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मोगाः एसटीएफ के कर्मियों को गाड़ी से कुचलने की कोशिश, गोलीबारी में एक नशा तस्कर की मौत
Sat, 21 Dec 2019 10:13 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोगा(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोगा(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 21 Dec 2019 10:13 AM IST
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नशा तस्कर
- फोटो : अमर उजाला
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दो नशा तस्करों को जब एसटीएफ के कर्मियों ने रोकने की कोशिश की तो उन्होंने कार से टीम को कुचलने की कोशिश की। इस दौरान हुई फायरिंग में एक तस्कर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से जख्मी हो गया। मामला पंजाब के मोगा जिले में भाना मेहना के अधीन पड़ते क्षेत्र का है। मरने वाला युवक तरनतारन के सीत्तो झुग्गी का रहने वाला जोबनप्रीत सिंह (21) है जबकि उसका घायल हुआ साथी तरनतारन के बंगला राय का रहने वाला गुरचेत सिंह (24) है। दोनों पर नशा तस्करी के केस दर्ज हैं।
सूत्रों के मुताबिक, वीरवार को गुरचेत सिंह तरनतारन के गांव तलवंडी से चिट्टे की खेप लेकर मोगा सप्लाई करने आ रहा था। कार में उसके साथ जोबनप्रीत सिंह भी था। इस दौरान एसटीएफ को इसकी भनक लग गई। एसटीएफ ने मोगा शहर से कुछ दूरी पर फीड फैक्टरी के सामने नाकाबंदी कर दी। इस दौरान उनकी कार को जब रुकने का इशारा किया गया तो उन्होंने कार पुलिसकर्मियों पर चढ़ाते हुए भागने की कोशिश की।
पुलिस के मुताबिक इसी दौरान बचने के चक्कर में झटके से एक मुलाजिम की एके 47 चल गई और कई गोलियां कार और अंदर बैठे आरोपियों पर लगीं। इसके बावजूद गुरचेत कार भगा ले गया। वह एक निजी अस्पताल में पहुंचा, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए लुधियाना रेफर कर दिया गया। जोबनप्रीत को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं पुलिस को अभी तक गुरचेत के पास से ड्रग्स की खेप नहीं मिली है। पुलिस को शक है कि उसने रास्ते में यह फेंक दी। इसकी तलाश के लिए दिन भर 50 पुलिसकर्मी जुटे रहे।
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नाकाबंदी के दौरान एक गाड़ी को रोका गया तो उन्होंने मुलाजिमों पर कार चढ़ाने का प्रयास किया। इस दौरान एक मुलाजिम की एके-47 से कई फायर हो गए। कार सवार मौके से भाग गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- अमरजीत सिंह बाजवा, एसएसपी, मोगा
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सूत्रों के मुताबिक, वीरवार को गुरचेत सिंह तरनतारन के गांव तलवंडी से चिट्टे की खेप लेकर मोगा सप्लाई करने आ रहा था। कार में उसके साथ जोबनप्रीत सिंह भी था। इस दौरान एसटीएफ को इसकी भनक लग गई। एसटीएफ ने मोगा शहर से कुछ दूरी पर फीड फैक्टरी के सामने नाकाबंदी कर दी। इस दौरान उनकी कार को जब रुकने का इशारा किया गया तो उन्होंने कार पुलिसकर्मियों पर चढ़ाते हुए भागने की कोशिश की।
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पुलिस के मुताबिक इसी दौरान बचने के चक्कर में झटके से एक मुलाजिम की एके 47 चल गई और कई गोलियां कार और अंदर बैठे आरोपियों पर लगीं। इसके बावजूद गुरचेत कार भगा ले गया। वह एक निजी अस्पताल में पहुंचा, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए लुधियाना रेफर कर दिया गया। जोबनप्रीत को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं पुलिस को अभी तक गुरचेत के पास से ड्रग्स की खेप नहीं मिली है। पुलिस को शक है कि उसने रास्ते में यह फेंक दी। इसकी तलाश के लिए दिन भर 50 पुलिसकर्मी जुटे रहे।
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नाकाबंदी के दौरान एक गाड़ी को रोका गया तो उन्होंने मुलाजिमों पर कार चढ़ाने का प्रयास किया। इस दौरान एक मुलाजिम की एके-47 से कई फायर हो गए। कार सवार मौके से भाग गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- अमरजीत सिंह बाजवा, एसएसपी, मोगा
अगले माह होने वाली थी मारे गए तस्कर जोबनप्रीत की शादी
