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सीबीआई जांच के नाम पर करती है तंग
अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Thu, 31 Oct 2013 10:20 AM IST
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हेड कांस्टेबल द्वारा रिश्वत लेने के मामले की सीबीआई के जज विमल कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने सीबीआई पर परेशान करने का आरोप लगाया। अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी।
13 वर्षीय सतीश ने बयानों में कहा कि वह कभी भी सीबीआई जांच में शामिल नहीं हुआ। सीबीआई वकील ने उससे सवाल पूछे। सतीश ने बताया कि वह पिछले साल ही गांव से चंडीगढ़ होली पर आया था।
यहां वह बबलू नामक व्यक्ति की सेक्टर-20 स्थित जूस की रेहड़ी पर काम करता था। उसने कहा कि जूस की रेहड़ी के मालिक बबलू ने हेड कांस्टेबल रामनिवास से एक हजार रुपये उधार लिए थे।
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उसका भाई बलवीर भी यहीं काम करता था। घटना वाले दिन बबलू ने उसके भाई बलवीर को पांच सौ रुपये के दो नोट पकड़ाए और रामनिवास को देने को कहा।
यह बातचीत इलाके के मार्केट प्रधान संजय नामक ने सुन ली और कहा कि जैसे वे कहें, रामनिवास को वैसे ही देना। प्रधान ने उसके भाई बलवीर को जूस का नई जगह पर अड्डा लगवाने का लालच दिया था।
प्रधान उसे सुबह करीब आठ बजे उसके भाई के साथ सीबीआई दफ्तर ले गया था। सतीश ने गवाही के दौरान सीबीआई दफ्तर का रास्ता भी बताया।
बड़े भाई से छोटे भाई के हस्ताक्षर कराने का आरोप
पिछली सुनवाई पर सीबीआई जज ने सतीश को सम्मन जारी कर पेश क रने को कहा, लेकिन बयान दर्ज करवाने के लिए पेश बलवीर हुआ था। बलबीर ने जज के सामने कहा था कि मामले में शिकायकर्ता उसका छोटा भाई सतीश है।
लेकिन, सीबीआई ने जबरदस्ती सतीश के हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया था। छापेमारी के दौरान सीबीआई उसके छोटे भाई की जगह उसे लेकर जाती थी। पिछले साल सीबीआई ने हेड कांस्टेबल रामनिवास को एक हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया था।
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13 वर्षीय सतीश ने बयानों में कहा कि वह कभी भी सीबीआई जांच में शामिल नहीं हुआ। सीबीआई वकील ने उससे सवाल पूछे। सतीश ने बताया कि वह पिछले साल ही गांव से चंडीगढ़ होली पर आया था।
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यहां वह बबलू नामक व्यक्ति की सेक्टर-20 स्थित जूस की रेहड़ी पर काम करता था। उसने कहा कि जूस की रेहड़ी के मालिक बबलू ने हेड कांस्टेबल रामनिवास से एक हजार रुपये उधार लिए थे।
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उसका भाई बलवीर भी यहीं काम करता था। घटना वाले दिन बबलू ने उसके भाई बलवीर को पांच सौ रुपये के दो नोट पकड़ाए और रामनिवास को देने को कहा।
यह बातचीत इलाके के मार्केट प्रधान संजय नामक ने सुन ली और कहा कि जैसे वे कहें, रामनिवास को वैसे ही देना। प्रधान ने उसके भाई बलवीर को जूस का नई जगह पर अड्डा लगवाने का लालच दिया था।
प्रधान उसे सुबह करीब आठ बजे उसके भाई के साथ सीबीआई दफ्तर ले गया था। सतीश ने गवाही के दौरान सीबीआई दफ्तर का रास्ता भी बताया।
बड़े भाई से छोटे भाई के हस्ताक्षर कराने का आरोप
पिछली सुनवाई पर सीबीआई जज ने सतीश को सम्मन जारी कर पेश क रने को कहा, लेकिन बयान दर्ज करवाने के लिए पेश बलवीर हुआ था। बलबीर ने जज के सामने कहा था कि मामले में शिकायकर्ता उसका छोटा भाई सतीश है।
लेकिन, सीबीआई ने जबरदस्ती सतीश के हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया था। छापेमारी के दौरान सीबीआई उसके छोटे भाई की जगह उसे लेकर जाती थी। पिछले साल सीबीआई ने हेड कांस्टेबल रामनिवास को एक हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया था।