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नपुंसकता केस: राम रहीम के खिलाफ नई FIR
हितेश चतुर्वेदी/अमर उजाला, सिरसा
Updated Mon, 05 Jan 2015 10:18 PM IST
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने डेरे में साधुओं को नपुंसक बनाए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। इससे पहले भी डेरा सच्चा सौदा का विवादों से चोली दामन का साथ रहा है। डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा पर साध्वी यौन शोषण, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और रणजीत हत्याकांड का केस सीबीआई कोर्ट में विचाराधीन है। अब अहम बात यह है कि पांचों मामलों में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की जांच से असंतुष्ट होकर जांच सीबीआई को सौंपी है।
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साध्वी यौन शोषण से शुरू हुआ विवाद
डेरा सच्चा सौदा वर्ष मई 2002 से विवादों में आना शुरू हो गया था। मई 2002 में डेरा सच्चा सौदा में रहने वाली एक साध्वी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा था।
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इसमें उन्होंने डेरा प्रमुख पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए 24 सितंबर 2002 को मामले की जांच सीबीआई के हवाले कर दी थी। जांच के बाद सीबीआई ने डेरा प्रमुख पर यौन शोषण का केस दर्ज कर लिया था। यह मामला सीबीआई कोर्ट में विचाराधीन है।
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पत्रकार छत्रपति की हत्या
साध्वी यौन शोषण से संबंधित समाचार प्रकाशित करने वाले पत्रकार रामचंद्र छत्रपति पर डेरा श्रद्धालुओं ने 24 अक्तूबर 2002 को गालियां चलाईं। पुलिस चौकी के पास हुए इस हमले के दो आरोपियों को खैरपुर चौकी पुलिस ने मौके से ही दबोच लिया था।
हमले में गंभीर रूप से घायल हुए रामचंद्र को पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया था। यहां कुछ दिन इलाज करने के बाद उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया था। वहां 21 नवंबर 2002 को उनकी मौत हो गई थी। हत्या करवाने का आरोप डेरा प्रमुख पर लगा था। बाद में हाईकोर्ट ने 10 नवंबर 2003 को पत्रकार छत्रपति और डेरे के पूर्व प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले की जांच सीबीआई के हवाले कर दी। यह दोनों मामले भी सीबीआई कोर्ट में विचाराधीन हैं।
फकीरचंद मामले में भी हुई एफआईआर
हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 22 फरवरी 2010 को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख पर एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद 27 फरवरी 2010 को डेरा श्रद्धालुओं ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बसों को आग लगाना शुरू कर दिया। सिरसा जिले में तीन बसों को फूंक दिया गया था।
अब साधुओं को नपुंसक बनाने पर केस
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह ने साध्वियों की सुरक्षा के लिए अच्छे-भले लोगों को नपुंसक बनवा दिया। इस बात का खुलासा डेरे के ही एक पूर्व साधु हंसराज चौहान ने किया। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें भी डेरे के ही अस्पताल में ऑपरेशन कर नपुंसक बना दिया गया। हंसराज चौहान ने 17 जुलाई 2012 को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कहा था कि डेरा प्रमुख ने उन जैसे करीब 400 युवाओं को ‘भगवान के दर्शन’ के नाम पर नपुंसक बनाया है। उन्होंने 166 लोगों की नाम सहित सूची भी सार्वजनिक की है।
हाईकोर्ट के आदेश पर शिकायतकर्ता हंसराज का चिकित्सीय परीक्षण भी हो चुका है। याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के जस्टिस के. कानन ने प्रदेश सरकार को जांच के आदेश दिए थे।
सरकार को जांच के लिए एक माह का समय दिया गया था।
17 दिसंबर 2014 को सरकार ने जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी। सरकार के जवाब से असंतुष्ट न्यायाधीश ने कड़ी फटकार लगाते हुए तल्ख टिप्पणियां कीं और 23 दिसंबर 2014 को इस मामले की जांच भी सीबीआई को सौंप दी। सोमवार को सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।