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कपूरथलाः जसकीरत हत्याकांड सुलझा, भाई निकला भाई का हत्यारा
ब्यूरो/अमर उजाला, कपूरथला
Updated Mon, 09 May 2016 11:47 AM IST
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कपूरथला का जसकीरत हत्याकांड पुलिस ने सुलझाया
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस के अनुसार जस्सी के ताया जसपाल सिंह का बेटा परविंदर सिंह उर्फ शैली ही अपहरण और हत्याकांड का मास्टर माइंड है। उसने अपने दो दोस्तों की मदद से हत्याकांड को अंजाम दिया। कपूरथला पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आईजी जालंधर रेंज लोकनाथ आंगरा ने पूरे मामले का खुलासा किया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर इनसे हत्या में बरामद कार, स्कूटी और मृतक जस्सी के बूट बरामद कर लिए गए हैं।
चाचा की तरक्की से जलता था शैली
आईजी आंगरा ने बताया कि कपूरथला के कैप्सन इंडस्ट्री के मालिक बलदेव सिंह के पोते 14 साल के जसकीरत सिंह उर्फ जस्सी की हत्या की योजना जस्सी के ताया जसपाल सिंह के बेटे परविंदर सिंह उर्फ शैली निवासी सेंट्रल टाउन ने काफी समय पहले रची थी।
वह अपने दादा बलदेव सिंह, चाचा नरिंदरजीत सिंह और चाचा जंगबीर सिंह के आर्थिक तौर पर सुदृढ़ होने और अपने पिता जसपाल सिंह के आर्थिक तौर पर पिछड़ने की वजह से जस्सी व उसके परिवार के साथ ईर्ष्या रखता था। शैली के पिता को व्यापार में काफी घाटा पड़ा था और उनका सब कुछ बिक चुका था। बलदेव अपने बेटे नरिंदरजीत और जंगबीर के साथ अलग रहते थे और इंडस्ट्री भी साथ चलाते थे। जसपाल सिंह अलग रहता था।
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चाचा की तरक्की से जलता था शैली
आईजी आंगरा ने बताया कि कपूरथला के कैप्सन इंडस्ट्री के मालिक बलदेव सिंह के पोते 14 साल के जसकीरत सिंह उर्फ जस्सी की हत्या की योजना जस्सी के ताया जसपाल सिंह के बेटे परविंदर सिंह उर्फ शैली निवासी सेंट्रल टाउन ने काफी समय पहले रची थी।
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वह अपने दादा बलदेव सिंह, चाचा नरिंदरजीत सिंह और चाचा जंगबीर सिंह के आर्थिक तौर पर सुदृढ़ होने और अपने पिता जसपाल सिंह के आर्थिक तौर पर पिछड़ने की वजह से जस्सी व उसके परिवार के साथ ईर्ष्या रखता था। शैली के पिता को व्यापार में काफी घाटा पड़ा था और उनका सब कुछ बिक चुका था। बलदेव अपने बेटे नरिंदरजीत और जंगबीर के साथ अलग रहते थे और इंडस्ट्री भी साथ चलाते थे। जसपाल सिंह अलग रहता था।
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फिरौती के पैसों से विदेश जाना चाहते थे तीनों आरोपी
कपूरथला का जसकीरत हत्याकांड पुलिस ने सुलझाया
- फोटो : अमर उजाला
अपनी इस ईर्ष्या के बारे में शैली ने अपने दोस्त राजविंदर सिंह ऊर्फ राजा निवासी हरनाम नगर और अर्शदीप सिंह गिल निवासी शालीमार एवेन्यू को बताया और जस्सी का अपहरण कर फिरौती में 30 लाख रुपये मांगने की योजना बनाई। तीनों दोस्त एक निजी स्कूल से कॉमर्स, मेडिकल और नॉन मेडिकल में 12वीं कक्षा के पेपर दे चुके थे। शैली और राजा विदेश जाने के लिए हरप्रीत अकादमी में आइलेट्स की कोचिंग ले रहे थे। जबकि अर्शदीप फ्री था।
आईजी ने बताया कि शैली अक्सर अपने दोस्तों से कहता था कि उसके चाचा के पास बहुत पैसे हैं, वह 30 लाख रुपये आसानी दे देंगे और हम तीनों आपस में पैसे बांटकर विदेश चले जाएंगे। इसी इरादे से शैली ने राजा को साथ लेकर अपने चाचा नरिंदरजीत और जंगबीर के घर आना-जाना शुरू कर दिया। इसी दौरान आरोपियों ने जसकीरत से अच्छे संबंध बना लिए।
