंधन के प्रति सकारात्मक है। सभी विधायकों के हलकों में काम किए हैं।
पंचायत चुनाव पर ये बोले दिग्विजय
जिला इकाइयों को ही इस पर फैसला करना चाहिए। यह भाईचारे का चुनाव है। मैंने यही राय दी है कि भाईचारे का चुनाव भाईचारे के हिसाब से लड़ना चाहिए।