फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   chandigarh rape: petition for Again statement of rape victim reject

चंडीगढ़ रेप: पीड़िता के दोबारा बयान की अर्जी खारिज

Wed, 30 Apr 2014 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 30 Apr 2014 12:07 AM IST
विज्ञापन
chandigarh rape: petition for Again statement of rape victim reject

दुराचारी कांस्टेबल गैंग मामले में पीड़िता मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत में दोबारा बयान दर्ज करवाने नहीं पहुंच पाई। अदालत ने तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद पीड़िता द्वारा दायर की गई अर्जी को खारिज कर दिया।

विज्ञापन


वहीं पीड़िता सुबह से मामले की सुनवाई समाप्त होने तक अदालत परिसर में ही थी। सुनवाई खत्म होने के बाद पीड़िता कोर्ट रूम के बाहर पहुंची। पीड़िता को महिला एएसआई कोर्ट रूम में लेकर गई। लेकिन, अदालत ने पीड़िता की अर्जी खारिज करने और मामले की अगली सुनवाई 14 मई के लिए तय करने की जानकारी दी। सुनवाई के दौरान पीड़िता के परिजन अदालत के बाहर ही बैठे रहे। अगली सुनवाई पर गवाह अपने बयान दर्ज करवाएंगे।

विज्ञापन

कोर्ट ने पीड़िता का किया तीन घंटे तक इंतजार

chandigarh rape: petition for Again statement of rape victim reject

अदालत में दो बजे सुनवाई शुरू हुई। पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल अक्षय, अनिल, सुनील, जगतार और हिम्मत को अदालत में पेश कर दिया। पीड़िता की तरफ से वकील ब्रिजेश्वर जसवाल और बचाव पक्ष की ओर से रविंद्रा पंडित व हरीश भारद्वाज पेश हुए।

अदालत ने पीड़िता के वकील से अर्जी पर बयान दर्ज करवाने के लिए पीड़िता को बुलाने के आदेश दिए। पीड़िता के कोर्ट में नहीं पहुंचने पर अदालत ने करीब ढाई घंटे इंतजार के बाद पीड़िता की अर्जी खारिज कर दी। 21 मार्च को पीड़िता अपने बयानों से पलट गई थी। इसमें पीड़िता ने कांस्टेबलों द्वारा दुराचार और छेड़छाड़ की घटना करने और पहचानने से इंकार कर दिया था।

दोबारा बयान दर्ज करने की अर्जी दी थी

chandigarh rape: petition for Again statement of rape victim reject

दो अप्रैल को पीड़िता ने अदालत में पेश होकर मामले में दोबारा बयान दर्ज करने की अर्जी दायर की थी। इसमें उसने कहा था कि उसपर कांस्टेबल की पत्नी कविता समेत अन्य परिजनों ने बयान पलटने का दबाव बनाया था।

इसके अलावा पीड़िता ने अदालत में वीडियो और आडियो रिकार्डिंग की सीडी अदालत में जमा करवाई थी। इस मामले में पीड़िता के वकील ब्रिजेश्वर जसवाल ने बताया कि पीड़िता शायद किसी दबाव के कारण बयान दर्ज करवाने नहीं पहुंची है।

विज्ञापन

संबंधित पक्षों ने ये कहा

chandigarh rape: petition for Again statement of rape victim reject

बचाव पक्ष के वकील रविंद्रा पंडित ने बताया कि पीड़िता ने दबाव में बयान दर्ज करने के झूठे आरोप लगाए थे। अगर कांस्टेबलों के परिजनों ने दबाव बनाया ही था तो अदालत में पेश होकर बयान क्यों नहीं दर्ज करवाए। तीन घंटे तक अदालत पीड़िता के आने का इंतजार करती रही। पीड़िता सुबह से अदालत में ही घूम रही थी।

वहीं रेप की शिकार नाबालिग लड़की ने बताया कि दोबारा से बयान दर्ज करवाने की अदालत की तारीख को वह भूल गई थी। जब याद आया तो अदालत में पहुंची, लेकिन उस समय तक अर्जी खारिज हो चुकी थी। अदालत द्वारा खारिज अर्जी करने के बारे में कुछ नहीं कहना है।

पांच कांस्टेबलों पर दुराचार और छेड़छाड़ का आरोप

chandigarh rape: petition for Again statement of rape victim reject

खुड्डा लाहौरा निवासी दसवीं क्लास की छात्रा ने 19 दिसंबर 2013 को चंडीगढ़ पुलिस के पीसीआर और क्राइम ब्रांच में तैनात पांच कांस्टेबलों पर दुराचार और छेड़छाड़ की शिकायत दी थी। इस पर पुलिस ने अक्षय  सुनील, अनिल, जगतार और हिम्मत के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस विभाग ने पांचों कांस्टेबलों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। जांच के लिए पुलिस विभाग ने डीएसपी कमला मीणा के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी। एसआईटी ने 21 फरवरी को पांचों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की थी। अदालत ने अक्षय और सुनील पर पद का दुरुपयोग करने, अपहरण, दुराचार (पार्ट-2), धमकाने, साजिश रचने, पोस्को एक्ट की धारा-6 के तहत आरोप तय किए। वहीं, जगतार, हिम्मत और अनिल पर छेड़छाड़, गलत नियम से रोकने, आपराधिक साजिश रचने और पोस्को एक्ट की धारा-12 के तहत आरोप तय किए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed