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मोहालीः दस साल पहले कार में जला मिला था प्रॉपर्टी डीलर का शव, मामले के पांचों आरोपी बरी
Thu, 13 Feb 2020 10:35 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, मोहाली
अमर उजाला, मोहाली
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 13 Feb 2020 10:35 AM IST
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करीब दस साल पहले पंचकूला निवासी प्रॉपर्टी डीलर सुरेश कुमार की सिसवां-बद्दी रोड पर कार में जली हुई लाश मिली थी। इस मामले में हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। बुधवार को सबूतों के अभाव में अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। वहीं, मृतक के परिवार ने कहा कि उन्हें अभी इंसाफ नहीं मिला है। वह इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की शरण लेंगे।
बरी किए गए आरोपियों में राज कुमार, मोहिंदरपाल, हरजिंदर सिंह, गुरविंदर सिंह उर्फ गुरु और कमल शामिल हैं। रोपड़ पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच की थी। इसमें आईपीसी की धारा 302 हत्या, 201 302 (हत्या), 201 (सबूतों का विनाश) और 120-बी (आपराधिक) के तहत केस दर्ज किया गया था। मिली जानकारी के मुताबिक सुरेश कुमार (26) निवासी मनसा देवी सेक्टर-4 पंचकूला के रहने वाला था।
27 नवबंर, 2010 को उसका शव कार में जला हुआ मिला था और हाथ-पैर बांधे हुए थे। शव को देखने से लग रहा था कि हत्या की गई है। पुलिस ने हत्या और सबूत मिटाने की धारा के तहत केस दर्ज किया था। एडवोकेट और मृतक के भाई दविदंर लुबाना ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। वह अब इस मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की शरण लेंगे। उन्होंने इस मामले में पहले ही लंबी जंग लड़ी है। जब उनके भाई का शव मिला था तो उसके हाथ और टांग बांधी हुई थी।
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ऐसे में यह साफ हो जाता है कि यह हादसा नहीं था। यह पूरी प्लानिंग से की गई हत्या ही थी।
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बरी किए गए आरोपियों में राज कुमार, मोहिंदरपाल, हरजिंदर सिंह, गुरविंदर सिंह उर्फ गुरु और कमल शामिल हैं। रोपड़ पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच की थी। इसमें आईपीसी की धारा 302 हत्या, 201 302 (हत्या), 201 (सबूतों का विनाश) और 120-बी (आपराधिक) के तहत केस दर्ज किया गया था। मिली जानकारी के मुताबिक सुरेश कुमार (26) निवासी मनसा देवी सेक्टर-4 पंचकूला के रहने वाला था।
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27 नवबंर, 2010 को उसका शव कार में जला हुआ मिला था और हाथ-पैर बांधे हुए थे। शव को देखने से लग रहा था कि हत्या की गई है। पुलिस ने हत्या और सबूत मिटाने की धारा के तहत केस दर्ज किया था। एडवोकेट और मृतक के भाई दविदंर लुबाना ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। वह अब इस मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की शरण लेंगे। उन्होंने इस मामले में पहले ही लंबी जंग लड़ी है। जब उनके भाई का शव मिला था तो उसके हाथ और टांग बांधी हुई थी।
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ऐसे में यह साफ हो जाता है कि यह हादसा नहीं था। यह पूरी प्लानिंग से की गई हत्या ही थी।
यह है पूरा मामला
प्रॉपर्टी डीलर सुरेश कुमार अपनी भाभी की बहन से शादी करना चाहता था। लेकिन उनके परिवार वाले उसकी शादी किसी और से करना चाहते थे। लड़की की शादी राज कुमार नाम के युवक से तय हो चुकी थी। सुरेश के परिवार ने पुलिस को बताया था कि 27 नवंबर, 2010 की रात सुरेश बद्दी के लिए निकला था। लेकिन वह अगली सुबह तक भी घर नहीं पहुंचा था।
इसके बाद उसका शव सिसवां-बद्दी रोड पर कार में जला हुआ मिला था। कार में से ज्वलनशील पदार्थ भी मिला था। इसके बाद पीड़ित परिवार ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली थी। इसके बाद सारे आरोपियों का नार्को टेस्ट करवाया गया था। इसके बाद परिवार वाले मोहाली पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे।
परिवार के आग्रह पर मामला रोपड़ पुलिस को शिफ्ट कर दिया गया था। सितंबर, 2015 में रोपड़ पुलिस ने सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। रोपड़ पुलिस ने राज कुमार और उसके पिता मोहिन्दरपाल का नार्को-टेस्ट लिया था। लेकिन टेस्ट निगेटिव आया था, इसके बावजूद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।
एक नजर में मामला
27 नवंबर 2010 - सुरेश बद्दी में शादी समारोह में शामिल होने गया था
28 नवंबर, 2010- सुरेश की जला हुआ शव कार से बद्दी सिसवां रोड पर मिला था।
17 नवंबर 2015 - रोपड़ पुलिस ने राज कुमार उसके पिता मोहिंदर पाल को अरेस्ट किया था, जबकि अन्य आरोपियों को कार में एफआईआर
12 फरवरी 2020 सारे आरोपी बरी कर दिए गए हैं।
इसके बाद उसका शव सिसवां-बद्दी रोड पर कार में जला हुआ मिला था। कार में से ज्वलनशील पदार्थ भी मिला था। इसके बाद पीड़ित परिवार ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली थी। इसके बाद सारे आरोपियों का नार्को टेस्ट करवाया गया था। इसके बाद परिवार वाले मोहाली पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे।
परिवार के आग्रह पर मामला रोपड़ पुलिस को शिफ्ट कर दिया गया था। सितंबर, 2015 में रोपड़ पुलिस ने सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। रोपड़ पुलिस ने राज कुमार और उसके पिता मोहिन्दरपाल का नार्को-टेस्ट लिया था। लेकिन टेस्ट निगेटिव आया था, इसके बावजूद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।
एक नजर में मामला
27 नवंबर 2010 - सुरेश बद्दी में शादी समारोह में शामिल होने गया था
28 नवंबर, 2010- सुरेश की जला हुआ शव कार से बद्दी सिसवां रोड पर मिला था।
17 नवंबर 2015 - रोपड़ पुलिस ने राज कुमार उसके पिता मोहिंदर पाल को अरेस्ट किया था, जबकि अन्य आरोपियों को कार में एफआईआर
12 फरवरी 2020 सारे आरोपी बरी कर दिए गए हैं।