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RTI में हुआ ‘सरबजीत’ के बारे में विदेश मंत्रालय की सोच का खुलासा

Mon, 04 Jul 2016 09:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा।
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा। Updated Mon, 04 Jul 2016 09:28 AM IST
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foreign Ministry big disclousement about pakistan prisoner sarabjit
sarabjit - फोटो : getty images
पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में पाकिस्तानी कैदियों के हाथों मारा गया सरबजीत सिंह एक छोटा स्मगलर था। यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने एक आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में दी है। 
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भारतीय विदेश मंत्रालय से बठिंडा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता हरमिलाप ग्रेवाल ने आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी कि पाकिस्तान की लाहौर जेल में मारे गए सरबजीत सिंह के बारे में आप के विभाग के पास क्या जानकारी है।
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इसके जवाब में विदेश मंत्रालय ने बताया कि सरबजीत सिंह 29 अगस्त 1990 की रात को भारत से पाकिस्तान में दाखिल होते समय कसूर बॉर्डर के पार पाकिस्तानी सेना के हाथ लग गया था। उसका भारतीय सुरक्षा एजेंसी के साथ कोई संबंध नहीं था। इसके अलावा जवाब में बताया गया है कि सरबजीत सिंह एक छोटा तस्कर था ।
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गौरतलब है कि सरबजीत सिंह को पाकिस्तान में रॉ का एजेंट होने और पाकिस्तान में हिंसक वारदातें करने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी। इसके चलते वह लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद था। वहीं पाकिस्तानी कैदियों के साथ झगडे़ में उसकी कुछ समय पहले मौत हो गई थी।


इसके बाद पंजाब विधान सभा में एक मता पास कर सरबजीत सिंह को शहीद मानकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई थी। पंजाब सरकार ने सरबजीत के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और उनकी बेटी को सरकारी नौकरी देने का एलान किया था। इसके अलावा हाल ही में सरबजीत सिंह आधारित एक फिल्म भी बनाई गई है। विदेश मंत्रालय की ओर से सरबजीत सिंह को लेकर आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में किए गए खुलासे के बाद एक नया विवाद खड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।
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