फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   chandigarh bad boys case, victim parents in problem

बैड ब्वॉयज केसः सामने आया बेहद चौंकाने वाला सच

Wed, 06 May 2015 08:54 AM IST
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 06 May 2015 08:54 AM IST
विज्ञापन
chandigarh bad boys case, victim parents in problem

बैड ब्वॉयज गैंग मामले से जुड़ा एक अलग पहलू सामने आया है। एक तरफ चंडीगढ़ पुलिस अभियान चलाकर सभी स्कूलों में बच्चों को जागरूक कर रही है, वहीं दूसरी तरफ एक पीड़ित बच्चे ने पुलिस में बैड ब्वायज की शिकायत दी तो उसे स्कूल प्रबंधन ने यह कहकर निकाल दिया कि उसके कारण स्कूल की रेपुटेशन खराब हुई है।

विज्ञापन


इस मामले में पीड़ित परिवार को कोर्ट में गवाही नहीं देने के लिए भी धमकाया जा रहा है। पीड़ित के पिता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें अखबारों से इस केस के बारे में पता चला था, लेकिन एक दिन पुलिस के ऑपरेशन सेल ने कॉल कर उन्हें और बेटे को बुलाया। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनका बच्चा भी बैड ब्वायज गैंग का शिकार हुआ है। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दी। उनका बेटा स्ट्राबेरी फील्ड स्कूल का स्टूडेंट था।
विज्ञापन


स्कूल प्रबंधन को जैसे ही इसका पता चला, उन्होंने उनके बेटे को स्कूल से निकाल दिया। स्कूल प्रबंधन ने उनकी पत्नी को स्कूल में बुलाया और कथित तौर पर पांच मिनट में ही स्कूल विदड्रा फार्म पर साइन कर बेटे को ले जाने की बात कही। जब कारण पूछा तो यही कहा गया कि उन्होंने पुलिस में शिकायत क्यों दी। पहले उनसे बात करनी चाहिए थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस शिकायत के कारण स्कूल की छवि खराब हुई है। इसके बाद उनके बेटे को 23 जनवरी को टीसी थमा दी गई। सेशन समाप्त होने से पहले ही उसे निकाले जाने के कारण उसका एक साल खराब हो गया। इसके बाद उसे बीच सेशन में किसी दूसरे स्कूल ने एडमीशन भी नहीं दिया। उनका बच्चा लगभग 4 माह से घर पर ही है।

धमकी भरे कॉल और कार पर हमला

chandigarh bad boys case, victim parents in problem

पीड़ित बच्चे के पिता ने बताया कि पंजाब में उनका अपना बिजनेस है और वह इसी सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं। इस केस में उनके बेटे के बयान होने से पहले से ही उन्हें गवाही नहीं देने के लिए धमकाया जा रहा है। कई प्राइवेट नंबर्स से उन्हें धमकी भरे कॉल आ चुके हैं। दो सप्ताह पहले ही उनकी कार पर कांच की बोतलें फेंककर हमला किया गया था, जिसकी उन्होंने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को जानकारी भी दी थी।

‘कभी जिम करने के लायक नहीं रहेगा’
पीड़ित बच्चे के पिता ने बताया कि अभी तीन दिन पहले ही उनकी पत्नी के नंबर पर किसी का कॉल आया और उनके बेटे से बात करने की बात कही। पत्नी ने बच्चे के घर पर नहीं होने की बात कही तो कॉल करने वाले ने कहा कि बेटे से कहें कि ‘आज वह जिम जरूर कर ले, क्योंकि बाद में वह कभी जिम करने के लायक नहीं रहेगा’। उन्होंने पुलिस को इसकी भी सूचना दी थी। इसके बाद से उनकी पत्नी डरी हुई हैं। वहीं उनके बेटे ने भी घर से निकलना बंद कर दिया है।

