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ठगों के शातिर दिमाग के आगे IPS भी फेल, हाथ से निकाल ले गए सोने का कड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Sun, 02 Apr 2017 12:24 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
ठगों के शातिर दिमाग के आगे आईपीएस अधिकारियों को प्रशिक्षित करने वाले की भी नहीं चली। शातिरों ने ऐसा जाल बुना कि करीब 30 साल तक अधिकारियों को प्रशिक्षण (गुर) देने वाला शख्स भी चंगुल में फंस गया और ठगी का शिकार हो गया। ठग गिरोह के गुर्गों ने इनाम निकालने का झांसा देकर पहले तो सीआईएसएफ के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट से रुपये ऐंठे। फिर उनके हाथ से सोने का कड़ा निकालकर फरार हो गये। इस संबंध में कलानौर थाने में अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में कलानौर के निगाना मोड़ निवासी धन सिंह ने बताया कि वह सीआईएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद से रिटायर्ड है। वह शुक्रवार शाम को रोहतक रोड स्थित रविदास मंदिर के निकट से घर लौट रहे थे। अभी वह कुछ दूर चले थे कि पीछे से स्कूटी पर सवार होकर आए युवक ने उनसे त्रिलोक भवन के बारे में पूछा। धन सिंह को ऐसे किसी भवन की जानकारी नहीं थी, सो मना कर दिया। हालांकि स्कू टी सवार धन सिंह के साथ-साथ ही चलता रहा। उसने बताया कि उसकी संस्था गरीबों और विकलांग के लिए काम करती है। इसी बीच एक और व्यक्ति आया जिसने धन सिंह से कहा कि स्कूटी सवार युवक सरकारी मुलाजिम है।
इसके बाद उसने स्कूटी से एक पर्स निकाला। पर्स के अंदर कुछ पैकेट रखे थे। व्यक्ति ने पैकेट के अंदर से एक पर्ची निकाली। स्कूटी सवार ने पर्ची देखने के बाद व्यक्ति को 200 रुपये दिये। धन सिंह को जाल में फंसाने के लिए व्यक्ति ने फिर से स्कूटी सवार को दस रुपये देकर एक पर्ची निकाली। इस पर धन सिंह ने भी एक पर्ची निकाली। स्कूटी सवार ने कहा कि तुम्हारे 1800 रुपये निकले हैं, लेकिन पहले 600 रुपये जमा करने होंगे। इसके बाद धन सिंह ने 600 रुपये जमा कर दिए।
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पुलिस को दी शिकायत में कलानौर के निगाना मोड़ निवासी धन सिंह ने बताया कि वह सीआईएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद से रिटायर्ड है। वह शुक्रवार शाम को रोहतक रोड स्थित रविदास मंदिर के निकट से घर लौट रहे थे। अभी वह कुछ दूर चले थे कि पीछे से स्कूटी पर सवार होकर आए युवक ने उनसे त्रिलोक भवन के बारे में पूछा। धन सिंह को ऐसे किसी भवन की जानकारी नहीं थी, सो मना कर दिया। हालांकि स्कू टी सवार धन सिंह के साथ-साथ ही चलता रहा। उसने बताया कि उसकी संस्था गरीबों और विकलांग के लिए काम करती है। इसी बीच एक और व्यक्ति आया जिसने धन सिंह से कहा कि स्कूटी सवार युवक सरकारी मुलाजिम है।
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इसके बाद उसने स्कूटी से एक पर्स निकाला। पर्स के अंदर कुछ पैकेट रखे थे। व्यक्ति ने पैकेट के अंदर से एक पर्ची निकाली। स्कूटी सवार ने पर्ची देखने के बाद व्यक्ति को 200 रुपये दिये। धन सिंह को जाल में फंसाने के लिए व्यक्ति ने फिर से स्कूटी सवार को दस रुपये देकर एक पर्ची निकाली। इस पर धन सिंह ने भी एक पर्ची निकाली। स्कूटी सवार ने कहा कि तुम्हारे 1800 रुपये निकले हैं, लेकिन पहले 600 रुपये जमा करने होंगे। इसके बाद धन सिंह ने 600 रुपये जमा कर दिए।
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हैदराबाद में डीजीपी सहित अन्य आईपीएस को दी ट्रेनिंग
पूरी साजिश के साथ दिया वारदात को अंजाम
धन सिंह को झांसे में लेने के लिए ठगों ने साजिश रची थी। कुछ ही देर बाद ठगों का तीसरा साथी भी मौके पर आ गया। उसने स्कूटी सवार युवक से 50 हजार रुपये की पर्ची निकालने की बात कही। स्कूटी सवार युवक ने इस पर्ची पर लाखों रुपये का इनाम निकलने का दावा किया। साथ ही, कहा कि यदि इनाम नहीं निकला तो दोगुने रुपये वापस होंगे। तभी एक अन्य व्यक्ति आ गया। उसने भी दिखावे के लिए 50 हजार रुपये लगाने की बात कही, लेकिन उसके पास रुपये नहीं थे। इस पर उसने गले में पहनी चेन को सोने की बताकर स्कूटी सवार को दे दी। इस तरह धन सिंह ठगों के चंगुल में फंस गए।
ठगों ने धन सिंह का 50 हजार रुपये का दाव लगाने के लिए उनके हाथ से सोने का कड़ा निकाल लिया। इसका वजन 400 ग्राम था। ठगों ने कुछ देर तक तो धन सिंह को बातों में उलझाये रखा। इसके बाद स्कूटी सवार युवक सोने का कड़ा लेकर फरार हो गया। साथ में खड़े दोनों व्यक्तियों ने धन सिंह पर आरोप लगाया कि उसके चक्कर में वह भी ठगे गए। करीब पांच मिनट तक यही सिलसिला चलता रहा। तभी एक युवक बाइक से आया और दोनों व्यक्तियों को बिठाकर चला गया। इसके बाद धन सिंह ने मामले की शिकायत पुलिस को दी।
हैदराबाद में डीजीपी सहित अन्य आईपीएस को दी ट्रेनिंग
ठगी का शिकार धन सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब 30 साल तक हैदराबाद की नेशनल पुलिस एकेडमी और अन्य जगह पर नौकरी की। यहां पर वह चयनित होकर आने वाले आईपीएस को शारीरिक दक्षता सहित अन्य गुर सिखाते थे। उन्होंने कई ऐसे आईपीएस को ट्रेनिंग दी है जो वर्तमान में डीजीपी हैं।
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ठगों ने धन सिंह का 50 हजार रुपये का दाव लगाने के लिए उनके हाथ से सोने का कड़ा निकाल लिया। इसका वजन 400 ग्राम था। ठगों ने कुछ देर तक तो धन सिंह को बातों में उलझाये रखा। इसके बाद स्कूटी सवार युवक सोने का कड़ा लेकर फरार हो गया। साथ में खड़े दोनों व्यक्तियों ने धन सिंह पर आरोप लगाया कि उसके चक्कर में वह भी ठगे गए। करीब पांच मिनट तक यही सिलसिला चलता रहा। तभी एक युवक बाइक से आया और दोनों व्यक्तियों को बिठाकर चला गया। इसके बाद धन सिंह ने मामले की शिकायत पुलिस को दी।
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