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Hindi News ›   Chandigarh ›   Bal Niketan Girls Statement in Court about Sexual Harrassment

'सुपरवाइजर बहाने से छेड़ता था, गले लगाता था'

Tue, 15 Jul 2014 11:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 15 Jul 2014 11:49 AM IST
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Bal Niketan Girls Statement in Court about Sexual Harrassment

बाल निकेतन सेक्टर-15 का सुपरवाइजर मनीष अरोड़ा बहाने से छूता और गले लगाता था। उन्हें अकेला पाकर शारीरिक छेड़छाड़ भी करता था। यह बयान सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत में दो बच्चियों ने दर्ज करवाए।

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अदालत में सुनवाई बंद कमरे में हुई। मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी। दोनों बच्चियों ने अदालत में कहा कि सुपरवाइजर की ओर से ज्यादा परेशान किए जाने पर ही उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन पर मामले की शिकायत दर्ज करवाई थी। दोनों बच्चियां पहले बाल निकेतन सोसाइटी में ही रहती थीं।

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बच्चियों ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर की थी शिकायत

Bal Niketan Girls Statement in Court about Sexual Harrassment

बच्चियों की ओर से गत 21 अप्रैल को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सुपरवाइजर मनीष अरोड़ा के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दी थी। चाइल्ड हेल्पलाइन को शिकायत मिलते ही जानकारी समाज कल्याण विभाग के निदेशक को दी गई।

तीन अप्रैल को जांच के आदेश दिए गए और तीन सदस्य कमेटी गठित की गई। इसमें जसविंदर कौर, अनामिका पासी और तबस्मुख खान ने जांच के बाद सुपरवाइजर के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए सेक्टर 9 पुलिस मुख्यालय शिकयत भेजी थी।

शिकायत मिलने के बाद सेक्टर-11 पुलिस स्टेशन ने मनीष अरोड़ा के खिलाफ शारीरिक छेड़छाड़ और पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे 24 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया था।

बच्चियों से यौन शोषण, आरोपी केयरटेकर गिरफ्तार

Bal Niketan Girls Statement in Court about Sexual Harrassment

सेक्टर-15 स्थित बाल निकेतन सोसाइटी में बच्चियों से हुए यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने आरोपी केयरटेकर मनीष को आज गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे सेक्टर 15 से गिरफ्तार किया। आरोपी को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

आरोपी मनीष 24 अप्रैल तक अवकाश पर है। मनीष पत्नी और दोनों बच्चियों के साथ बाल निकेतन में ही रहता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी मूल रूप से कुरुक्षेत्र का निवासी है।

मंगलवार को बाल निकेतन में पुलिस की महिला टीम ने बच्चियों से पूछताछ की। बाल निकेतन में कुल 40 बच्चियां हैं। इनमें से 13 बच्चियों ने केयरटेकर की शिकायत की है। पुलिस की टीम ने हर बच्ची से अकेले में पूछताछ की।

सूत्रों का कहना है कि कुछ लड़कियों ने बयान में कहा है कि आरोपी उनके साथ छेड़छाड़ करते हैं, जबकि कुछ लड़कियां मुकर गईं। सूत्रों का कहना है कि इन लड़कियों ने बाल निकेतन प्रशासन को भी लिखकर दिया है कि उनके साथ कुछ नहीं हुआ है।

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पीड़ित तीनों लड़कियां नहीं लौटी बाल निकेतन

Bal Niketan Girls Statement in Court about Sexual Harrassment

बाल निकेतन सेक्टर-15 में सुपरवाइजर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली तीनों लड़कियां छुट्टी के बाद वापस नहीं लौटी और न ही बाल निकेतन प्रबंधन ने उनके कोई संपर्क किया है।

इन लड़कियों के बारे में पूछने पर बाल निकेतन की  आरएम (रेजिडेंट्स मैनेजर) ने बताया उन्होंने जब से यहां का चार्ज संभाला हैं, तब से वे लड़कियां नहीं दिखाई दी हैं। तीनों लड़कियां अपने-अपने घर गई थीं, जो अभी तक नहीं लौटी।

