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बड़ा एक्शन: पंजाब में वरिष्ठ IAS अधिकारी संजय पोपली सचिव समेत गिरफ्तार, ठेकेदार से एक फीसदी कमीशन मांगने का आरोप
Tue, 21 Jun 2022 08:35 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 21 Jun 2022 08:35 AM IST
सार
विजिलेंस ने दावा किया कि पोपली ठेकेदार से शेष 3.5 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। शिकायतकर्ता ने फोन कॉल रिकॉर्ड किया और भ्रष्टाचार रोधी हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद यह कार्रवाई की गई।
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वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय पोपली
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार से जुड़े एक और मामले में पंजाब सरकार के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय पोपली को चंडीगढ़ और संजीव वत्स को जालंधर से गिफ्तार किया है। इन पर भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। विजिलेंस ने आरोपियों को मंगलवार को मोहाली की अदालत में पेश किया गया। दोनों आरोपियों को अदालत ने चार दिन की रिमांड पर भेज दिया है।
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विजिलेंस टीम आरोपियों को पेशी के लिए ले जाते हुए।
जानकारी के मुताबिक करनाल निवासी एक ठेकेदार ने पोपली के खिलाफ एंटी करप्शन हेल्पलाइन पर शिकायत दी थी। उनका आरोप था कि अधिकारी बिलों को क्लियर करने की एवज में एक फीसदी रिश्वत मांग रहे थे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के समय नवांशहर में सात करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना शुरू की गई थी।
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इसमें वह एक प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे। ठेकेदार ने 12 जनवरी को आईएएस अधिकारी के सचिव के रूप में तैनात अधीक्षक स्तर के अधिकारी संजीव वत्स के माध्यम से 3.5 लाख रुपये का भुगतान किया। विजिलेंस ने दावा किया कि पोपली ठेकेदार से शेष 3.5 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। शिकायतकर्ता ने फोन कॉल रिकॉर्ड किया और भ्रष्टाचार रोधी हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। पोपली ने पहले जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड का नेतृत्व किया था।
सात करोड़ का प्रोजेक्ट, सात लाख रुपये मांगा थी रिश्वत
नवांशहर के करियाम रोड व मुसापुर रोड पर 7 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज प्रोजेक्ट पर चल रहा है और प्रोजेक्ट का करीब 40 फीसदी काम पूरा हो चुका है। कुछ समय पहले तक सीवरेज बोर्ड में सीईओ के पद पर तैनात आईएएस संजय पोपली ने ठेकेदार संजय कुमार से एक फीसदी के हिसाब से सात लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार संजय कुमार ने बताया कि इसमें से साढे़ तीन लाख रुपये संजय पोपली को जनवरी 2022 में दे दिया था लेकिन अब कुछ समय से वह बाकी के साढे़ तीन लाख रुपये देने का दबाव बना रहे थे। आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही नवांशहर पहुंची तो काउंसिल दफ्तर में हलचल मच गई, क्योंकि सारा मामला नवांशहर में चल रहे काम से जुड़ा है।