दिखावे के लिए विरोध भी किया था
आईजी आंगरा ने बताया कि राजा बहुत ही क्रिमिनल माइंडेड युवक है। तीनों आरोपी जसकीरत कत्लकांड के विरोध में निकाले गए कैंडल मार्च में भी सबसे आगे थे और उसके बाद लगने वाले धरने में भी इनकी शमूलियत रही थी। आईजी ने कहा कि डीजीपी सुरेश अरोड़ा के निर्देश पर एआईजी काउंटर इंटेलीजेंस अमरजीत सिंह बाजवा, डीआईजी जालंधर रेंज राजिंदर सिंह और एसएसपी कपूरथला राजिंदर सिंह के नेतृत्व में गठित हाईलेवल एसआईटी ने मामले की जांच की।
इस दौरान एसपी जांच बलबीर सिंह भट्टी, एसपी मुख्यालय बहादुर सिंह सग्गू, डीएसपी सब-डिवीजन दलजीत सिंह ढिल्लों, सीआईए इंचार्ज रविंदर सिंह, एसएचओ सिटी सुक्खा सिंह, एसएचओ सदर सरवन सिंह बल, एसएचओ ढिलवां जरनैल सिंह, इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह और इंस्पेक्टर अंग्रेज सिंह मौजूद थे।
आईजी ने बताया कि शैली अक्सर अपने दोस्तों से कहता था कि उसके चाचा के पास बहुत पैसे हैं, वह 30 लाख रुपये आसानी दे देंगे और हम तीनों आपस में पैसे बांटकर विदेश चले जाएंगे। इसी इरादे से शैली ने राजा को साथ लेकर अपने चाचा नरिंदरजीत और जंगबीर के घर आना-जाना शुरू कर दिया। इसी दौरान आरोपियों ने जसकीरत से अच्छे संबंध बना लिए।
दिखावे के लिए विरोध भी किया था
आईजी आंगरा ने बताया कि राजा बहुत ही क्रिमिनल माइंडेड युवक है। तीनों आरोपी जसकीरत कत्लकांड के विरोध में निकाले गए कैंडल मार्च में भी सबसे आगे थे और उसके बाद लगने वाले धरने में भी इनकी शमूलियत रही थी। आईजी ने कहा कि डीजीपी सुरेश अरोड़ा के निर्देश पर एआईजी काउंटर इंटेलीजेंस अमरजीत सिंह बाजवा, डीआईजी जालंधर रेंज राजिंदर सिंह और एसएसपी कपूरथला राजिंदर सिंह के नेतृत्व में गठित हाईलेवल एसआईटी ने मामले की जांच की।
इस दौरान एसपी जांच बलबीर सिंह भट्टी, एसपी मुख्यालय बहादुर सिंह सग्गू, डीएसपी सब-डिवीजन दलजीत सिंह ढिल्लों, सीआईए इंचार्ज रविंदर सिंह, एसएचओ सिटी सुक्खा सिंह, एसएचओ सदर सरवन सिंह बल, एसएचओ ढिलवां जरनैल सिंह, इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह और इंस्पेक्टर अंग्रेज सिंह मौजूद थे।
यूं चला घटनाक्रम
कपूरथला में अगवा किए गए बच्चे की हत्या
- फोटो : फाइल फोटो
मार्च 2016 : परविंदर ने जसकीरत के साथ मेलजोल बढ़ाने के उद्देश्य से राजा और अर्शदीप सिंह को उससे मिलवाया।
27 मार्च 2016 : राजा शैली की स्कूटी लेकर जलौखाना चौक से एक मजदूर को घर का घास काटने के बहाने लाने के लिए निकला। उसने मुंह पर रुमाल बांधकर चश्मा लगाया हुआ था। गुरुद्वारा साहिब की बैकसाइड में राजा ने मजदूर को 500 रुपये एडवांस देकर फोन करने के लिए मोबाइल मांगा और छीनकर स्विच ऑफ करके अपने पास रख लिया।
8 से 10 अप्रैल : तीनों आरोपियों ने जसकीरत के ट्यूशन जाने वाले रास्तों की रेकी की।
11 अप्रैल : जसकीरत को अगवा करने के लिए राजा और शैली तीनों राजा की आई-20 कार में साथ निकले। शैली ने टोपी और चश्मा लगाया और लंदन होटल के पास स्कूटी पर आ रहे जस्सी को रोककर उससे लिफ्ट मांगी। वह उसे पीछे बैठाकर खुद स्कूटी चलाने लगा। राजा ने पहले ही सूआ, प्लास्टिक का बोरा, प्लास्टिक की डोरी और प्लास्टिक का लाल धागा कार में रख लिया था। शैली जस्सी को लेकर फत्तूढींगा रोड पर पीएयू के रिसर्च सेंटर के पास पहुंचा। वहां कार समेत खड़े राजा के पास जस्सी को छोड़कर शैली वहां से वापस आ गया। जस्सी को कार की पिछली सीट पर बैठाकर राजा ने उसे रुमाल सूंघाकर बेहोश कर दिया। जस्सी की छाती पर बैठकर राजा ने रस्सी से उसका गला घोंटा। शैली