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खुलासा, टारगेट पूरा करने के लिए कांस्टेबल ने किया था चालान

Fri, 13 May 2016 01:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 13 May 2016 01:40 AM IST
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Disclosed, challan for achieve target by constable
कोर्ट - फोटो : file photo

चेकिंग के दौरान चालान करने पर हेड कांस्टेबल से मारपीट करने, वर्दी फाड़ने और ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का केस जिला अदालत में साबित नहीं हो सका। मामले में शिकायतकर्ता हेड कांस्टेबल सहित तीन पुलिसकर्मियों के बयान कोर्ट में साबित नहीं हुए। इस आधार पर लोडिंग व्हीकल चालक मोहाली के जगतपुरा निवासी राज कुमार को सिविल जज ने आरोप साबित न होने पर बरी कर दिया। उसके खिलाफ अगस्त 2013 में सेक्टर-39 थाना पुलिस ने केस दायर किया था।

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पुलिस केस के अनुसार 27 अगस्त 2013 को शाम करीब 7 बजे सेक्टर-24/25 के चौक की डिवाइडिंग रोड पर ट्रैफिक हेड कांस्टेबल वरिंदर सिंह ने लोडिंग व्हीकल (छोटा हाथी) चालक राज कुमार को रोका। हेड कांस्टेबल ने राज कुमार से वाहन के कागजात दिखाने को कहा, लेकिन वह कागज नहीं दिखा सका।
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इस पर हेड कांस्टेबल ने उसका चालान फार्म भर दिया। आरोप के अनुसार इस पर दस्तखत करने की बात कहने पर राज कुमार ने उनसे मारपीट शुरू कर दी। साथ ही हेड कांस्टेबल को धक्का देकर नीचे गिरा दिया और उसकी वर्दी और चालान बुक फाड़ दी। पास ही तैनात हेड कांस्टेबल परमजीत सिंह ने वरिंदर सिंह को राज कुमार से बचाया। इसके बाद राज कुमार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।
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ऐसे गिरा अदालत में केस 
राज कुमार के वकील हरीश भारद्वाज के अनुसार शिकायतकर्ता हेड कांस्टेबल वरिंदर सिंह ने क्रॉस एग्जामिनेशन में पहले कहा था कि राज कुमार ने उससे कोई मारपीट नहीं की गई। साथ ही कहा कि उसे शाम को 6:10 बजे रोका गया, जबकि शिकायत में समय 6:50 बजे का था। असल में राज कुमार ने कोई अपराध नहीं किया था। उसे इसलिए रोका गया था क्योंकि सीनियर ऑफिसर्स ने रोजाना के चालान और वाहन इंपाउंड करने के टारगेट दिए हैं। इसलिए उन्हें रोज के टारगेट पूरे करने होते थे।


उस दिन उसे 2 ऑटो इंपाउंड करने का टारगेट था। एक ऑटो को वह पहले ही इंपाउड कर चुका था। 7 बजने वाले थे और उसे टारगेट पूरा करना था। साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों के बयान में कई अंतर थे। हेड कांस्टेबल परमजीत सिंह ने क्रास में कहा कि उसके सामने मारपीट की कोई घटना नहीं हुई। वह मौके पर लोगों की भीड़ देखने के बाद पहुंचे थे। वहीं पुलिस के एक अन्य गवाह एसआई राजबीर सिंह ने कहा था कि वह मौके पर शाम को सवा सात बजे पहुंचे थे और साढ़े 10 बजे तक रहे। 

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