मुठभेड़ के बाद हरियाणा का कुख्यात बदमाश गिरफ्तार, 15 हत्याओं का है आरोप, 4.60 लाख का इनाम भी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब पुलिस ने हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर अक्षय पहलवान (19) को पकड़कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। अक्षय पहलवान पर 15 हत्या के मामले समेत इरादा कत्ल, लूट, वाहनों की लूट तथा डकैती समेत 35 मामले दर्ज हैं। अक्षय की हरियाणा पुलिस को काफी समय से तलाश थी। हरियाणा में बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले गैंगस्टर अक्षय पहलवान पर लगभग साढ़े चार लाख रुपये का इनाम है।
रोपड़ पुलिस ने नूरपुरबेदी के गांव ढाहां से अक्षय को पकड़ा है। जिले के एसएसपी स्वप्न शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उन्हें अक्षय पहलवान के नूरपुरबेदी में होने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर रविवार शाम को पुलिस गैंगस्टर को पकड़ने के लिए मुस्तैद हुई। अक्षय की पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई जिसमें सात राउंड फायर भी हुए ।
उन्होंने बताया कि अक्षय को पकड़ने के लिए 10-12 पुलिसकर्मी गए थे। इस दौरान अक्षय खेतों में भाग गया। पुलिस ने गैंगस्टर अक्षय का खेतों में ढाई किलोमीटर तक पीछा कर उसे पकड़ा। इस दौरान अक्षय नंगे पैर भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने गैंगस्टर अक्षय पहलवान से तीन देसी पिस्तौल और गोलियां भी बरामद की हैं।
एसएसपी ने कहा कि गैंगस्टर हथियार लेने के लिए ही यहां आया था और पुरानी रंजिश के चलते सोनीपत निवासी एक व्यक्ति को मारने की फिराक में था। पकड़ा गया अक्षय पंजाब, राजस्थान तथा हरियाणा के तीन गैंग से जुड़ा था और 15 हत्या, डकैती और हाईवे डकैती के 20 मामलों में वांछित था। हालांकि पुलिस ने उसे कब पकड़ा और कितनी देर मुठभेड़ चली इस बारे में जानकारी नहीं दी।
एसएसपी ने बताया कि अक्षय के जेल में बंद कैदियों से संबंध हैं। यह सोनीपत निवासी राजू बिसोदी और जेल में बंद लारेंस बिश्नोई से जुड़ा है। अक्षय सुपारी लेकर हत्याएं करता था। उसने लारेंस बिश्नोई के गिरोह के साथ मिलकर चार कत्ल और छह हाईवे डकैतियां की हैं। जबकि मार्च 2017 में जेल से बाहर आने के बाद 10 हाईवे डकैतियां कीं, जिसमें लगभग 50 लाख रुपये लूटे।
सितंबर 2015 में सोनीपत में तीन कत्ल के मामलों को लेकर यह 18 महीने तक जेल में रहा। जबकि नाबालिग होने के कारण यह 2017 से जमानत पर था। इसके बाद अक्षय ने सोनीपत के भीड़भाड़ वाले इलाके में पिता और पुत्र का सरेआम बेरहमी से कत्ल कर दिया था, जबकि जनवरी 2018 में राजस्थान के राजगढ़ में कोर्ट रूम में ही दो व्यक्तियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इसके बाद इसने जून 2018 में अपने विरोधी जोरडन को भी गोली मार दी थी। अक्षय ज्यादा गोलियां मारकर कत्ल करने पर गर्व महसूस करता था। यह यूपी बॉर्डर पर स्थित 93 गांवों में मावेशी ले जाने वालों से पांच सौ रुपये प्रति मावेशी गुंडा टैक्स वसूलता था।
15 वर्ष की आयु में किया था पहला कत्ल
अक्षय पहलवान ने 15 साल की आयु में पहला कत्ल किया था और चार साल में उसने तीन दर्जन से भी ज्यादा बड़ी वारदात को अंजाम दिया। एसएसपी ने बताया कि अक्षय पहलवान पर हरियाणा सरकार ने चार लाख रुपये, जबकि राजस्थान सरकार ने 60 हजार रुपये इनाम रखा है।
पुलिस ने अक्षय को गांव ढाहा से पकड़ा। यह गांव गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह बाबा का है। इसी गांव के गैंगस्टर पिंदरी के अक्षय के साथ संबंधों को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।