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हिला देगा ठगी का ये मामला, एक ही नाम पर एक को सेना में नौकरी, दूसरा पंच बना
ब्यूरो/अमर उजाला, खोल(हरियाणा)
Updated Thu, 12 Oct 2017 03:21 PM IST
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fraud for employment
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ठगी का ये मामला जानकर हिल जाएंगे। एक ही नाम और एक ने सेना में नौकरी ली और दूसरा गांव में सरपंच बन गया। सेना में नौकरी वाला डीएमसी में भी नौकरी पूरी कर आया। मामला हरियाणा के खोल का है। गांव निमोठ में दो भाइयों ने यह ठगी की। अब आरटीआई में हुए खुलासे के बाद पुलिस ने गांव निमोठ निवासी जगदीश की शिकायत पर दोनों भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
डहीना पुलिस चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि निमोठ गांव निवासी जगदीश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने आरटीआई के माध्यम से सेना में नौकरी करके लौटे गांव के रामचंद्र के बारे में जानकारी मांगी थी। आरटीआई में खुलासा हुआ कि रामचंद्र अपने छोटे भाई बिरेंद्र के सर्टिफिकेट पर सेना में वर्ष 1985 में भर्ती हुआ और वर्ष 2003 में वह सेवानिवृत्त होकर लौटा। इसके बाद 2006 से लेकर 2017 तक उसने डीएमसी में नौकरी की।
वहीं उसका भाई इस बिरेंद्र वर्ष 2010-2015 तक ग्राम पंचायत निमोठ का सदस्य रहा है। असल में रामचंद्र अपने छोटे भाई बिरेंद्र के सर्टिफिकेट से सेना में भर्ती हुआ था। पुलिस के अनुसार रामचन्द्र ने धोखाधड़ी से जहां सेना में नौकरी करते हुए केंद्र से वेतन लिया। वहीं पेंशन भी ले रहा है जबकि बिरेंद्र ने गांव में पंच रहते हुए हरियाणा सरकार से वेतन लिया है। पुलिस ने जांच के बाद रामचंद्र और बिरेंद्र दोनों भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
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डहीना पुलिस चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि निमोठ गांव निवासी जगदीश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने आरटीआई के माध्यम से सेना में नौकरी करके लौटे गांव के रामचंद्र के बारे में जानकारी मांगी थी। आरटीआई में खुलासा हुआ कि रामचंद्र अपने छोटे भाई बिरेंद्र के सर्टिफिकेट पर सेना में वर्ष 1985 में भर्ती हुआ और वर्ष 2003 में वह सेवानिवृत्त होकर लौटा। इसके बाद 2006 से लेकर 2017 तक उसने डीएमसी में नौकरी की।
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वहीं उसका भाई इस बिरेंद्र वर्ष 2010-2015 तक ग्राम पंचायत निमोठ का सदस्य रहा है। असल में रामचंद्र अपने छोटे भाई बिरेंद्र के सर्टिफिकेट से सेना में भर्ती हुआ था। पुलिस के अनुसार रामचन्द्र ने धोखाधड़ी से जहां सेना में नौकरी करते हुए केंद्र से वेतन लिया। वहीं पेंशन भी ले रहा है जबकि बिरेंद्र ने गांव में पंच रहते हुए हरियाणा सरकार से वेतन लिया है। पुलिस ने जांच के बाद रामचंद्र और बिरेंद्र दोनों भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
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