{"_id":"5b2b23ed4f1c1b684d8b7883","slug":"illegal-sand-mining-in-mohali-deadly-attack-on-forest-officer","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहालीः वन अधिकारियों पर हमला करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, चौंकाने वाला खुलासा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मोहालीः वन अधिकारियों पर हमला करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, चौंकाने वाला खुलासा
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 21 Jun 2018 09:35 AM IST
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ब्लॉक ऑफिसर पर हमले के आरोपी
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न्यू चंडीगढ़ मुल्लांपुर स्थित गांव स्यूंक में जंगलात विभाग के ब्लॉक अफसर व अन्य अधिकारियों पर हमला करने के केस को जिला पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो लोग अभी फरार बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी अवैध तरीके से रेत बेचने का काम करते थे।
आरोपियों के पहचान सतप्रीत सिंह, सतविंद्र सिंह उर्फ हैप्पी, जगजीत सिंह उर्फ जग्गा और इंद्रजीत सिंह उर्फ इंदा के रूप में हुई है। ये सारे वहीं के रहने वाले हैं। पकड़े गए सारे लोग डेयरी व खेती से जुड़े काम करते थे। जबकि लवप्रीत सिंह व अमृत सिंह अभी तक फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों की ट्रैक्टर ट्राली व आई-20 कार बरामद कर ली है।
एसएसपी कुलदीप सिंह ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि हमले की सूचना के बाद सीआईए व थाने की टीम मामले की जांच में जुटी थी। इस मामले में जो आई-20 का प्रयोग हुआ है वह लवप्रीत सिंह के नाम और ट्रैक्टर अमृत सिंह के नाम पर है। आरोपी खेती करते हैं। वे जंगली एरिया से रेत निकालते थे। साथ ही ग्राहकों को बेचते थे।
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एसएसपी ने कहा कि उन्होंने जिला माइनिंग डिपार्टमेंट और फारेस्ट विभाग के अधिकारियों से पूछा है कि क्या जंगली एरिया में रेत निकाला जा सकता है। एसएसपी ने कहा कि मुल्लांपुर गरीबदास में कोई भी माइनिंग साइट नहीं है। सारा इलाका जंगली एरिया के अधीन आता है। इसके बाद भी वहां पर अवैध खनन किया जा रहा था।
हालत में नहीं हुआ कोई सुधार
डीसी गुरप्रीत कौर सपरा ने कहा कि दविंदर सिंह को अभी भी पीजीआई में ऑब्जर्वेशन पर रखा गया है। अभी तक उसकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ है। पता चला है कि दविंदर के हाथ में थोड़ी सी मूवमेंट थी, लेकिन अभी तक उसकी हालत स्थित बनी हुई है।
ऐसे हुआ था हमला
सोमवार व मंगलवार देर रात गांव स्यूंक में सड़क पर जंगलात विभाग के ब्लॉक अफसर दविंदर सिंह की अगुवाई में टीम ने नाका लगाया था। टीम को गुप्त सूचना थी कि कुछ लोग विभाग के क्षेत्र वाली जमीन से रेत की चोरी कर रहे हैं। रात के समय ट्रॉलियां भर कर ले जाते हैं। जैसे ही टीम ने रात को नाके पर से गुजर रही एक रेत से भरी ट्रॉली को रोक कर चेकिंग करनी चाही तो कार में आए कुछ हमलावरों ने तेजधार हथियारों से विभाग की टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में ब्लॉक अफसर दविंदर सिंह गंभीर रूप में घायल हो गए। वह अब पीजीआई चंडीगढ़ में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमले में करनैल सिंह बेलदार आदि भी घायल हुए थे।
आरोपी तीन दिन के रिमांड पर
एसएचओ बिक्रमजीत सिंह बराड़ ने बताया कि पुलिस स्टेशन मुल्लांपुर गरीबदास में वन गार्ड राजिंद्र सिंह के बयानों पर इस हमले संबंधी कुल 6 लोगों पर केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने चार हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को बुधवार अदालत में पेश किया गया जिन्हें अदालत ने 23 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस रिमांड दौरान उनसे और पूछताछ की जाएगी। बाकी दो हमलावर लवप्रीत सिंह तथा अमृत सिंह अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है।
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आरोपियों के पहचान सतप्रीत सिंह, सतविंद्र सिंह उर्फ हैप्पी, जगजीत सिंह उर्फ जग्गा और इंद्रजीत सिंह उर्फ इंदा के रूप में हुई है। ये सारे वहीं के रहने वाले हैं। पकड़े गए सारे लोग डेयरी व खेती से जुड़े काम करते थे। जबकि लवप्रीत सिंह व अमृत सिंह अभी तक फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों की ट्रैक्टर ट्राली व आई-20 कार बरामद कर ली है।
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एसएसपी कुलदीप सिंह ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि हमले की सूचना के बाद सीआईए व थाने की टीम मामले की जांच में जुटी थी। इस मामले में जो आई-20 का प्रयोग हुआ है वह लवप्रीत सिंह के नाम और ट्रैक्टर अमृत सिंह के नाम पर है। आरोपी खेती करते हैं। वे जंगली एरिया से रेत निकालते थे। साथ ही ग्राहकों को बेचते थे।
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एसएसपी ने कहा कि उन्होंने जिला माइनिंग डिपार्टमेंट और फारेस्ट विभाग के अधिकारियों से पूछा है कि क्या जंगली एरिया में रेत निकाला जा सकता है। एसएसपी ने कहा कि मुल्लांपुर गरीबदास में कोई भी माइनिंग साइट नहीं है। सारा इलाका जंगली एरिया के अधीन आता है। इसके बाद भी वहां पर अवैध खनन किया जा रहा था।
हालत में नहीं हुआ कोई सुधार
डीसी गुरप्रीत कौर सपरा ने कहा कि दविंदर सिंह को अभी भी पीजीआई में ऑब्जर्वेशन पर रखा गया है। अभी तक उसकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ है। पता चला है कि दविंदर के हाथ में थोड़ी सी मूवमेंट थी, लेकिन अभी तक उसकी हालत स्थित बनी हुई है।
ऐसे हुआ था हमला
सोमवार व मंगलवार देर रात गांव स्यूंक में सड़क पर जंगलात विभाग के ब्लॉक अफसर दविंदर सिंह की अगुवाई में टीम ने नाका लगाया था। टीम को गुप्त सूचना थी कि कुछ लोग विभाग के क्षेत्र वाली जमीन से रेत की चोरी कर रहे हैं। रात के समय ट्रॉलियां भर कर ले जाते हैं। जैसे ही टीम ने रात को नाके पर से गुजर रही एक रेत से भरी ट्रॉली को रोक कर चेकिंग करनी चाही तो कार में आए कुछ हमलावरों ने तेजधार हथियारों से विभाग की टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में ब्लॉक अफसर दविंदर सिंह गंभीर रूप में घायल हो गए। वह अब पीजीआई चंडीगढ़ में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमले में करनैल सिंह बेलदार आदि भी घायल हुए थे।
आरोपी तीन दिन के रिमांड पर
एसएचओ बिक्रमजीत सिंह बराड़ ने बताया कि पुलिस स्टेशन मुल्लांपुर गरीबदास में वन गार्ड राजिंद्र सिंह के बयानों पर इस हमले संबंधी कुल 6 लोगों पर केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने चार हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को बुधवार अदालत में पेश किया गया जिन्हें अदालत ने 23 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस रिमांड दौरान उनसे और पूछताछ की जाएगी। बाकी दो हमलावर लवप्रीत सिंह तथा अमृत सिंह अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है।