पंजाब के फरीदकोट में आर्थिक तंगी से परेशान परिवार के चार सदस्यों ने किया आत्मदाह

राजीव शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब) Updated Sat, 17 Oct 2020 10:04 AM IST
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Dead body - फोटो : पिक्साबे

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सार

  • आर्थिक तंगी से परेशान परिवार था परिवार
  • मरने से पहले करीबी साथी को किया मैसेज
  • पहुंचने से पहले चारों की हो चुकी थी मौत
  • लॉकडाउन और शख्स को ठहराया जिम्मेदार

विस्तार

थाना सदर के गांव कलेर में ईंट भठ्ठे पर बतौर मुंशी कार्य करने वाले एक व्यक्ति ने शनिवार सुबह अपने घर में पत्नी, बेटी व बेटे के साथ मिट्टी का तेल छिड़ककर सामूहिक रूप से आत्मदाह कर लिया। हालांकि पुलिस जांच में अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आत्मदाह में व्यक्ति के बच्चों व पत्नी की सहमति थी या नहीं। मृतकों की पहचान मूल रूप से सीकर (राजस्थान) के गांव डुकिया निवासी धर्मपाल (40), उसकी पत्नी सीमा (36), बेटी मोनिका (16) व बेटे हितेष कुमार (13) के रूप में हुई।
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यह खौफनाक कदम उठाने से पहले धर्मपाल ने अपने एक करीबी साथी सुरेश को मोबाइल पर मैसेज भेजकर जानकारी दे दी थी। जब वह मैसेज पढ़कर उसके घर पहुंचा, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। धर्मपाल ने आत्मदाह से पहले सुसाइड नोट भी लिखा है। नोट में उसने अपने परिवार की मौत के लिए लॉकडाउन के साथ-साथ बठिंडा जिले के शंटी नामक उस ईंट भठ्ठा मालिक को भी जिम्मेदार ठहराया है, जिसके पास वह कुछ साल पहले काम करता था।
इस मामले में पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शवगृह में रखवाकर मृतक के परिवार को सूचित कर दिया है। धर्मपाल पिछले कुछ साल से गांव कलेर में परिवार समेत रह रहा था और इसी गांव में ढुड़ी रोड पर स्थित ईंट भठ्ठे पर बतौर मुंशी काम करता था। बताया जा रहा है कि कोरोना के कारण लंबे समय तक लगे लॉकडाउन से ठप हुए कामकाज और वर्तमान में काम न मिलने के कारण धर्मपाल काफी परेशान चल रहा था।
इसी परेशानी के कारण शनिवार को सुबह उसने परिवार के साथ आत्मदाह कर लिया। धर्मपाल के करीबी साथी सुरेश ने बताया कि सुबह 4 बजे जब वह उठा तो धर्मपाल का मोबाइल पर भेजा गया मैसेज पढ़ा। जिसमें उसने परिवार समेत खुदकुशी करने की बात लिखी थी। वह तुरंत उसके घर की तरफ दौड़ा, लेकिन उसके घर का दरवाजा बंद था और छत से धुआं निकल रहा था। पड़ोसियों को साथ लेकर जब उन्होंने दरवाजा खोला तो मंजर दिल दहलाने वाला था।
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पत्नी, बेटी व बेटे की सहमति से उठाया गया कदम

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