पैरेंट्स ने मांगी सुरक्षा

बच्चे के पैरेंट्स ने बताया कि लगातार धमकियां मिलने के बाद उन्होंने गृह सचिव, चीफ जस्टिस, आईजी, डीआईजी, एसएसपी को भी पत्र भेजा है और केस चलने तक प्रोटेक्शन मांगी है। अगर जल्द ही सुरक्षा नहीं मिली तो वह हाईकोर्ट तक जाएंगे।

किसी बच्चे को स्कूल से सिर्फ इसलिए नहीं निकाला जा सकता कि उसने पुलिस में शिकायत की हो और न ही ऐसे किसी बच्चे को स्कूल से नहीं निकाला गया है। आप जिस स्टूडेंट की बात कर रहे हैं, उसके पेरेंट्स ने ट्रांसफर सर्टिफिकेट के लिए रिक्वेस्ट की थी तो उन्हें टीसी दे दी गई।
-अतुल खन्ना, डायरेक्टर, स्ट्राबेरी फील्ड स्कूल

बैड ब्वॉयज ने मांगे थे 85 हजार रुपये

chandigarh bad boys case, victim parents in problem

सिटी के चार कान्वेंट स्कूल के छात्रों को धमकाकर उनसे वसूली करने के मामले में मंगलवार को एक और छात्र का क्रास एग्जामिनेशन हुआ। यह छात्र स्ट्रॉबेरी फील्ड स्कूल का स्टूडेंट था। उसने अपने बयान में बताया कि तीनों आरोपियों ने 85 हजार रुपये की डिमांड की थी। बहरहाल, कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 18 मई की तारीख तय की है।

इस दिन सभी शिकायतकर्ता छात्रों के व्हाट्स एप ग्रुप का चैटिंग रिकॉर्ड पेश किया जाएगा। मंगलवार को हुए क्रास एग्जामिनेशन में छात्र ने कहा कि अपने दोस्तों के जरिए आरोपी रतन लुबाना, अमितोज और राजबीर से उसकी जान-पहचान हुई थी। इसके बाद तीनों ने उसे व्हाट्स एप पर बने ग्रुप में एड किया। तीनों आरोपी रोजाना किसी न किसी से मारपीट करते थे और उनकी तस्वीरें अपलोड करते थे। साथ ही उनकी बात न मानने पर ग्रुप के सभी मेंबर्स को धमकाते थे।

एक बार पैसे दिए तो फिर कर दी डिमांड
छात्र ने बताया कि एक दिन तीनों आरोपियों ने उससे 85 हजार रुपये की डिमांड की। उसने इतने पैसे का इंतजाम नहीं कर पाने की बात कही तो उसे धमकाने लगे। डर कर उसने घर से बिना बताए आलमारी में रखे 35 हजार निकाल कर उन्हें दे दिए। इसके कुछ समय बाद उन्होंने फिर से डिमांड शुरू कर दी, लेकिन उसने मना कर दिया।

शिकायतों पर बचाव पक्ष ने उठाए सवाल

chandigarh bad boys case, victim parents in problem

बचाव पक्ष के वकील रविंद्रा पंडित ने छात्र का क्रास करते हुए पूछा कि आपने कोर्ट में बताया कि आपसे 35 हजार रुपये लिए गए, लेकिन पुलिस को दी लिखित शिकायत में आपने राशि का कहीं उल्लेख नहीं किया है।

इस पर छात्र ने कहा कि उस समय उसे जितना याद था, उसने उतना ही बताया था। बचाव पक्ष ने उससे सवाल किया कि आपने व्हाट्स एप ग्रुप में धमकाने के बारे में पुलिस को दी लिखित शिकायत में नहीं बताया था। बाद में कोर्ट में इसकी जानकारी दी।

साथ ही क्या आपने पुलिस को पहले कोई शिकायत दी थी। इस पर छात्र ने बताया कि मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद एक दिन उन्हें फोन कर बुलाया गया। वहां उन्होंने ऑपरेशन सेल को इसकी लिखित शिकायत दी। उस समय वह डरा हुआ था, जो याद आया, लिख दिया। बाद में जैसे-जैसे उसे याद आता गया, वह पुलिस को जानकारी देता रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed