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.....अब एक आंख से नहीं देख सकेगी मासूम छात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Tue, 18 Feb 2014 09:24 PM IST
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प्राथमिक स्कूल के शिक्षण किस नींद में सोए होते हैं। रीसेस खत्म होने के बाद क्लास में बैठे पांचवी के बच्चों को शांत करने की टीचर की हिदायत मिलते ही एक छड़ी से साथी छात्र ने दो लड़कियां पर छड़ी से वार कर दिए, जिससे दस वर्षीय बच्ची राधा के दाहिने आंख में गंभीर चोटें आई और अब डॉक्टरों ने यह साफ कर दिया है कि वह एक आंख से कुछ नहीं देख सकेगी।
बच्ची की हालत देखकर उसे स्कूल के ही टीचर ने ही सेक्टर-छह के सामान्य अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। पीजीआई में 29 जनवरी की रात उसका ऑपरेशन किया गया और बाद में भी डॉक्टरों ने आंख की रोशनी वापस लौटाने की भरपूर कोशिशें की, लेकिन नाकाफी साबित हुईं।
हैरानी की बात यह है कि एक अनपढ़ पिता को गफलत में रखकर, पुलिस में दी गई शिकायत को भी समझौते में तब्दील कर दिया गया। आखिरकार मंगलवार को पीड़ित बच्ची के पिता रामदास ने उपायुक्त से इस मामले की शिकायत को देकर, प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
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29 जनवरी दोपहर करीब एक बजे पांचवीं के बच्चे स्कूल में खेलने के बाद क्लास में लौटे। स्कूल परिसर में ही मिड डे मिल के भोजन भी बनाए गए थे, जहां टीचर बैठी रहीं और बच्चों को चुप रखने की जिम्मेवारी एक बच्चे को सौंप दी।
इसी दौरान वहां शोर बंद कराने के लिए पांचवी के एक छात्र ने दो बच्चों पर छड़ी से जोरदार वार किया, जिससे राधा की एक आंख में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत सामान्य अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने पीजीआई के लिए रेफर कर दिया। पीजीआई में 29 जनवरी की रात को डॉक्टरों की टीम ने करीब सात घंटे तक सर्जरी की। बाद में भी डॉक्टरों ने दाहिने आंख की रोशनी लौटाने की कोशिश की, लेकिन कोशिशें नाकाम रहीं।
छड़ी को देखकर रो पड़ती है राधा
सेक्टर-चार के हरिपुर में रहने वाली राधा के पिता रामदास ने कहा कि उनकी पांच बेटियां और तीन बेटे हैं। सबसे छोटी राधा है, जिसकी आंख चले गईं। बेटियां तो दूसरे घर जाएंगी, अब क्या करें कहते हुए उसकी आंखे नम हो गईं।
राधा ने बातचीत में कहा कि स्कूल में साथी छात्र ने बच्चों पर छड़ी से वार किया जो उसकी आंख में लगी। चोट इतना गहरा था कि एक आंख की पुलती बाहर आ गई। बकौल राधा पहले भी कई बार टीचर, बच्चों को शांत करने के लिए किसी और बच्चे की ड्यूटी लगाती थी।
हालांकि जिस छड़ी से राधा के एक आंख की रोशनी छिन गई, उसे देखकर वह फिर से रो पड़ती है। स्कूल टीचर्स लगातार इस मामले को दबाने की केशिश करते रहे और इसे दुर्घटना करार देने में जुटे रहे।
स्कूल टीचर बता रहे हैं गलती से लगी चोट
इस बारे में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी एस राणा ने कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने स्कूल टीचर और बच्चों से बातचीत की। लेकिन उन्होंने बताया गया कि गलती से चोट लगी, जिसे दुर्घटना माना जा रहा है।
इस मामले की जांच डीडीपीओ को सौंप दी गई है। जो भी इस मामले में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। फिलहाल डीईओ अवकाश पर हैं, लेकिन इस संबंध में रिपोर्ट मंगवाई जाएगी, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। बच्ची को उसके पिता ने मंगलवार को मुझसे मुलाकात की।
उपायुक्त डा. एसएस फुलिया
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बच्ची की हालत देखकर उसे स्कूल के ही टीचर ने ही सेक्टर-छह के सामान्य अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। पीजीआई में 29 जनवरी की रात उसका ऑपरेशन किया गया और बाद में भी डॉक्टरों ने आंख की रोशनी वापस लौटाने की भरपूर कोशिशें की, लेकिन नाकाफी साबित हुईं।
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हैरानी की बात यह है कि एक अनपढ़ पिता को गफलत में रखकर, पुलिस में दी गई शिकायत को भी समझौते में तब्दील कर दिया गया। आखिरकार मंगलवार को पीड़ित बच्ची के पिता रामदास ने उपायुक्त से इस मामले की शिकायत को देकर, प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
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29 जनवरी दोपहर करीब एक बजे पांचवीं के बच्चे स्कूल में खेलने के बाद क्लास में लौटे। स्कूल परिसर में ही मिड डे मिल के भोजन भी बनाए गए थे, जहां टीचर बैठी रहीं और बच्चों को चुप रखने की जिम्मेवारी एक बच्चे को सौंप दी।
इसी दौरान वहां शोर बंद कराने के लिए पांचवी के एक छात्र ने दो बच्चों पर छड़ी से जोरदार वार किया, जिससे राधा की एक आंख में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत सामान्य अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने पीजीआई के लिए रेफर कर दिया। पीजीआई में 29 जनवरी की रात को डॉक्टरों की टीम ने करीब सात घंटे तक सर्जरी की। बाद में भी डॉक्टरों ने दाहिने आंख की रोशनी लौटाने की कोशिश की, लेकिन कोशिशें नाकाम रहीं।
छड़ी को देखकर रो पड़ती है राधा
सेक्टर-चार के हरिपुर में रहने वाली राधा के पिता रामदास ने कहा कि उनकी पांच बेटियां और तीन बेटे हैं। सबसे छोटी राधा है, जिसकी आंख चले गईं। बेटियां तो दूसरे घर जाएंगी, अब क्या करें कहते हुए उसकी आंखे नम हो गईं।
राधा ने बातचीत में कहा कि स्कूल में साथी छात्र ने बच्चों पर छड़ी से वार किया जो उसकी आंख में लगी। चोट इतना गहरा था कि एक आंख की पुलती बाहर आ गई। बकौल राधा पहले भी कई बार टीचर, बच्चों को शांत करने के लिए किसी और बच्चे की ड्यूटी लगाती थी।
हालांकि जिस छड़ी से राधा के एक आंख की रोशनी छिन गई, उसे देखकर वह फिर से रो पड़ती है। स्कूल टीचर्स लगातार इस मामले को दबाने की केशिश करते रहे और इसे दुर्घटना करार देने में जुटे रहे।
स्कूल टीचर बता रहे हैं गलती से लगी चोट
इस बारे में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी एस राणा ने कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने स्कूल टीचर और बच्चों से बातचीत की। लेकिन उन्होंने बताया गया कि गलती से चोट लगी, जिसे दुर्घटना माना जा रहा है।
इस मामले की जांच डीडीपीओ को सौंप दी गई है। जो भी इस मामले में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। फिलहाल डीईओ अवकाश पर हैं, लेकिन इस संबंध में रिपोर्ट मंगवाई जाएगी, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। बच्ची को उसके पिता ने मंगलवार को मुझसे मुलाकात की।
उपायुक्त डा. एसएस फुलिया