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जसकीरत मर्डरः पुलिस के हाथ लगे सबूत, ‘मंत्री जी’ की मुश्किलें बढ़ेंगी
ब्यूरो/अमर उजाला, कपूरथला
Updated Mon, 18 Apr 2016 03:57 PM IST
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अपहरण के बाद जसकीरत की हत्या
- फोटो : फाइल फोटो
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कपूरथला के उद्योगपति के बेटे जसकीरत सिंह उर्फ जस्सी के अपहरण और हत्या की गुत्थी सुलझाने की तरफ पुलिस ने कदम बढ़ा दिए हैं। इस मामले में पुलिस उस मंत्री जी के करीब-करीब पहुंच गई है, जिसने नाम पर तीस लाख की फिरौती मांगी गई थी। एसएसपी बस इतना कह रहे हैं कि जांच चल रही है, बहुत जल्द ठोस सुबूतों के साथ खुलासा करेंगे। सोमवार शाम जस्सी करीब पौने पांच बजे ग्रे कलर की स्कूटी (पीबी-09ए-9848) पर रोज एवेन्यू से रोजाना की तरह जर्मनी दास पार्क में ट्यूशन जाने के लिए निकला था।
चारबत्ती चौक के पास एक दुकानदार के सीसीटीवी की फुटेज में तो जस्सी स्कूटी पर जाता दिख रहा है, लेकिन उससे आगे सीसीटीवी में उसके गुजरने की कुछ धुंधली फुटेज सामने आई है। कॉलेज रोड से ऑफिसर कालोनी, जहां पर वह रोज अपने एक दोस्त को ट्यूशन पर साथ ले जाने के लिए पहुंचता था, बिल्कुल सुनसान एरिया है। जहां पर एक भी सीसीटीवी नहीं है। ऐसे में उसके इसी क्षेत्र से गायब होने की संभावनाएं जताई जा रही है। शनिवार सुबह पुलिस ने इस एरिया को भी खंगाला है।
इस मामले में बनी एसआईटी ने जस्सी हत्याकांड में शक के आधार पर कुछ लोगों को राउंडअप किया है, लेकिन पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही। इन लोगों में एक वह व्यक्ति भी है, जिसके हवाले से सियासी व्यक्ति का नाम लेकर फिरौती मांगकर पुलिस को गुमराह किया गया था। हालांकि अभी तक फिरौती वाली बात को पुलिस सिरे से खारिज कर रही है, क्याेंकि सोमवार शाम 6:29 मिनट के बाद से दोबारा फिरौती की कोई कॉल नहीं आई है।
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राउंडअप किए लोगों में कुछ आपराधिक पृष्ठभूमि के बताए जा रहे हैं, जिनका पुराना रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है। एसएसपी राजिंदर सिंह ने कहा कि राउंड अप करने का दौर तो पहले से जारी है। पुलिस जांच में जुटी हुई है। इस केस के बारे में कुछ भी बताना जल्दबाजी होगा। बहुत जल्द ठोस सुबूतों के साथ इस मामले का खुलासा करेंगे।
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चारबत्ती चौक के पास एक दुकानदार के सीसीटीवी की फुटेज में तो जस्सी स्कूटी पर जाता दिख रहा है, लेकिन उससे आगे सीसीटीवी में उसके गुजरने की कुछ धुंधली फुटेज सामने आई है। कॉलेज रोड से ऑफिसर कालोनी, जहां पर वह रोज अपने एक दोस्त को ट्यूशन पर साथ ले जाने के लिए पहुंचता था, बिल्कुल सुनसान एरिया है। जहां पर एक भी सीसीटीवी नहीं है। ऐसे में उसके इसी क्षेत्र से गायब होने की संभावनाएं जताई जा रही है। शनिवार सुबह पुलिस ने इस एरिया को भी खंगाला है।
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इस मामले में बनी एसआईटी ने जस्सी हत्याकांड में शक के आधार पर कुछ लोगों को राउंडअप किया है, लेकिन पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही। इन लोगों में एक वह व्यक्ति भी है, जिसके हवाले से सियासी व्यक्ति का नाम लेकर फिरौती मांगकर पुलिस को गुमराह किया गया था। हालांकि अभी तक फिरौती वाली बात को पुलिस सिरे से खारिज कर रही है, क्याेंकि सोमवार शाम 6:29 मिनट के बाद से दोबारा फिरौती की कोई कॉल नहीं आई है।
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राउंडअप किए लोगों में कुछ आपराधिक पृष्ठभूमि के बताए जा रहे हैं, जिनका पुराना रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है। एसएसपी राजिंदर सिंह ने कहा कि राउंड अप करने का दौर तो पहले से जारी है। पुलिस जांच में जुटी हुई है। इस केस के बारे में कुछ भी बताना जल्दबाजी होगा। बहुत जल्द ठोस सुबूतों के साथ इस मामले का खुलासा करेंगे।
24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज करने वाले एसएचओ पर नरम एसएसपी
अपहरण के बाद जसकीरत की हत्या
- फोटो : फाइल फोटो
उद्योगपति के बेटे जसकीरत सिंह उर्फ जस्सी के अपहरण और हत्या मामले में पुलिस की लापरवाही लगातार सामने आई है। जस्सी के अगवा होने और हाईअलर्ट के बावजूद आरोपियों की ओर से उसे आसानी से जिले की सीमा से बाहर ले जाना पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई की ओर इशारा करता है। वहीं 11 अप्रैल की शाम को 4:45 बजे जस्सी के घर से निकलने और 6:29 बजे फिरौती की कॉल आने के बाद परिजनों की ओर से तत्काल थाना सिटी को सूचना देने के बावजूद एफआईआर 12 अप्रैल को दर्ज की गई।
इसके बावजूद जिला पुलिस प्रमुख राजिंदर सिंह लापरवाही दिखाने वाले एसएचओ इंस्पेक्टर सुक्खा को क्लीन चिट दे रहे हैं। थाना सिटी में दर्ज एफआईआर में घटना की सूचना तो 11 अप्रैल की शाम को अंकित है, लेकिन थाना सिटी में आकर परिजनों की ओर से सूचना देने की तिथि 12 अप्रैल दर्शाई गई है। उसमें भी काफी कुछ गलत लिखा हुआ है। 11 अप्रैल को परिजनों की सूचना के बाद ही एसएसपी राजिंदर सिंह ने पंजाब में अलर्ट करने का दावा किया था।
इस पर भी एसएचओ इंस्पेक्टर सुक्खा सिंह ने उसी दिन एफआईआर दर्ज करने की जहमत तक नहीं उठाई। थाना सिटी प्रभारी इंस्पेक्टर सुक्खा सिंह ने पहले कहा कि उसी दिन एफआईआर दर्ज कर दी थी, लेकिन अगले ही पल 12 अप्रैल को एफआईआर दर्ज करने की बात कह दी। वहीं एसएसपी राजिंदर सिंह ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। यह सब उनके नोटिस में है। परिजनों के बयानों पर ही पर्चा दर्ज किया गया है। जब उनसे एफआईआर में 12 अप्रैल को परिजनों के आने का लिखा होने के बारे में कहा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। थाना सिटी पुलिस ने कोई लापरवाही नहीं बरती है।
इसके बावजूद जिला पुलिस प्रमुख राजिंदर सिंह लापरवाही दिखाने वाले एसएचओ इंस्पेक्टर सुक्खा को क्लीन चिट दे रहे हैं। थाना सिटी में दर्ज एफआईआर में घटना की सूचना तो 11 अप्रैल की शाम को अंकित है, लेकिन थाना सिटी में आकर परिजनों की ओर से सूचना देने की तिथि 12 अप्रैल दर्शाई गई है। उसमें भी काफी कुछ गलत लिखा हुआ है। 11 अप्रैल को परिजनों की सूचना के बाद ही एसएसपी राजिंदर सिंह ने पंजाब में अलर्ट करने का दावा किया था।
इस पर भी एसएचओ इंस्पेक्टर सुक्खा सिंह ने उसी दिन एफआईआर दर्ज करने की जहमत तक नहीं उठाई। थाना सिटी प्रभारी इंस्पेक्टर सुक्खा सिंह ने पहले कहा कि उसी दिन एफआईआर दर्ज कर दी थी, लेकिन अगले ही पल 12 अप्रैल को एफआईआर दर्ज करने की बात कह दी। वहीं एसएसपी राजिंदर सिंह ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। यह सब उनके नोटिस में है। परिजनों के बयानों पर ही पर्चा दर्ज किया गया है। जब उनसे एफआईआर में 12 अप्रैल को परिजनों के आने का लिखा होने के बारे में कहा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। थाना सिटी पुलिस ने कोई लापरवाही नहीं बरती है।