फर्जी मुठभेड़: 'दागी' पुलिसवालों पर SC एक्ट भी
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जमालपुर की आहलुवालिया कॉलोनी में फर्जी मुठभेड़ में दो भाइयों की हत्या करने वाले आरोपियों के खिलाफ दर्ज केस में एससी एक्ट की धारा भी जोड़ दी गई है। पुलिस ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के वाइस चेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका के आदेश के बाद मंगलवार को यह धारा जोड़ी है।
सोमवार को ही पुलिस कमिश्नर प्रमोद बान को इस धारा को जोड़ने के आदेश दिए गए थे। मामले में माछीवाड़ा थाने के तीन मुलाजिम और तखरां गांव की सरपंच के पति मुख्यारोपी हैं। एसीपी साहनेवाल लखवीर सिंह टिवाना ने कहा कि अधिकारियों के आदेश पर सभी आरोपियों के खिलाफ अन्य धाराओं के साथ-साथ एससी एक्ट 1989 की धारा को भी जोड़ दिया गया है।
अब आरोपियों पर एससी एक्ट के तहत केस चलेगा। उन्होंने बताया कि मंगलवार को फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम दोबारा घटनास्थल पर गई थी। इस दौरान टीम ने वहां से फिंगर प्रिंट्स लिए हैं। पुलिस जांच में जुटी है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
पिस्तौल और एके 47 बरामद
पुलिस कमिश्नर प्रमोद बान ने कहा कि सगे भाइयों की हत्या के मामले में नामजद आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल और मुलाजिमों की ओर से ले जाई गई एके 47 बरामद कर ली है। दोनों हथियारों को जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस कमिश्नर प्रमोद बान ने बताया कि जाते समय मुलाजिमों ने जिस कागज पर अपनी रवानगी डाली थी, अगर उसमें एसएचओ मनजिंदर सिंह का नाम दर्ज हुआ तो पुलिस जांच के बाद एसएचओ को भी नामजद करेगी।