आखिर, कब, कैसे और क्या हुआ कयामत की उस रात?
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ट्रांसपोर्ट एरिया में हुई दर्दनाक घटना के प्रत्यक्षदर्शी विजय सिंह ने बताया कि ट्रक चालक का मजदूरों से दो बार झगड़ा हुआ। पहली बार झगड़ा रात करीब साढ़े नौ बजे हुआ। ट्रक चालक और उसके दो सहयोगी रात नौ बजे ट्रांसपोर्ट एरिया पहुंचे थे। ट्रक पार्क करने के बाद तीनों शराब पीने लगे। वे काफी शोर मचा रहे थे।
फुटपाथ पर सोने वाले मजदूरों ने जब ऐसा करने से मना किया तो वे हाथापाई पर उतर आए। विवाद में ट्रक चालक ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। सूचना पर लोग इकट्ठे हो गए और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। इसके आधे घंटे बाद फिर वे झगड़ने आ गए। हालांकि लोगों ने फिर उन्हें समझाकर शांत कराया।
इसके बाद ट्रक चालक और उसके दो सहयोगी ट्रक में जाकर सो गए और मजदूर नेट के नीचे टाट बिछाकर सो गए। रात को अचानक चीख-पुकार मचने पर देखा कि ट्रक चालक फुटपाथ पर लोगों को रौंदता हुआ जा रहा था। डस्टबिन से टकराकर तेज आवाज के साथ ट्रक रुक गया। आसपास खून बिखरा हुआ था। कुछ लोग दर्द से चीख रहे थे। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
वारदात की टाइम लाइन: रविवार रात
09.00 बजे : ट्रक ड्राइवर अपने दो साथियों के साथ पहुंचा।
09.30 बजे : ट्रक चालक और मजदूरों के बीच विवाद शुरू हुआ।
9:42 बजे : ट्रांसपोर्टरों और आसपास के लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करवा दिया
10.00 बजे : बजे दोबारा ट्रक चालक और उसके दो साथियों ने मजदूरों से झगड़ा किया
10.30 बजे : लोगों ने फिर दोनों के बीच हो रहे विवाद को शांत करवाया
11.00 बजे : मेथी बेचने वाले और मजदूर सोने के लिए चले गए
12.45 बजे : ट्रक चालक उठा और ट्रक को स्टार्ट किया
01.00 बजे : चालक ने साथियों के साथ सो रहे लोगों के ऊपर ट्रक को चढ़ाया
01.03 बजे : लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया
01.10 बजे : कंट्रोल रूम को सूचना पर पीसीआर और बापूधाम पुलिस चौकी से पुलिस पहुंची
01.30 बजे : पुलिस घायलों को लेकर पीजीआई पहुंची
टायर बयां कर रहे पूरी कहानी
ट्रांसपोर्ट एरिया में रात एक से डेढ़ के बीच हुई दर्दनाक घटना की कहानी ट्रक (एचआर-37-बी-3415) के टायर बयां कर रहे हैं। घटना के बाद सेक्टर-26 थाना पुलिस ने ट्रक को बजे में ले लिया।
ट्रक के टायर ध्यान से देखे जाएं तो साफ पता चलता है कि ट्रक के अगले दाहिने टायर के नीचे से आने से पांच लोगों की मौत हुई है। क्योंकि ट्रक के दाहिने टायर के ऊपर कई जगह खून के निशान हैं।
वहीं मौके पर भी ट्रक के टायर के निशान मिले हैं। सीएफएसएल ने भी मौके पर बिखरे खून और ट्रक के टायरों के सैंपल लिए हैं। रिपोर्ट में साफ हो जाएगा कि खून के निशान मृतकों के ही हैं।
कुंडी लगाकर ट्रांसपोर्टर गायब
घटना के बाद से ही ट्रांसपोर्ट का मालिक ‘जमींदारा’ ऑफिस में कुंडी लगाकर गायब है। पुलिस ट्रक चालक की हिस्ट्री जानने के लिए ट्रांसपोर्ट के मालिक को तलाश रही है। ट्रांसपोर्ट एरिया में जमींदारा का ऑफिस नंबर 14 है। वहां सोमवार को पूरा दिन कुंडी लगी रही।
अस्पताल में तड़पते रहे घायल
घायल तीनों मजदूर सेक्टर-32 के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। घायलों के दोस्तों का आरोप है कि पुलिस तीनों को पीजीआई में भर्ती कराने के बाद लौट गई। इसके बाद वहां से तीनों को सेक्टर-32 के अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां देर शाम किसी डाक्टर ने उनका हाल नहीं पूछा।
जबकि वह इलाज के लिए पूरा दिन अस्पताल स्टाफ के चक्कर काटते रहे। शाम चार बजे तक घायलों को देखने कोई नहीं पहुंचा। सेक्टर-32 अस्पताल में कुशी नगर निवासी राघव तिवारी, गोरखपुर निवासी उपेंद्र कुमार और गोरखपुर निवासी उमरेश कुमार भर्ती है।
कार पार्किंग में हैवी व्हीकल
ट्रांसपोर्ट एरिया में जिस जगह रविवार रात घटना हुई वह कार पार्किंग है। सवाल है कि कार पार्किंग में किसकी मंजूरी से हैवी व्हीकल खड़े हो रहे हैं। सोमवार रात भी दो हैवी व्हीकल खड़े मिले। मजदूरों को कहना था कि इन्हें रोकना चंडीगढ़ स्पोर्ट्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का काम है। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।