PGI रोहतक में पकड़ा गया तीसरा फर्जी डॉक्टर, गले में स्टेथोस्कोप डाल कोई भी करने लगता इलाज
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पीजीआईएमएस के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की मुस्तैदी के चलते शुक्रवार एक और फर्जी डॉक्टर को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर आरोपी डॉक्टर पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे पहले संस्थान में दो और फर्जी डॉक्टरों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था।
सूबे का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस इन दिनों फर्जी डॉक्टरों, दलालों की गिरफ्त में है। यहां स्टेथोस्कोप गले में डालकर कोई भी फर्जी डॉक्टर बनकर आ जाता है और अपने मरीज का उपचार करवाता है। ऐसा ही मामला शुक्रवार को सामने आया। मुख्य सुरक्षा अधिकारी के निर्देशों पर इन दिनों संस्थान में आने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति पर सुरक्षा गार्ड नजर रख रहे हैं। मुख्य सुरक्षा अधिकारी मेजर नीरज शर्मा ने बताया कि फर्जी डॉक्टर शुक्रवार को डेढ़ बजे करीब स्त्री रोग विभाग के कमरा नंबर 125 के बाहर खड़ा था।
गले में स्टेथोस्कोप डालकर कमरे के बाहर इंतजार कर रहे व्यक्ति को देखकर गार्डों को संदेह हुआ कि कोई डॉक्टर ऐसे बाहर इंतजार नहीं करता, वह अंदर जाकर डॉक्टर से बात करता है। इस पर ओपीडी में आए फर्जी डॉक्टर से बात की गई, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसकी सूचना गार्ड और ओपीडी सुपरवाइजर ने सुरक्षा कंट्रोल रूम में दी।
मौके पर एएसओ जयवीन शर्मा गए और फर्जी डॉक्टर को लेकर कंट्रोल रूम आ गए। यहां युवक ने पहले तो स्वयं को डॉक्टर साबित करने का प्रयास किया, लेकिन फंसता देख माफी मांगनी शुरू की। फर्जी डॉक्टर के साथ आई महिला अन्नू ने बताया कि वह तो उसे डॉक्टर ही समझती है, वह निजी अस्पताल में मिलता है। पकड़ा गया युवक इंजेक्शन लगाने के साथ ग्लूकोज आदि भी चढ़ाता है।
गौरतलब है कि पकडे़ गए युवक के पास डॉ. पीएस दलाल का विजिटिंग कार्ड मिला और इसके अलावा पुलिस का प्रशंसापत्र भी मिला है। बताया गया है कि आरोपी रोहतक के उत्तम विहार का रहने वाला है। इससे पहले संस्थान में दो और फर्जी डॉक्टर पकडे़ गए हैं, इसमें एक रोहतक से व एक चरखी दादरी से था। दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
पहचान पत्र और डॉक्टरों के लिए एप्रिन पहनना अनिवार्य करना बना वरदान
पीजीआईएमएस प्रशासन ने संस्थान के कर्मचारियों के लिए और डॉक्टरों के लिए पहचान पत्र रखना और एप्रिन पहनना अनिवार्य किया हुआ है। यही नियम सुरक्षा गार्डों के लिए वरदान बना हुआ है। इसके माध्यम से वह फर्जी लोगों पर निगाह रखते हैं।
बोले अधिकारी
संस्थान में आने वाले मरीज किसी के बहकावे में न आएं। जल्दी दिखाने या सीनियर डॉक्टर से उपचार कराने का दावा करने वाले दलालों से बचें। यदि कोई ऐसा कहकर गुमराह कर रहा है तो उसकी शिकायत प्रशासन को करें। संस्थान में शरारती तत्व आते हैं जो भोले भाले मरीजों को ठगते हैं, इनकी सूचना प्रशासन से जरूर करें। शुक्रवार को तीसरा फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया है। - डॉ. संदीप, डीएमएस, पीजीआईएमएस
फर्जी डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा। -नायब सिंह थाना प्रभारी पीजीआई, रोहतक।