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चलते ऑटो में महिला के साथ किया था गैंगरेप, अब कोर्ट ने सुनाई आखिरी सांस तक करावास की सजा

Tue, 07 Aug 2018 10:12 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा) Updated Tue, 07 Aug 2018 10:12 AM IST
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Court convicts life imprisonment for gangrape accused
सांकेतिक तस्वीर
पांच दिसंबर-2017 को रात आठ बजे चलते ऑटो में हिसार-दिल्ली हाईवे पर महिला से गैंग रेप करने वाले तीनों आरोपियों को अदालत ने सोमवार को आखिरी सांस तक की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर पांच-पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। जुर्माना राशि नहीं भरने पर अदालत दोषियों की संपत्ति को अटैच करके वसूलेगी। 
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अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश डॉ. पंकज की अदालत में करीब आठ महीने तक चली सुनवाई के बाद सोमवार को तीनों आरोपियों को सजा सुनाई गई। इसके बाद गैंग रेप के मुख्य आरोपी 12 क्वार्टर निवासी ऋषि उर्फ मुच्छल और उसके दो सहयोगी सैनियान मोहल्ला निवासी सचिन व झीड़ी निवासी निखिल को जेल भेज दिया गया। घटना के बाद जिला छोड़कर किसी अन्य स्थान पर रह रही पीड़िता ने भी अदालत के फैसले पर संतोष जताया है।
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बता दें कि पांच दिसंबर-2017 को एक महिला रात के आठ बजे बस स्टैंड से कैंट जाने के लिए ऑटो में सवार हुई थी। इस दौरान ऑटो में काफी संख्या में सवारियां थीं, लेकिन विद्युत नगर तक सभी एक-एक करके उतर गईं। ऑटो में चालक के अलावा दो अन्य लोग बच गए। ऑटो चालक ऋषि ने अपने साथी निखिल को ऑटो चलाने के लिए दे दिया।
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ऋषि खुद पीछे वाली सीट पर महिला के साथ आकर बैठ गया। निखिल ने तेज आवाज में गाने चला दिए। ऋषि ने दोनों साइड के पर्दे गिरा दिए। जान से मारने की धमकी देकर महिला से चलते ऑटो में हिसार-दिल्ली हाईवे पर रेप किया। ऋषि के दूसरे साथी सचिन ने महिला के पैर पकड़ कर सहयोग किया। आरोपी ऑटो से महिला को कैंट के पास फेंककर फरार हो गए थे।


70 साल बाद महिलाएं रात क्या दिन में भी सुरक्षित नहीं 
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि यह देश उस दिन आजाद माना जाएगा जब एक महिला आधी रात के समय भी अपनी इज्जत व सम्मान के साथ सुरक्षित घर पहुंच जाएगी। लेकिन 70 साल बाद भी रात तो क्या महिलाएं दिन में भी सुरक्षित नहीं हैं। - डॉ. पंकज, अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश
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