चंडीगढ़ रेप: रोस्टर दिखाया, कहां थे आरोपी कांस्टेबल
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दसवीं क्लास की छात्रा से दुराचार के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशुल शुक्ला की अदालत में बुधवार को पीसीआर में तैनात इंस्पेक्टर रणजीत सिंह के बयान दर्ज हुए।
इंस्पेक्टर ने अदालत में पीसीआर में तैनात आरोपी कांस्टेबल अक्षय, जगतार, हिम्मत और अनिल की ड्यूटी और उनकी लोकेशन वाला ड्यूटी रोस्टर अदालत को दिखाया। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान पीसीआर में दो से चार पुलिस जवान तैनात होते है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई छह जून को तय की है।
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पांच कांस्टेबलों पर दुराचार और छेड़छाड़ का आरोप
खुड्डा लाहौरा निवासी दसवीं क्लास की छात्रा ने 19 दिसंबर 2013 को चंडीगढ़ पुलिस के पीसीआर और क्राइम ब्रांच में तैनात पांच कांस्टेबलों पर दुराचार और छेड़छाड़ की शिकायत दी थी। इस पर पुलिस ने अक्षय सुनील, अनिल, जगतार और हिम्मत के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस विभाग ने पांचों कांस्टेबलों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। जांच के लिए पुलिस विभाग ने डीएसपी कमला मीणा के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी। एसआईटी ने 21 फरवरी को पांचों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की थी। अदालत ने अक्षय और सुनील पर पद का दुरुपयोग करने, अपहरण, दुराचार (पार्ट-2), धमकाने, साजिश रचने, पोस्को एक्ट की धारा-6 के तहत आरोप तय किए। वहीं, जगतार, हिम्मत और अनिल पर छेड़छाड़, गलत नियम से रोकने, आपराधिक साजिश रचने और पोस्को एक्ट की धारा-12 के तहत आरोप तय किए थे।
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चंडीगढ़ रेप: चार्जशीट में किस पर कौन सी धारा?
दसवीं क्लास की छात्रा से दुराचार मामले में एसआईटी ने चंडीगढ़ पुलिस के बर्खास्त पांच कांस्टेबलों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है।
चार्जशीट अलग-अलग धाराओं के तहत तैयार की है। एसआईटी 20 जनवरी तक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाजर सिंह की अदालत में चार्जशीट दायर कर सकती है।
अक्षय और सुनील पर लगाई दुराचार की धारा
अक्षय और सुनील पर दुराचार और पासको की धारा जबकि हिम्मत, जगतार और अनिल पर छेड़छाड़ की धाराएं लगाई हैं। चार्जशीट में पुलिस ने कहा कि अक्षय और सुनील ने अपने कमरे और पीसीआर में दुराचार किया है जबकि हिम्मत, जगतार, अनिल ने मिलकर छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दिया है।
19 दिसंबर को दी थी शिकायत
खुड्डा लाहौरा की दसवीं क्लास की छात्रा ने 19 दिसंबर 2013 को डीएसपी आशीष कपूर को शिकायत दी थी। इसके बाद सेक्टर-11 थाना पुलिस ने अक्षय, सुनील, जगतार, हिम्मत और अनिल को गिरफ्तार किया था।
अगले दिन पुलिस विभाग ने पांच कांस्टेबलों को नौकरी से बर्खास्त कर केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की सिफारिश की थी। मामले की जांच के लिए पुलिस विभाग ने डीएसपी कमला मीणा के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी। एसआईटी ने ही मामले में सारे पहलुओं पर जांच की थी।
इन पर है दुराचार के आरोप
अक्षय
मुख्य आरोपी कांस्टेबल अक्षय ही है। सबसे पहले अक्षय ही पीड़ित लड़की के संपर्क में आया था। उसी ने सबसे पहले दुराचार किया। वह वर्ष 2006 में चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती हुआ था। अक्षय मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत के सेक्टर-12 का निवासी है।
सुनील
सुनील खुड्डा लाहौरा में रहता है। वह वर्ष 2010 में कांस्टेबल भर्ती हुआ था। सुनील मूल रूप से हिसार के गांव धामी का निवासी है। वह सीआईए में तैनात था।
इन पर है छेड़छाड़ के आरोप
जगतार
जगतार की ड्यूटी भी उसी पीसीआर में रहती थी जो स्कूल के बाहर सुरक्षा में तैनात होती थी। जगतार वर्ष 2010 में भर्ती हुआ था। वह मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर के गांव तलवंडी का रहने वाला है।
हिम्मत
हिम्मत 2010 में चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती हुआ था। वह मूल रूप से रेवाड़ी के धामी कोला का निवासी है। आरोप है कि हिम्मत ने लड़की पर कई बार फोन करके तंग भी किया है।
