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बैंक मैनेजर सुसाइडः मोबाइल, कार छोड़कर भागे आरोपी

Fri, 04 Jul 2014 08:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 04 Jul 2014 08:44 PM IST
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Bank Chief Manager Ajay Sehgal Suicide Case

चंडीगढ़ से बड़ी खबर आ रही है। यहां पंजाब नेशनल बैंक के जोनल कार्यालय के चीफ मैनेजर ने ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या के पीछे के कारणों के बारे में अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। जीआरपी पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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बताया जाता है कि पंचकूला सेक्टर 20 स्थित पीएनबी की जोनल शाखा के चीफ मैनेजर अजय अग्रवाल मीटिंग के सिलसिले में सेक्टर 17 स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मेन ब्रांच में आए थे।
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मीटिंग में मौजूद स्टाफ ने पूछताछ में बताया कि मीटिंग के दौरान अजय परेशान से लग रहे थे। मीटिंग से वापस लौटते समय अजय ने विकासनगर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास से गुजर रही ऊंचाहार एक्सप्रेस ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या कर ली।
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रेलवे पुलिस जांचकर्ता अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि करीब 5 बजे उन्हें सूचना मिली कि किसी व्यक्ति का शव ट्रेन की पटरी पर कटा पड़ा है। वह पुलिस टीम सहित घटनास्थल पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया और इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

अजय अग्रवाल मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले थे। उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस को यह घटना संदिग्ध लग रही है। पुलिस मौत के सही कारणों का पता लगाने में जुट गई है। अजय अग्रवाल का पोस्टमार्टम पंचकूला सेक्टर 6 स्थित सिविल अस्पताल में होगा।

चीफ मैनेजर अजय अग्रवाल की मौत की सूचना मिलते ही पंचकूला स्थित जोनल कार्यालय के साथियों ने आज नो वर्किंग डे का ऐलान किया है।

खाली हाथ है अभी भी पुलिस

Bank Chief Manager Ajay Sehgal Suicide Case

पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर अजय सहगल द्वारा सुसाइड करने के मामले में पुलिस अभी खाली हाथ ही है। अजय सहगल ने अपनी मौत के लिए बैंक के जिन दो अफसरों को जिम्मेदार बताया था, वे पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।

दोनों अफसर पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुके हैं। दोनों आरोपी पीएनबी के फील्ड जनरल मैनेजर जेके गुप्ता और डिप्टी जनरल मैनेजर एके गुप्ता से पूछताछ के लिए वीरवार की शाम को राजकीय रेलवे पुलिस(जीआरपी) की टीम बैंक के सेक्टर-17 स्थित कार्यालय पहुंची।

पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों अफसर बैंक का मोबाइल और गाड़ी छोड़कर भाग चुके थे। पुलिस दोनों अफसरों की तलाश कर रही है, लेकिन अभी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं मिला है।  

पटना में बनी थी जेके गुप्ता और एके गुप्ता की जोड़ी

Bank Chief Manager Ajay Sehgal Suicide Case

पंजाब नेशनल बैंक के फील्ड जनरल मैनेजर जेके गुप्ता और एके गुप्ता की जोड़ी पटना में एक साथ काम कर चुकी है। वहां इनके बीच ऐसा तालमेल बना कि एकबार फिर दोनों को चंडीगढ़ में खींच लाया।

बैंक से मिली जानकारी के अनुसार फील्ड जनरल मैनेजर जेके गुप्ता की ज्वाइनिंग हुई तो यहां सर्कल हेड के रूप में काम करने वाले अधिकारी का तबादला कर दिया गया। उनकी जगह  नई दिल्ली में पोस्टेड एके गुप्ता को डिप्टी जनरल मैनेजर के रूप में अपने साथ ले आए।

जानकारी के अनुसार जेके गुप्ता ने ज्वाइनिंग के चार माह बाद यहां ज्वाइन कर लिया। बैंक के कर्मचारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि जब से यह जोड़ी आई थी, मीटिंग तनाव भरी होती थी। कोई सर उठाकर बात नहीं कर सकता था।

सिर्फ सहगल नहीं, एक और भी था टारगेट

Bank Chief Manager Ajay Sehgal Suicide Case

सूत्रों के अनुसार बुधवार की बैठक में सिर्फ चीफ मैनेजर अजय सहगल ही नहीं, इस जोड़ी का टारगेट एक और व्यक्ति था, जिसकी पोस्टिंग हरियाणा में थी। पंजाब नेशनल बैंक की अस्सी ब्रांच में दो लोगों को बैठक में टारगेट किया गया।

एक माह पहले किया जलील
चीफ मैनेजर अजय सहगल को एक माह पहले सेक्टर-17 में बुलाई गई मीटिंग के दौरान जमकर जलील किया गया था। एक माह पहले जब मीटिंग में अजय सहगल ने अपनी बात बतानी चाही तो उनको चुप बैठने को कह दिया गया। बैंक के एक  कर्मचारी ने कहा कि जब से यह जोड़ी यहां आई थी तब से हाल यही है।

चीफ मैनेजर अजय सहगल

Bank Chief Manager Ajay Sehgal Suicide Case

जन्मतिथि 27-08-1962
ज्वाइनिंग-26-08-1983
रिटायरमेंट-31-08-2022

अकेले ही जुट जाते थे काम में
पंचकूला की शाखा में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि चीफ मैनेजर अजय सहगल रुटीन के पक्के थे। वह सुबह रोजाना नौ बजे ही दफ्तर पहुंच जाते थे। क्लीयरिंग के लिए चेक पड़े होते तो खुद ही उनको उठाकर चढ़ा देते थे। कई बार रात को उनको घर जाने में दस बज जाते थे। इस कर्मचारी ने कहा कि स्टाफ आता था तो उस समय सभी को अपने टर्मिनल में चेक चढ़े हुए दिखाई देते थे। इसी साथी ने कहा कि जब से उन्होंने ज्वाइन किया था तब से बैंक में स्टाफ की कमी के बावजूद नहीं लगता था कि कोई कमी है। कर्मचारी के अनुसार वह हार्ड वर्कर थे।

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