अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह काबू: चंडीगढ़ अपराध शाखा को मिली कामयाबी, तीन मिनट में उड़ा लेते थे वाहन
आरोपी कारें चुराने के बाद फर्जी नंबर लगाकर बिहार और नेपाल में एक से डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया करते थे। इन आरोपियों ने चंडीगढ़ शहर से दो कारें चुराई हैं, जबकि अन्य आसपास के राज्यों से चोरी की थी।
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चंडीगढ़ अपराध शाखा ने शहर से महंगी गाड़ियां चोरी कर नेपाल और बिहार में बेचने वाले अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान सोनीपत के गन्नौर के रहने वाले अक्षय (28), जयपाल (23) और राहुल (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बिहार के मुजफ्फरपुर से अलग-अलग पार्किंग में खड़ी आठ कारें बरामद की हैं। इनमें से एक कार आरोपी अक्षय की है। इनमें पांच ब्रेजा, एक सेलेरियो, एक सियाज और एक बलेनो कार शामिल है। आरोपी बलेनो कार पर फर्जी नंबर लगाकर गन्नौर से चंडीगढ़ वाहन चोरी करने आते थे।
पुलिस ने शनिवार को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड लिया है। आरोपी कारें चुराने के बाद फर्जी नंबर लगाकर बिहार और नेपाल में एक से डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया करते थे। इन आरोपियों ने चंडीगढ़ शहर से दो कारें चुराई हैं, जबकि अन्य आसपास के राज्यों से चोरी की थी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चार-पांच और मामलों का खुलासा किया है।
अक्षय के खिलाफ दर्ज हैं 32 मामले, जबकि जयपाल पर छह केस
पुलिस के अनुसार अक्षय के खिलाफ हरियाणा समेत अन्य राज्यों में चोरी के 32 मामले दर्ज हैं जबकि जयपाल पर छह केस दर्ज हैं। पुलिस को इन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सीसीटीवी कैमरे और तकनीकी सिस्टम से काफी मदद मिली।
महज तीन मिनट में उड़ा लेते थे वाहन
मामले में आरोपी राहुल पेचकस से गाड़ी का शीशा तोड़ता था और बोनट खोलकर तुरंत सायरन को बंद कर देता था। अक्षय कोडिड चिप से गाड़ी को अनलॉक कर देता था। इसमें केवल तीन मिनट का समय लगता था। पुलिस ने बताया कि गाड़ियां बेचने के लिए जयपाल चलाकर बिहार तक ले जाता था। इसी बीच गन्नौर में मोटर मैकेनिक का काम करने वाला राहुल भी उनके साथ जुड़ गया। वहीं अक्षय खेतीबाड़ी का काम करता है। पुलिस ने जब अक्षय को दबोचा तो वह ट्रैक्टर पर खेत में काम कर रहा था।
केस सुलझाने और गाड़ियां बरामद करने में लगा एक माह
अंतरराज्यीय वाहन चोरों को दबोचने और गाड़ियां बरामद करने में अपराध शाखा को लगभग एक महीने का समय लग गया। शातिरों ने बीते 26 जून को सेक्टर-27 स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन के बाहर से ब्रेजा कार चोरी की थी। इस दौरान आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने चंडीगढ़ से करनाल तक हर टोल प्लाजा, ढाबे और पेट्रोल पंप के कैमरे खंगाले। इस दौरान पता चला कि आरोपी गांव से होते हुए टोल से आगे निकल जाते थे, ताकि वह टोल प्लाजा पर किसी कैमरे में कैद न हों। पुलिस ने तीनों आरोपियों को सोनीपत के गन्नौर से बीते 6 जुलाई को गिरफ्तार किया था। अपराध शाखा के निरीक्षक सतविंदर सिंह के नेतृत्व में एएसआई जयवीर, हवलदार दौलत राम, हवलदार संजय, वरिष्ठ सिपाही जसबीर, संदीप, रिंकू राम, नीरज, धर्मेंदर और सिपाही रविंदर बूरा और दीपक सिंधू ने एक महीने तक इस केस में काम किया।
बिहार में बाढ़ से धंधा रहा मंदा, सेलेरियो ले जाते हुई दुर्घटना
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने चोरी के बाद गाड़ियां बिहार में खड़ी कर दी थीं लेकिन बिहार में आई बाढ़ और अग्निवीर योजना के विरोध में प्रदर्शन के चलते आरोपियों का धंधा मंदा चल रहा था। इस वजह से चोरी की गाड़ियां बिक नहीं पाईं। हालांकि इससे पहले वह कई गाड़ियां बेच चुके हैं। आरोपियों ने बीते 24 जून को सेक्टर-46 से सेलेरियो कार चोरी की थी। सेलेरियो को बिहार में बेचने के लिए लेकर जाते हुए गाड़ी के आगे गाय आ जाने से दुर्घटना हो गई थी। इसमें कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के तीन आरोपियों को 6 जुलाई को गिरफ्तार करने के बाद अदालत से नौ दिन का रिमांड हासिल किया गया था। इस दौरान पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की सात गाड़ियां बिहार के मुजफ्फरपुर से बरामद की गईं। शनिवार को दोबारा आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि आरोपियों ने शहर और आसपास में कहां-कहां से गाड़ियां चोरी की हैं। -सतविंदर सिंह निरीक्षक, अपराध शाखा