रामपाल का 'रावणराज', 6 और हत्या केस
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सतलोक आश्रम के संत रामपाल पर बरवाला थाना में छह लोगों की हत्या करने के मामले में दो और एफआईआर दर्ज की गई हैं। हत्या का आरोप संत के अनुयायियों ने ही लगाए हैं। जिन अनुयायियों के परिवार के लोग मारे गए उन्होंने रामपाल के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं।
बरवाला पुलिस रामपाल के खिलाफ देशद्रोह व हत्या के प्रयास का मुकदमा पहले ही दर्ज कर चुकी है। बुधवार देर रात रामपाल के खिलाफ लखपत कालोनी-2 नई दिल्ली निवासी शिवपाल ने कराया है। शिवपाल ने बताया है कि उसकी पत्नी व बच्चे आश्रम में आए हुए थे। संत व उसके राजदारों ने उन्हें यह कहकर बाहर नहीं निकलने दिया कि रास्ते बंद हैं जिला प्रशासन बाहर जाने वालों को गिरफ्तार कर लेगा।
प्रशासन और अनुयायियों की भिड़ंत में उसकी पत्नी सरिता की मौत हो गई। इसके अलावा दूसरा मामला गांव झकोरा जिला ललितपुरा यूपी निवासी सुरेश ने करवाया है उसने भी यही आरोप लगाया है। हादसे में उसकी पत्नी रजनी की भी मौत हुई है।
उन्होंने हादसे में मारे जाने वाली संतोष, मलकैत कौर, राजबाला और आदर्श का नाम लिखवाया है। छह लोगों की मौत का जिम्मेदार उन्होंने रामपाल व उसके राजदारों को बताया है। पुलिस ने दोनों के बयान पर आईपीसी की धारा 343, 302 व 120बी के तहत दो अलग-अलग केस दर्ज कर लिए हैं।
देशद्रोह का मामला दर्ज
संत रामपाल पर मंगलवार की देर रात बरवाला(हिसार) थाने में हत्या का प्रयास, आगजनी, भारत सरकार के खिलाफ साजिश रचने और देशद्रोह का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बुधवार को करीब 70 लोगों को गिरफ्तार किया है।
जिसमें संत रामपाल का भाई पुरुषोत्तम व प्रवक्ता राजकपूर भी शामिल है। बरवाला थाने में 12 लोगों को नामजद किया गया है। इसमें संत रामपाल, प्रवक्ता राजकपूर, राजकुमार, महेंद्र, पुरुषोत्तम दास भाई, धर्मबीर ढांढा, तरूण कुमार, दीपदास, बलजीत सिंह, सिद्धार्थ, रविंद्र, राममेहर, जितेंद्र शामिल हैं।
इसके अलावा कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज हुए हैं। पुलिस ने इन सभी पर 107, 147,148,149,186,188 व 120 बी इसके अलावा 121, 121ए, 122, 123, 224, 225, 307, 332, 342, 353, 436 आईपीसी व आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
अपराध की ये धाराएं जोड़ीं गईं
धारा 120- अपराधिक षडयंत्र - इसमें जो अपराध किया गया है उसके हिसाब से सजा तय होती है।
धारा 121- देशद्रोह का मामला - गर्वनमेंट ऑफ इंडिया के खिलाफ युद्ध छेड़ना अथवा कोशिश करना, सजा: फांसी अथवा उम्रकैद।
धारा 121ए- देश के खिलाफ युद्ध का षडयंत्र रचना। सजा: उम्रकैद।
धारा 122- भारत सरकार के खिलाफ युद्ध करने की मंशा से हथियार एकत्रित करना। सजा: उम्रकैद तक।
धारा 123- युद्ध की मंशा से किसी चीज को छिपाना। सजा: दस साल ।
धारा 307- हत्या का प्रयास। सजा: दस साल अथवा उम्रकैद।
धारा 436- आगजनी करना। सजा: उम्रकैद अथवा दस साल की।