बेशक ये लड़कियां बाल निकेतन नहीं आ रही हैं, लेकिन बाल निकेतन से महज कुछ कदम दूर अपने स्कूल सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-15 में रोजाना पहुंच रही हैं।

गौरतलब है कि 21 अप्रैल को तीनों लड़कियों ने बाल निकेतन के सुपरवाइजर मनीष कुमार पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद आरोपी मनीष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद लड़कियों के परिजन उन्हें अपने साथ ले गए थे।

कई पुराने बच्चे भी नहीं लौटे
घटना के प्रशासन ने हरकत में आते हुए बाल निकेतन से प्राइवेट संस्था से लेकर 26 अप्रैल को समाज कल्याण विभाग के हैंडओवर कर दिया था। आरएम से बातचीत करने के बाद यह बात सामने आई कि बाल निकेतन में उन लड़कियाें के अलावा कई पुराने बच्चे वापस नहीं लौटे हैं। इसके अलावा यहां कई नए बच्चे भी आ रहे हैं, लेकिन कुछ अभी तक तय तारीख के बाद भी लौटे नहीं है।

अटेंडेंट मंजीत कौर भी गायब
बाल निकेतन में अटेंडेंट मंजीत कौर 25 अप्रैल से गायब हैं। उन्होंने अभी तक अपना चार्ज भी किसी को नहीं सौंपा है। अब स्नेहालय से केवल एक  वार्डन आती है। अटेंडेंट मंजीत ने अपना रूम भी नहीं खाली किया है। मंजीत का पति भी उसके साथ-साथ यहां से गायब है।

समाज कल्याण ने दी हिदायत
मामले के बाद अब समाज कल्याण विभाग ने खास हिदायत दी है कि इन लड़कियां या अन्य बाल निकेतन की छात्राओं से यौन उत्पीड़न के मामले कोई बात नहीं की जाएगी।

लड़कियों के लिए शुरू की योग क्लास

यौन शोषण मामले के सामने आने के बाद यहां की लड़कियों काफी शांत गई थीं। उनको सामान्य जिंदगी और नई आशाएं देने के लिए समाज कल्याण विभाग ने कई बदलाव करने शुरू कर दिए है।

आरएम ने बताया कि अब लड़कियों के लिए रोजाना सुबह साढे़ छह बजे योग क्लास शुरू की गई है, ताकि लड़कियां फिट फील करें और उनकी जिंदगी बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि इस क्लास में लड़कियां काफी बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं।

अब यूटी प्रशासन की देखरेख में बाल निकेतन

Bal Niketan Girls Statement in Court about Sexual Harrassment

यूटी प्रशासन के समाज कल्याण विभाग ने सेक्टर-15 स्थित बाल निकेतन सोसाइटी को शुक्रवार को टेकओवर कर लिया। साथ ही इसका नाम बदलकर चिल्ड्रन होम फॉर गर्ल्स कर दिया। यह चंडीगढ़ चाइल्ड एंड वुमन डेवलपमेंट कार्पोरेशन के अधीन होगा।

टेकओवर करने के साथ ही वहां अपना स्टाफ भी तैनात कर दिया है, जिनमें 10 महिलाएं हैं। स्टाफ में तीन हाउस मदर, एक वार्डन, एक क्लर्क, दो माली और तीन गेट कीपर हैं।

सिर्फ गेटकीपर ही पुरुष हैं। प्रशासन ने यह कार्रवाई बाल निकेतन सोसाइटी में बच्चियों के साथ हुए यौन उत्पीड़न के खुलासे के बाद की।

सिर्फ 12 लड़कियां बचीं
बाल निकेतन सोसाइटी को अभी तक एक एनजीओ द्वारा 1980 से चलाया जा रहा था और समाज कल्याण विभाग इसे चलाने के लिए 90 फीसदी अनुदान देता था। बाल निकेतन सोसाइटी में अब सिर्फ 12 ही लड़कियां ही बची हैं।