यहां एसटीएफ की फायरिंग में मारे गए तस्कर जोबनप्रीत सिंह की कुछ समय पहले ही मंगनी हुई थी और जनवरी में उसकी शादी थी। सिविल अस्पताल मोगा में जोबनप्रीत के शव का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे उसके पिता सुरजन सिंह ने बताया कि जोबनप्रीत सिंह समेत उनके तीन बच्चे हैं। जोबनप्रीत 12वीं पास करने के बाद लकड़ी के दरवाजे बनाने का और अन्य काम करने लगा था।
अगले महीने ही उसकी शादी थी। पिता के अनुसार उनके बेटे की संगत गलत हो गई। इस कारण नशा तस्करी के आरोप में उस पर केस भी दर्ज हुआ और वह जेल काटकर आया था। वहीं दूसरे आरोपी गुरचेत सिंह के बारे में परिवार अंजान है। उन्होंने बताया कि गुरचेत सिंह ही उनके बेटे को वीरवार दोपहर घर से बुलाकर अपने साथ ले गया था।
कार पर लगा था प्रेस का स्टीकर
वीरवार को रात तक चर्चा थी कि दोनों कार सवार पत्रकार हैं, क्योंकि उनकी कार के आगे प्रेस का स्टीकर लगा था। लेकिन सुबह मृतक के परिजन जब मोगा पहुंचे तो उन्होंने बताया कि उनका बेटा और उसका दोस्त कोई पत्रकार नहीं हैं।
अगले महीने ही उसकी शादी थी। पिता के अनुसार उनके बेटे की संगत गलत हो गई। इस कारण नशा तस्करी के आरोप में उस पर केस भी दर्ज हुआ और वह जेल काटकर आया था। वहीं दूसरे आरोपी गुरचेत सिंह के बारे में परिवार अंजान है। उन्होंने बताया कि गुरचेत सिंह ही उनके बेटे को वीरवार दोपहर घर से बुलाकर अपने साथ ले गया था।
कार पर लगा था प्रेस का स्टीकर
वीरवार को रात तक चर्चा थी कि दोनों कार सवार पत्रकार हैं, क्योंकि उनकी कार के आगे प्रेस का स्टीकर लगा था। लेकिन सुबह मृतक के परिजन जब मोगा पहुंचे तो उन्होंने बताया कि उनका बेटा और उसका दोस्त कोई पत्रकार नहीं हैं।
एसटीएफ का सिपाही बोला- अचानक चली एके-47
थाना मेहना के सब इंस्पेक्टर जगजीत सिंह ने बताया इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआरआई के अनुसार थाना एसटीएफ फेज-4 एसएएस नगर में तैनात सिपाही अमरजीत राम ने पुलिस को दर्ज कराए बयान में कहा कि वह अपने सब इंस्पेक्टर पवन कुमार और टीम के साथ मोगा के पास गश्त कर रहे थे। तभी वीरवार शाम को उन्हें सूचना मिली कि एक स्विफ्ट कार तरनतारन से मोगा के गांव में हेरोइन की सप्लाई देने के लिए आ रही है।
सूचना थी कि तस्करों के पास भारी मात्रा में हेरोइन व असलाह भी है। इसके चलते फीड फैक्टरी के सामने नाकाबंदी कर दी। शाम करीब साढे़ छह बजे इसी नंबर की स्विफ्ट कार जब नाकाबंदी के पास से गुजरने लगी तो पुलिस मुलाजिमों ने कार चालक को रुकने का इशारा किया। लेकिन उसने गाड़ी रोकने के बजाय नाकाबंदी पर मौजूद पुलिस मुलाजिमों पर ही कार चढ़ाने का प्रयास किया। इस दौरान शिकायतकर्ता के पास मौजूद सरकारी एके-47 चल गई और कई फायर आरोपियों की गाड़ी पर जा लगे।
आरोपियों ने गाड़ी पीछे की ओर भगा ली और देखते ही देखते वहां से रफूचक्कर हो गए। पुलिस ने आरोपियों का पीछा भी किया, लेकिन उनका कुछ पता न चला। बुघीपुरा चौक में खड़े कुछ लोगों ने कहा कि स्विफ्ट कार जगराओं की ओर निकली है तो पुलिस टीम कार की पीछा करते हुए जगराओं चली गई। लेकिन जब वहां भी उनका कुछ पता न चला तो पुलिस टीम ने थाना मेहना में आकर जानलेवा हमला करने और सरकारी ड्यूटी में विघ्न डालने का केस दर्ज करवा दिया।
सूचना थी कि तस्करों के पास भारी मात्रा में हेरोइन व असलाह भी है। इसके चलते फीड फैक्टरी के सामने नाकाबंदी कर दी। शाम करीब साढे़ छह बजे इसी नंबर की स्विफ्ट कार जब नाकाबंदी के पास से गुजरने लगी तो पुलिस मुलाजिमों ने कार चालक को रुकने का इशारा किया। लेकिन उसने गाड़ी रोकने के बजाय नाकाबंदी पर मौजूद पुलिस मुलाजिमों पर ही कार चढ़ाने का प्रयास किया। इस दौरान शिकायतकर्ता के पास मौजूद सरकारी एके-47 चल गई और कई फायर आरोपियों की गाड़ी पर जा लगे।
आरोपियों ने गाड़ी पीछे की ओर भगा ली और देखते ही देखते वहां से रफूचक्कर हो गए। पुलिस ने आरोपियों का पीछा भी किया, लेकिन उनका कुछ पता न चला। बुघीपुरा चौक में खड़े कुछ लोगों ने कहा कि स्विफ्ट कार जगराओं की ओर निकली है तो पुलिस टीम कार की पीछा करते हुए जगराओं चली गई। लेकिन जब वहां भी उनका कुछ पता न चला तो पुलिस टीम ने थाना मेहना में आकर जानलेवा हमला करने और सरकारी ड्यूटी में विघ्न डालने का केस दर्ज करवा दिया।