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खुशप्रीत के पिता के साथ 7 लाख की धोखाधड़ी
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 19 Dec 2013 12:55 PM IST
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बुडैल निवासी खुशप्रीत के पिता ने वहां पर ही टेंट और कैटरिंग का कारोबार करने वालों के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
शिकायत पर सेक्टर-34 पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मालूम हो कि 5 साल की मासूम खुशप्रीत की साल 2010 में अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी।
खुशप्रीत के पिता लखबीर सिंह ने बुड़ैल में सदाशिव नाम से टेंट और कैटरिंग का कारोबार चलाने वाले राजेंद्र सिंह और उसकी पत्नी रुक्मणि, योगेश कुमार और अन्य के खिलाफ प्रॉपर्टी दिलवाने के नाम पर सात लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार, लखबीर सिंह की भी बुड़ैल में दुकान हैं। उनकी दुकान के साथ राजेंद्र की भी दुकान है। राजेंद्र ने लखबीर को खरड़ स्थित अमन सिटी में 5 मरले की कोठी दिखाई।
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शिकायतकर्ता के अनुसार, राजेंद्र ने उस कोठी की कीमत करीब 35 लाख बताई थी। लखबीर के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में उसे सात लाख दे दिए और राजेंद्र ने उन्हें इन रुपयों की रसीद भी दी।
राजेंद्र सिंह सेक्टर-18 स्थित प्रिटिंग प्रेस में भी काम करता है। इसके बाद शिकायतकर्ता को पता चला कि यह कोठी तो किसी और के नाम है।
लखबीर को बाद में यह भी पता चला कि आरोपी राजेंद्र ने उक्त कोठी की रजिस्ट्री अपनी पत्नी रुक्मणि के नाम पर करवा ली। बाद में जब उसने राजेंद्र से पैसे मांगे तो वह टाल मटोल करने लगा।
उल्टा वह लखबीर की दुकान पर जाकर उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा। इसके चलते लखबीर ने अगस्त में आरोपी की शिकायत पुलिस मुख्यालय में दी और फिर इसकी जांच सेक्टर-34 थाने के एएसआई सेवा सिंह को सौंपी।
जांच अधिकारी ने मामले की जांच के बाद आरोपी राजेंद्र, उसकी पत्नी रुक्मणि, योगेश कुमार और 4 अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी व धमकियां देने का मामला दर्ज कर सभी की तलाश शुरू कर दी।
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शिकायत पर सेक्टर-34 पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मालूम हो कि 5 साल की मासूम खुशप्रीत की साल 2010 में अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी।
खुशप्रीत के पिता लखबीर सिंह ने बुड़ैल में सदाशिव नाम से टेंट और कैटरिंग का कारोबार चलाने वाले राजेंद्र सिंह और उसकी पत्नी रुक्मणि, योगेश कुमार और अन्य के खिलाफ प्रॉपर्टी दिलवाने के नाम पर सात लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है।
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पुलिस के अनुसार, लखबीर सिंह की भी बुड़ैल में दुकान हैं। उनकी दुकान के साथ राजेंद्र की भी दुकान है। राजेंद्र ने लखबीर को खरड़ स्थित अमन सिटी में 5 मरले की कोठी दिखाई।
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शिकायतकर्ता के अनुसार, राजेंद्र ने उस कोठी की कीमत करीब 35 लाख बताई थी। लखबीर के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में उसे सात लाख दे दिए और राजेंद्र ने उन्हें इन रुपयों की रसीद भी दी।
राजेंद्र सिंह सेक्टर-18 स्थित प्रिटिंग प्रेस में भी काम करता है। इसके बाद शिकायतकर्ता को पता चला कि यह कोठी तो किसी और के नाम है।
लखबीर को बाद में यह भी पता चला कि आरोपी राजेंद्र ने उक्त कोठी की रजिस्ट्री अपनी पत्नी रुक्मणि के नाम पर करवा ली। बाद में जब उसने राजेंद्र से पैसे मांगे तो वह टाल मटोल करने लगा।
उल्टा वह लखबीर की दुकान पर जाकर उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा। इसके चलते लखबीर ने अगस्त में आरोपी की शिकायत पुलिस मुख्यालय में दी और फिर इसकी जांच सेक्टर-34 थाने के एएसआई सेवा सिंह को सौंपी।
जांच अधिकारी ने मामले की जांच के बाद आरोपी राजेंद्र, उसकी पत्नी रुक्मणि, योगेश कुमार और 4 अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी व धमकियां देने का मामला दर्ज कर सभी की तलाश शुरू कर दी।