समाज कल्याण विभाग यहां रहने वाले किसी भी लड़की को स्नेहालय में शिफ्ट करने में सफल नहीं हो सका। विभाग की टीम दो दिन बाल निकेतन सोसाइटी गई थी, लेकिन लड़कियों ने स्नेहालय जाने से इंकार कर दिया था। स्नेहालय जाने के विरोध में इन लड़कियों ने वीरवार को खुद को डॉरमेटरी में बंद भी कर लिया था।

परिजनों के पास गईं लड़कियां वापस बुलाई जाएंगी
बाल निकेतन में कुछ अनाथ और कुछ गरीब परिवारों की लड़कियां रहती हैं। कुछ को कुष्ठ रोग भी है। ऐसे में जो लड़कियां अपने परिजनों के पास गई हैं उनके परिजन बेहद गरीब हैं और अब समाज कल्याण विभाग उन लड़कियों को वापस बुलाएगा। इन लड़कियों की काउंसलिंग भी की जाएगी।

एनजीओ के लिए हो सकती है मुश्किल
बाल निकेतन सोसाइटी को संचालित करने वाले एनजीओ के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। एनजीओ ने दबाव बनाकर यहां रहने वाली कई लड़कियों को जबरदस्ती उनके परिजनों को सौंप दिया। एनजीओ ने इसके लिए उचित कार्रवाई नहीं की। इस एनजीओ की मानद सचिव अमर कुलवंत कौर हैं।

यौन उत्पीड़न की शिकायत 18 लड़कियों ने की थी। इनमें से दो लड़कियां पहले ही अपने घर जा चुकी हैं। सोसाइटी में प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सही प्रकार से पालन नहीं हो रहा था।

प्रशासन ने सोसाइटी में सीसीटीवी कैमरे, मॉनीटरिंग कमेटी को एक माह में दो बार दौरा करने और बाल निकेतन में सिर्फ महिला कर्मचारी को ही नियुक्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन इसमें से किसी भी निर्देश का पालन नही किया गया।

गृह सचिव से मिले आप कार्यकर्ता
आप के कार्यकर्ताओं ने गृह सचिव अनिल कुमार से मिलकर इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही लड़कियों की सुरक्षा से संबंधित सुझाव भी दिए।

अब प्रशासन चलाएगा बाल निकेतन सोसाइटी

Bal Niketan Girls Statement in Court about Sexual Harrassment

सेक्टर-15 स्थित बाल निकेतन सोसाइटी में बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के बाद यूटी प्रशासन ने हरकत में आते हुए स्वयं इसका संचालन करने का निर्णय लिया है।

उपायुक्त मोहम्मद शाईन ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए। अभी तक इसका संचालन एक एनजीओ कर रहा था। गौरतलब है कि सोसाइटी में प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सही प्रकार से पालन नहीं हो रहा था।

इसके बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। गौरतलब है कि प्रशासन ने सोसाइटी में सीसीटीवी कैमरे, मॉनीटरिंग कमेटी को एक माह में दो बार दौरा करने और बाल निकेतन में सिर्फ महिला कर्मचारी को ही नियुक्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन इसमें से किसी भी निर्देश का पालन नही किया गया।

अगर सोसाइटी को संचालित करने वाले एनजीओ ने ऐसा किया होता तो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न नहीं हुआ होता। निर्देश के बाद भी मनीष कुमार को सुपरवाइजर नियुक्त किया गया।

पांच साल पहले महिला से हुआ था दुराचार
शहर में पांच साल पहले सेक्टर-26 स्थित नारी निकेतन में एक महिला के साथ दुराचार हुआ था। इस मामले में नौ आरोपियों को 10 साल के लिए जेल भेजा गया था।

लगभग चार साल पहले स्नेहालय में रहने वाली 14 साल की एक बच्ची के गर्भवती होने का पता चला था। स्नेहालय में गड़बड़ी को लेकर हाईकोर्ट में दायर जन हित याचिका के बाद ही हाईकोर्ट से मिले निर्देशों पर दो सदस्यीय कमेटी बनी थी। इसने बाद में कई सिफारिशें की थीं।

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