ने पांच दिन के लिए तीन हजार रुपये में शहीद ऊधम सिंह नगर डोगरांवाली मोड में एक घर किराये पर लिया था। इसी में जसकीरत के शव को बोरे में ईंटों के साथ बांधकर रख दिया गया। शैली जस्सी की स्कूटी को हमीरा जीटी रोड पर पुल के नीचे खड़ी करके सुभानपुर आ गया। वहां पर राजा और अर्शदीप उसे कार में लेकर कपूरथला की तरफ चले। रास्ते में अर्शदीप ने मजदूर से लूटे मोबाइल से जस्सी के पिता नरिंदरजीत को फोन कर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इसके बाद तीनों आरोपी राजा की दुकान से अपने फोन लेकर श्री स्टेट गुरुद्वारा साहिब कपूरथला आकर पाठ और सेवा करने लगे। यहां पर शैली को जसकीरत की माता का उसके अगवा होने संबंधी फोन आया। इस पर शैली और राजा जसकीरत के घर पहुंचे और परिजनों के साथ जस्सी को ढूंढने लगे।
12 अप्रैल : सुबह राजा ने अर्शदीप से फोन पर बात की और अपनी आई-20 कार (पीबी-29एस-2218) में जस्सी के शव वाली बोरी को डिक्की में रखकर गोइंदवाल साहिब की ओर चल पड़े और फतेहाबाद के पास फाटक क्रास झाड़ियों में बोरी को फेंक दिया।
13 अप्रैल- गांव फतेहाबाद जिला तरनतारन के इलाके में रोड किनारे जसकीरत का शव मिला
27 मार्च 2016 : राजा शैली की स्कूटी लेकर जलौखाना चौक से एक मजदूर को घर का घास काटने के बहाने लाने के लिए निकला। उसने मुंह पर रुमाल बांधकर चश्मा लगाया हुआ था। गुरुद्वारा साहिब की बैकसाइड में राजा ने मजदूर को 500 रुपये एडवांस देकर फोन करने के लिए मोबाइल मांगा और छीनकर स्विच ऑफ करके अपने पास रख लिया।
8 से 10 अप्रैल : तीनों आरोपियों ने जसकीरत के ट्यूशन जाने वाले रास्तों की रेकी की।
11 अप्रैल : जसकीरत को अगवा करने के लिए राजा और शैली तीनों राजा की आई-20 कार में साथ निकले। शैली ने टोपी और चश्मा लगाया और लंदन होटल के पास स्कूटी पर आ रहे जस्सी को रोककर उससे लिफ्ट मांगी। वह उसे पीछे बैठाकर खुद स्कूटी चलाने लगा। राजा ने पहले ही सूआ, प्लास्टिक का बोरा, प्लास्टिक की डोरी और प्लास्टिक का लाल धागा कार में रख लिया था। शैली जस्सी को लेकर फत्तूढींगा रोड पर पीएयू के रिसर्च सेंटर के पास पहुंचा। वहां कार समेत खड़े राजा के पास जस्सी को छोड़कर शैली वहां से वापस आ गया। जस्सी को कार की पिछली सीट पर बैठाकर राजा ने उसे रुमाल सूंघाकर बेहोश कर दिया। जस्सी की छाती पर बैठकर राजा ने रस्सी से उसका गला घोंटा। शैली ने पांच दिन के लिए तीन हजार रुपये में शहीद ऊधम सिंह नगर डोगरांवाली मोड में एक घर किराये पर लिया था। इसी में जसकीरत के शव को बोरे में ईंटों के साथ बांधकर रख दिया गया। शैली जस्सी की स्कूटी को हमीरा जीटी रोड पर पुल के नीचे खड़ी करके सुभानपुर आ गया। वहां पर राजा और अर्शदीप उसे कार में लेकर कपूरथला की तरफ चले। रास्ते में अर्शदीप ने मजदूर से लूटे मोबाइल से जस्सी के पिता नरिंदरजीत को फोन कर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इसके बाद तीनों आरोपी राजा की दुकान से अपने फोन लेकर श्री स्टेट गुरुद्वारा साहिब कपूरथला आकर पाठ और सेवा करने लगे। यहां पर शैली को जसकीरत की माता का उसके अगवा होने संबंधी फोन आया। इस पर शैली और राजा जसकीरत के घर पहुंचे और परिजनों के साथ जस्सी को ढूंढने लगे।
12 अप्रैल : सुबह राजा ने अर्शदीप से फोन पर बात की और अपनी आई-20 कार (पीबी-29एस-2218) में जस्सी के शव वाली बोरी को डिक्की में रखकर गोइंदवाल साहिब की ओर चल पड़े और फतेहाबाद के पास फाटक क्रास झाड़ियों में बोरी को फेंक दिया।
13 अप्रैल- गांव फतेहाबाद जिला तरनतारन के इलाके में रोड किनारे जसकीरत का शव मिला