मेहरम हत्याकांड, चौंका देंगी 12 खास बातें
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मेहरम का जन्म ऑस्ट्रेलिया में हुआ था। अगले महीने ही उसका जन्मदिन था। घरवाले जन्मदिन की तैयारियों में लगे हुए थे, लेकिन मेहरम की मौत की खबर से परिवार वाले टूट गए हैं और खुशियों की जगह आंसुओं ने ले ली है।
फेज-9 निवासी हरिंदर कौर की शादी वर्ष 2007 में खरड़ निवासी वरिंदर सिंह के साथ हुई थी। इसके कुछ समय बाद वह पढ़ने के लिए सिडनी (आस्ट्रेलिया) चली गई। थोड़े समय बाद उसका पति वरिंदर सिंह भी चला गया।
सिडनी में 5 दिसंबर 2008 मेहरम का जन्म हुआ। इसके छह महीने बाद मेहरम की नानी जसविंदर कौर उसे अपने साथ भारत ले आई। बेटा जाने के बाद कुछ समय तक पति-पत्नी एक साथ रहे। फिर मेहरम का हाल जानने उसकी मां हरिदर कौर भी भारत आ गई। इसके बाद उसके पति ने उसे तलाक के कागजात भेज दिए।
रोजाना जाता था गुरुद्वारा साहिब
मृतक बच्चे के परिजनों ने बताया कि वह भगवान में अपार आस्था रखता था। हर रोज सुबह 3:00 बजे ही गुरुद्वारा श्री अंब साहिब, गुरुद्वारा सिंह शहीदा में जाकर नगाड़ा बजाता था। उन्होंने बताया कि वह हमेशा ही यह कहता था कि मैं तो रब्ब का बंदा हूं, मुझे कुछ नहीं होेगा।
इस बार दिवाली पर मजा नहीं आया
मेहरम की नानी जसविंदर कौर ने बताया कि इस बार की दिवाली पर वह कह रहा था कि उसको मजा नहीं आया। वह हर रोज कहता था कि इस बार दिवाली में कुछ खास बात नहीं बनी।
बड़ी बेरहमी से मारा गया
जिला पुलिस के अधिकारियों ने आईजी परमजीत सिंह गिल को बताया कि बच्चे का शव पेट के बल दबाया गया था। उसकी गर्दन टूटी हुई थी। ऐसे में लग रहा है कि बच्चे को काफी बेहरमी से मारा गया है। जहां बच्चे के शव मिला है, बच्चे का जबड़ा और दांत उससे कुछ दूरी पर मिले हैं। तेजाब से जला दूसरे पेर का जूता भी पास की झाड़ियों में मिला है।
झाड़ियों में लाकर ही जलाया गया
आईजी ने बताया कि घटना स्थल से खून से सना एक कपड़ा मिला है, जो सिकुड़ा हुआ है और उसके बीच में खून के धब्बे लगे हैं। इससे लगता है कि उसका इस्तेमाल खून पौंछने के लिए किया गया होगा।
इसके अलावा एक माचिस की डिब्बी व खजूर के पतों पर तेजाब (केमिकल) के निशान मिले हैं। इससे यह संकेत मिलते हैं कि शव को ठिकाने लगाने से पहले डंपिंग प्वाइंट पर ही उस पर तेजाब फेंका गया हो।
तांत्रिकों पर भी शक
आईजी ने बताया कि घटना स्थल के पास से एक लाल चुन्नी, दीपक और मिट्टी की हांडी भी बरामद हुई है। ऐसे में तांत्रिक पर भी संदेह की सुई जा रही है। जल्दी ही इलाके के तांत्रिकों से भी पूछताछ की जाएगी, ताकि हत्यारों को काबू किया जा सके।
चार डॉक्टरों के बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
पुलिस शव को पहले सीधे ही सिविल अस्पताल ले गई। यहां सेहत विभाग ने चार डॉक्टरों का एक बोर्ड बनाया, जिनमें एक डॉक्टर फतेहगढ़ साहिब से है। पुलिस अनुमान लगा रही है कि हत्या चार से पांच दिन पहले की हो सकती है। सही समय का अनुमान पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मिलेगा।
अब डीएनए रिपोर्ट टिकी उम्मीद
छह वर्षीय मेहरम की हत्या का उसके नाना बलविंदर को यकीन ही नहीं हो रहा है। हालांकि बच्चे की मौत की खबर पाकर उनका रो-रो कर बुरा हाल है। उनका कहना है कि शनिवार को बच्चे की डीनीए रिपोर्ट आएगी, तभी पूरी स्थिति साफ होगी।
दादके परिवार पर दर्ज है केस
पुलिस ने मेहरम के अगवा होने के बाद उनकी शिकायत के आधार पर पिता वरिंदर सिंह, दादा निर्मल सिंह, बुआ परविंदर कौर, फूफा प्रभजोत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बच्चे का पिता इस समय ऑस्ट्रेलिया में है।
पुलिस की ढीली कार्रवाई ने ली बच्चे की जान
भाजपा के जिला प्रधान सुखविंदर सिंह गोल्डी ने पुलिस की ढीली कार्रवाई को इस हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने यदि समय रहते उचित कार्रवाई की होती तो बच्चे की जान न जाती।
