कोर्ट में मुजरिम ने पत्नी के पैर पकड़ मांगी माफी
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अदालतों से अपराधियों को सजा और माफी देने के बारे में आपने भी पढ़ा-सुना होगा, लेकिन शुक्रवार को जिला अदालत में शिकायतकर्ता पत्नी ने ऐसी दरियादिली दिखाई कि जज को भी आरोपी के प्रति नरमी बरतनी पड़ी।
पति पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज था, लेकिन मसला घर बसने और उजड़ने का था। इसलिए जज ने कोर्ट रूम में ही आरोपी को पत्नी के पैर पकड़कर माफी मांगने की सजा सुनाई और भरी अदालत में माफी मांगने के बाद बरी कर दिया। साथ ही चेतावनी दी कि यह अंतिम माफी होगी।
यदि आगे से शिकायत आई तो कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। गौरतलब है कि आईपीसी की धारा 307 के तहत दर्ज मामले में सात साल से लेकर फांसी तक की सजा है।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता महिला ने कोर्ट से सुलह कराने की गुहार लगाई। दलील दी कि आरोपी उसका पति है। अगर उसे सजा हो जाती है तो परिवार बिखर जाएगा और उसका भविष्य खराब हो जाएगा। इसके बाद जज ने नरमी बरती और परिवार टूटने से बचाने के लिए आरोपी पति को बरी कर दिया।
पत्नी पर चाकू से ताबड़तोड़ किए थे 11 वार
जज ने कहा-बेटी की तरह विदा करो: कोर्ट ने शिकायतकर्ता के वकील से कहा कि महिला अपने टूटते परिवार को बचाने के लिए फिर से पति के साथ रहना चाहती है। वह नई शुरुआत करने जा रही है, इसलिए उसे बेटी की तरह विदा करो।
‘मां की सेवा की बजाय कोर्ट तक ले आए’: केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में पीड़िता की मां भी मौजूद थीं और उनकी आंखों से आंसू छलक रहे थे। उन्हें रोता देखकर जज ने आरोपी से कहा ‘तुम्हें शर्म आनी चाहिए। मां की सेवा करने की बजाय उन्हें इस उम्र में कोर्ट के चक्कर कटवा रहे हो।’
शिकायत के अनुसार यह वारदात पिछले साल चार नवंबर की सुबह को हुई थी। आईटी पार्क स्थित ऑफिस से नाइट शिफ्ट के बाद घर लौट रही कार सवार पत्नी पर सेक्टर-27/28/29/30 चौक के पास आरोपी ने तेजधार चाकू से ताबड़तोड़ हमले किए थे। आरोपी ने उस पर करीब 11 वार किए। महिला लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। वहां से गुजर रहे अन्य राहगीरों ने वारदात की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने महिला को तुरंत सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच अस्पताल पहुंचाया। वहीं थाना पुलिस ने हमलावर को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था।
आरोपी का कामकाज न करना बना था झगड़े का कारण:
दोनों की करीब 10 साल पहले शादी हुई थी। उनका नौ वर्षीय एक बेटा भी है। आरोपी शादी के बाद से ही कोई कामकाज नही करता था,जिसके चलते वह पत्नी से पैसों के लिए झगड़ा और मारपीट कर रहा था। इससे तंग आकर पत्नी खरड़ स्थित अपने परिजनों के पास रहने लगी।