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ड्रंकन ड्राइव में 2 बार पकड़े स्टूडेंट को कोर्ट ने प्रोबेशन पर छोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Thu, 26 May 2016 11:28 AM IST
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शराब पीकर गाड़ी चलाना
- फोटो : डेमो फोटो
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एक ही हफ्ते में दो बार ड्रंकन ड्राइव में पकड़े जाने पर 6 महीने की सजा पाने वाले सेक्टर-26 स्थित कॉलेज के बीकॉम स्टूडेंट को बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 6 महीने तक अच्छे आचरण की शर्त पर प्रोबेशन पर छोड़ दिया। हालांकि, आरोपी की 6 महीने तक ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड रखने और 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा को बरकरार रखा गया है। वहीं, अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाने से पहले स्टूडेंट को पूरे दिन अदालत में खड़ा रखा।
दोपहर बाद फैसला सुनाने से पहले अदालत ने मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि, सीजेएम कोर्ट द्वारा होली के दिन सामने आए ड्रंकन ड्राइव के मामलों में सुनाई गई सजा समाज के ऐसे लोगों के लिए सख्त संदेश थी, जो शराब पीकर वाहन चलाते हैं। अदालत ने कहा कि, शराब समाज के चुनिंदा लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा हो सकती है, लेकिन इससे किसी ओर की जिंदगी भी जा सकती है। इसके साथ ही अदालत ने स्टूडेंट को शराब पीकर कभी गाड़ी न चलाने की नसीहत दी।
बता दें कि इसी साल होली के अगले दिन सीजेएम कोर्ट ने ड्रंकन ड्राइव के मामलों में सख्ती दिखाते हुए बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स से लेकर नौकरीपेशा लोगों तक को जेल भेजा था। सीजेएम कोर्ट ने 33 लोगों को 1-1 महीने की सजा सुनाई थी। साथ ही 6-6 महीने के लिए उनके ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किए थे और 2-2 हजार रुपये जुर्माना किया था। यूटी पुलिस ने होली पर शहर भर में लगाए नाकों पर ड्रंकन ड्राइविंग के 107 चालान काटे थे।
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इन्हीं में बीकॉम का वह स्टूडेंट भी था। हालांकि उसका चालान होली से एक दिन पहले हुआ था। लेकिन, उसे एक ही सप्ताह में दूसरी बार ड्रंकन ड्राइव में पकड़ा गया था। सीजेएम कोर्ट ने उसे 6 महीने की सजा सुनाई थी। इस पर स्टूडेंट ने अपना फ्यूचर खराब होने की बात कही तो सीजेएम ने कहा था कि, ‘तुम्हें सिर्फ अपने फ्यूचर की है। तुम स्वार्थी हो। देश के फ्यूचर का क्या? तुम जैसे ड्रंकन ड्राइवरों की वजह से लोग जिन त्योहारों को पहले मिलकर मनाते थे, उन्हें वह अब केवल घर में मनाते हैं। ऐसे पर्व पर लोग अब डर के कारण घर से बाहर नहीं निकलते।
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दोपहर बाद फैसला सुनाने से पहले अदालत ने मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि, सीजेएम कोर्ट द्वारा होली के दिन सामने आए ड्रंकन ड्राइव के मामलों में सुनाई गई सजा समाज के ऐसे लोगों के लिए सख्त संदेश थी, जो शराब पीकर वाहन चलाते हैं। अदालत ने कहा कि, शराब समाज के चुनिंदा लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा हो सकती है, लेकिन इससे किसी ओर की जिंदगी भी जा सकती है। इसके साथ ही अदालत ने स्टूडेंट को शराब पीकर कभी गाड़ी न चलाने की नसीहत दी।
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बता दें कि इसी साल होली के अगले दिन सीजेएम कोर्ट ने ड्रंकन ड्राइव के मामलों में सख्ती दिखाते हुए बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स से लेकर नौकरीपेशा लोगों तक को जेल भेजा था। सीजेएम कोर्ट ने 33 लोगों को 1-1 महीने की सजा सुनाई थी। साथ ही 6-6 महीने के लिए उनके ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किए थे और 2-2 हजार रुपये जुर्माना किया था। यूटी पुलिस ने होली पर शहर भर में लगाए नाकों पर ड्रंकन ड्राइविंग के 107 चालान काटे थे।
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इन्हीं में बीकॉम का वह स्टूडेंट भी था। हालांकि उसका चालान होली से एक दिन पहले हुआ था। लेकिन, उसे एक ही सप्ताह में दूसरी बार ड्रंकन ड्राइव में पकड़ा गया था। सीजेएम कोर्ट ने उसे 6 महीने की सजा सुनाई थी। इस पर स्टूडेंट ने अपना फ्यूचर खराब होने की बात कही तो सीजेएम ने कहा था कि, ‘तुम्हें सिर्फ अपने फ्यूचर की है। तुम स्वार्थी हो। देश के फ्यूचर का क्या? तुम जैसे ड्रंकन ड्राइवरों की वजह से लोग जिन त्योहारों को पहले मिलकर मनाते थे, उन्हें वह अब केवल घर में मनाते हैं। ऐसे पर्व पर लोग अब डर के कारण घर से बाहर नहीं निकलते।