अनिल
अनिल ने साल 2010 में कांस्टेबल की नौकरी हासिल की है। अनिल यहां पर मनीमजारा के पिपली वाला टाउन का निवासी है। अनिल मूल रूप से गांव लंबी, राजस्थान का ही निवासी है।
चंडीगढ़ रेप: बलात्कारी कांस्टेबलों को भेजा जेल
दुराचारी कांस्टेबल गैंग के पांचों आरोपियों को चंडीगढ़ पुलिस ने बड़ी राहत दी है। बुधवार को पुलिस की ओर से आरोपियों का रिमांड बढ़ाने के लिए नहीं कहा गया।
इसके बाद पांचों को 6 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दूसरी ओर एसआईटी ने मंगलवार को पीड़िता से लगातार सात घंटे पूछताछ की और सूरज ढलने के बाद भी यह जारी रही।
आरोपियों के लिए वीआईपी घेरा
ड्यूटी मजिस्ट्रेट शिफा की अदालत में दुराचार के आरोपी कांस्टेबल अक्षय, सुनील, अनिल, जगतार और हिम्मत को बुधवार को पेश किया।
पांचों आरोपी मुंह पर रुमाल बांध कर कड़ी सुरक्षा में उन्हें पेश किया गया। उन्हें पेश करने से पहले पुलिस की ओर से आरोपी कांस्टेबलों के दोनों तरफ रस्सी से वीआईपी घेरा बनाया गया।
आरोपियों की पहचान छुपाये रखने के लिए कोर्ट रूम के बाहर खड़े लोगों को पुलिस ने पहले ही खदेड़ दिया।
कांस्टेबलों के पेशी से एक घंटे पहले ही डीएसपी जगबीर सिंह और अश्वनी कुमार ने चार एसएचओ के साथ अदालत के चारों ओर कड़ी सुरक्षा घेरा बना दिया।
पुलिस की ओर से पांचों आरोपियों का और रिमांड नहीं मांगा गया और कहा किया कि आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है।
चंडीगढ़ रेप: पीड़िता ने दिया चौंकाने वाला बयान
पुलिसवालों द्वारा दसवीं की छात्रा से दुराचार के मामले में नई गठित एसआईटी इंचार्ज डीएसपी कमला मीणा और इंस्पेक्टर हरजीत कौर ने पीड़िता के बयान दर्ज किए।
पीड़िता ने बताया कि उसकी उम्र 17 साल है। उसके साथ पुलिस वालों ने जबरदस्ती की और उसके मां-बाप को मारने की धमकी दी। पांच पुलिस वाले धमकाते थे।
दो ने उससे रेप किया जबकि तीन मुझे ब्लैक मेल करते और धमकी देते कि हम पुलिस वालों का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। एक ने कहा कि तू मेरे साथ छह महीने तक रिलेशन रख, नहीं तो तुझे मार डालूंगा।
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने मुझे जबरदस्ती गाड़ी में बिठाया और सुनसान जगह पर ले गए। मैंने रेप से पहले भागने की कोशिश की तो मुझे मारा और सिर पर रिवॉल्वर लगा दी।
बीच रास्ते में पीसीआर वाले पीछे लग जाते थे और रेप करने के बाद मुझे दवाई खिलाते थे। न खाने पर मार डालने की धमकी दी जाती। इस डर से में खुदकुशी करने चली थी मगर मेरे भाई ने मुझे बचा लिया।
मैं चाहती हूं कि मुझे इंसाफ मिले। पुलिस वालों के नाम जगतार, अक्षय, हिम्मत, सुनील हैं पांचवे पुलिसवाले को मैं शक्ल से पहचान सकती हूं। वहीं विजिलेंस इंचार्ज गुरजीत कौर ने पुलिस दबाव के बारे में पीड़िता से पूछा।
पीड़िता ने मामला दर्ज करवाने के समय किसी भी पुलिस अधिकारी द्वारा दवाब बनाने के आरोपों को खारिज कर दिया।
पांच कांस्टेबलों की निशानदेही पर जगह की शिनाख्त
एसआईटी ने मामले में पकड़े गए कांस्टेबल, अक्षय, सुनील, अनिल, हिम्मत और जगतार की निशानदेही पर दुराचार वाली जगहों की भी शिनाख्त करवाई।
पीड़िता और आरोपियों ने दुराचार वाली जगह एक जैसी ही बताई। वहीं एसआईटी ने आरोपी कांस्टेबलों की निशानदेही पर पता लगाया कि वे छात्रा को किन-किन रास्तों से कमरे पर लेकर जाते थे।
पीड़िता ने वो जगह दिखाईं, जहां-जहां हुआ रेप
पुलिसवालों द्वारा दसवीं की छात्रा से दुराचार के मामले में नई गठित एसआईटी ने मंगलवार को पीड़िता की निशानदेही पर दुराचार वाली जगहों की शिनाख्त कीं।
पीड़िता ने एसआईटी का बताया कि बर्खास्त कांस्टेबल खुड्डा लाहौरा की कालोनी नंबर एक और गांव के कमरे में लेकर जाते थे। एसआईटी ने दुराचार वाली जगहों का नक्शा बनाया।
एसआईटी ने मामले में पीड़ित छात्रा का डीएनए टेस्ट सेक्टर-16 के जनरल अस्पताल में करवाया। डीएनए सैंपल लेकर पुलिस ने जांच के लिए सीएफएसएल-36 भेज दिए।
पीड़िता का मंगलवार को अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका। डाक्टरों ने छात्रा को दोबारा बुलवाया है। वहीं मामले में पकड़े गए कांस्टेबल, अक्षय, सुनील, अनिल, हिम्मत और जगतार का रिमांड समाप्त हो गया है। पुलिस दोनों को बुधवार जिला अदालत में पेश करेगी।