Panipat News: दिल्ली के फर्नीचर कारोबारी के इकलौते बेटे का मिला शव, सिर फटा और हाथ-पैर टूटे मिले
पिता अनिल ने बताया कि उसके कुल तीन बच्चे है, जिनमें दो बड़ी बेटी चंचल और काजल शादीशुदा हैं। अक्षय सबसे छोटा बेटा था। उसने एक माह पहले ही नया फोन लिया था और पुराना फोन 22 फरवरी को पांच हजार रुपये में बेच दिया था। पांच हजार रुपये बेटे की जेब से मिले हैं।
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दिल्ली के नरेला से छह दिन से लापता फर्नीचर कारोबारी के बेटे का पानीपत में ढिंढार के पास नहर में शव मिला। पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकाला। तलाशी के दौरान मृतक के पास से मोबाइल और पांच हजार रुपये मिले। पुलिस ने सिमकार्ड निकालकर अपने फोन में डालकर परिजनों को शव मिलने की सूचना दी। परिजन पानीपत पहुंचे और शिनाख्त करने के बाद परिजनों ने हत्या करने की आशंका जताई। परिजनों के अनुसार मृतक का सिर फटा है और हाथ-पैर टूटे है। बुधवार को पानीपत सामान्य अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। शव को खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
दिल्ली के नरेला स्थित गौतम कॉलोनी निवासी धनीराम ने बताया कि उसके भाई अनिल की दिल्ली में फर्नीचर का कारोबार है। अनिल का इकलौता बेटा अक्षय(25) बीसीए की पढाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। 23 फरवरी को शाम चार बजे उसने अपनी मां अनीता से चाय बनवाई, नास्ता किया और टहलने की बात कहकर घर से निकल गया।
वह रात करीब आठ बजे घर नहीं लौटा तो उन्होंने खाना खाने के लिए कॉल किया लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। उन्होंने दोस्तों को कॉल कर पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत नरेला थाना पुलिस को दी। 28 फरवरी को पानीपत में समालखा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ढींढार गांव के पास नहर में अक्षय का शव मिला। अक्षय की तलाशी के दौरान पुलिस ने फोन और पांच हजार रुपये बरामद किए।
सिर पर फटा हुआ और हाथ-पैर टूटे
धनीराम ने बताया कि उन्होंने शव की शिनाख्त कर ली है। अक्षय का सिर फटा है। लगता है कि उस पर किसी तेजधार या भारी हथियार से वार किया गया है। उसके हाथ-पैर भी टूटे हैं। उन्हें आशंका है कि किसी ने अक्षय की हत्या की है और शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए नहर में फेंक दिया है।
दो बहनों का इकलौता भाई था अक्षय
पिता अनिल ने बताया कि उसके कुल तीन बच्चे है, जिनमें दो बड़ी बेटी चंचल और काजल शादीशुदा हैं। अक्षय सबसे छोटा बेटा था। उसने एक माह पहले ही नया फोन लिया था और पुराना फोन 22 फरवरी को पांच हजार रुपये में बेच दिया था। पांच हजार रुपये बेटे की जेब से मिले हैं।
नरेला रेलवे स्टेशन पर मिली थी आखिरी लोकेशन
अनिल ने बताया कि बेटा लापता होने पर उन्होंने फोन की लोकेशन निकलवाई तो शाम 7:51 बजे नरेला रेलवे स्टेशन की मिली। इसके बाद फोन स्विच ऑफ हो गया। पानीपत पुलिस और नरेला पुलिस दोनों ही मामले की जांच में जुट गई है।