ऐसे घूमा पूरी घटना का समय चक्र
- 28 अक्तूबर की शाम 6:30 बजे बच्चे का अपहरण हुआ
- 29 को अपहरण का मामला दर्ज हो गया
- 07 नवंबर-- सेक्टर -69 में शव मिला
- 10 बजे सफाई मुलाजिम ने शव देखा
- 10:55 पर पीसीआर को कॉल गई
- 11 बजे पीसीआर पार्टी पहुंची
- 11:15 विभिन्न थानों के एसएचओ व पुलिस
- 12:00 बजे एसएसपी मौके पर पहुंचे
- 12:45 ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे
- 12:50 पर जंगल में सर्च अभियान शुरू
- 1:05 पर बच्चे के परिजन पहुंचे
- 1:10 बीजेपी के जिला प्रधान गोल्डी पहुंचे
- 1:25 फॉरेंसिक टीम पहुंची घटना स्थल
- 1:45 डॉक्टरों की टीम घटना स्थल पर पहुंची
- 2:00 बच्चे के शव को निकालने की प्रक्रिया शुरू
- 2:20 विधायक बलबीर सिंह सिद्धू पहुंचे
- 2:45 शव निकालकर सिविल अस्पताल भेजा
- 3:00 एसएसपी दोबार फिर मौके पहुंचे
- 3:20 शव सिविल अस्पताल में पहुंचा
- 4:30 आईजी पटियाला जोन घटना स्थल पर पहुंच
कूडे़ के मलबे में मिला था शव
फेज-9 से 28 अक्तूबर को अगवा हुए छह वर्षीय मेहरम का शव सेक्टर-69 में मायो अस्पताल के सामने वाले डंपिंग प्वाइंट से सटी झाड़ियों से मिला। शव को मलवे में दबाया गया था और पहचान मिटाने के लिए चेहरे व धड़ को तेजाब से जलाया गया था।
शव का ऊपरी हिस्सा कंकाल में बदल चुका था। मेहरम की नानी ने जूते, कपड़ों व गात्रे से पहचान की। शाम को आईजी परमजीत सिंह गिल मौके पर पहुंचे। उन्होंने दावा किया है कि घटनास्थल से पुलिस को कई अहम सुराग लगे हैं।
जल्दी ही केस सुलझा लिया जाएगा। शुक्रवार सुबह दस बजे के बाद सफाई मुलाजिम वीरपाल सेक्टर-69 के डंपिंग प्वाइंट पर रेहड़ी से कूड़ा डालने पहुंचा था। उसने देखा कि मलबे के ढेर में किसी बच्चे की टांग दिखाई दे रही थी और पैर में नीले रंग का जूता था। वीरपाल ने तुरंत यूनियन प्रधान को, उसके बाद 10:53 बजे पुलिस को सूचित किया।
एसएसपी इंद्रमोहन सिंह भट्टी के नेतृत्व में पुलिस और फोरेंसिक टीम, डॉक्टर व डॉग स्क्वॉयड मौके पर पहुंच गए। ड्यूटी मजिस्ट्रेट गुरप्रीत सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां काफी बदबू आ रही थी। शव को जमीन से निकाला गया, जिससे फोरेंसिक विशेषज्ञों ने सैंपल लिए। शव करीब डेढ़ फुट मलबे के नीचे था और शव में कीड़े चल रहे थे।
दोपहर को आया फोन, शाम को अपहरण
मेहरम की मां रविंदर कौर ने पुलिस को बताया था कि उसके पति ने तलाक के कागज भेजे थे। हालांकि दोनों की बातचीत होती रहती थी।
28 अक्तूबर की दोपहर करीब दो बजे उसके पति का उसे धमकी भरा फोन आया कि वह अपने बच्चे को वापस ले जाएगा। इस बात पर दोनों के बीच फोन पर बहस भी हुई। उसी दिन शाम के समय मेहरम का अपहरण हो गया था।
28 अक्तूबर की शाम मेहरम अपने घर के बाहर पार्क में खेल रहा था। तभी बिजली गुल हुई। इसी दौरान मेहरम का अपहरण हो गया। मेहरम को अगवा करने वाले को एक बच्चे ने देखा था। उसने उक्त आदमी के हुलिए और कपड़ों के बारे में जानकारी भी दी।
अपहरण के दो दिन बाद ही मार दिया गया
इसके बाद पुलिस ने बच्चे की मां की शिकायत के आधार पर खरड़ स्थित उसके दादा के घर पर छापा मारा लेकिन लेकिन मेहरम वहां नहीं मिला। बच्चे की तलाश में पुलिस ने माछीवाड़ा में भी रेड की, वहां से भी पुलिस खाली हाथ लौटना पड़ा था।
कंकाल में बदल चुके शव की मेहरम के रूप में पहचान फिलहाल कपड़ों, जूतों के कारण ही की गई है। इस मामले में डीएनए जांच के बाद ही शव की सही पहचान सामने आएगी।
शुक्रवार देर शाम जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मेहरम की हत्या गला दबाकर की गई। रिपोर्ट में शव को आठ दिन पुराना बताया गया है। यानी दस दिन पहले अपहरण किए जाने के दो दिन बाद ही मेहरम की हत्या कर दी गई।
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