{"_id":"58ac6eba4f1c1b2b69b241a1","slug":"assistant-clerk-of-education-department-takes-bribes-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा विभाग का सहायक क्लर्क रिश्वत लेता दबोचा, लेक्चरर से मांगी थी रकम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शिक्षा विभाग का सहायक क्लर्क रिश्वत लेता दबोचा, लेक्चरर से मांगी थी रकम
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Updated Tue, 21 Feb 2017 10:15 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने शिक्षा विभाग के सहायक क्लर्क को 15 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सहायक क्लर्क ने यह राशि केमिस्ट्री के लेक्चरर को बहाल करने के लिए ली थी।
ब्यूरो के इंस्पेक्टर मदन लाल ने बताया कि डरोली कलां जालंधर के लेक्चरर जगतिंदर सिंह ने शिकायत की थी कि उनके खिलाफ नई बारादरी में एक आपराधिक केस दर्ज हुआ था। इस वजह से उसको विभाग से सस्पेंड कर दिया गया था। जगतिंदर सिंह का कहना है कि उसको बहाल करने का आदेश डायरेक्टर एजुकेशन की ओर से जारी हो चुका था।
इन आदेशों की कापी लेकर जगतिंदर सिंह सर्किल एजुकेशन कार्यालय गया, जहां पर सहायक क्लर्क विजय कुमार से उसकी मुलाकात हुई। विजय कुमार ने चंडीगढ़ से आए आदेशों को आगे भेजने के लिए 20 हजार की रिश्वत की मांग की। बाद में मामला 15 हजार में तय हो गया। विजिलेंस ब्यूरो ने मंगलवार को शिकायत दर्ज कर डॉ. रणजीत सिंह चौहान और पशु चिकित्सक सुरजीत सिंह को बतौर सरकारी गवाह लेकर जाल बिछा दिया। जैसे ही सहायक क्लर्क ने 15 हजार की राशि पकड़ी तो विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने उसको काबू कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो के इंस्पेक्टर मदन लाल ने बताया कि डरोली कलां जालंधर के लेक्चरर जगतिंदर सिंह ने शिकायत की थी कि उनके खिलाफ नई बारादरी में एक आपराधिक केस दर्ज हुआ था। इस वजह से उसको विभाग से सस्पेंड कर दिया गया था। जगतिंदर सिंह का कहना है कि उसको बहाल करने का आदेश डायरेक्टर एजुकेशन की ओर से जारी हो चुका था।
विज्ञापन
इन आदेशों की कापी लेकर जगतिंदर सिंह सर्किल एजुकेशन कार्यालय गया, जहां पर सहायक क्लर्क विजय कुमार से उसकी मुलाकात हुई। विजय कुमार ने चंडीगढ़ से आए आदेशों को आगे भेजने के लिए 20 हजार की रिश्वत की मांग की। बाद में मामला 15 हजार में तय हो गया। विजिलेंस ब्यूरो ने मंगलवार को शिकायत दर्ज कर डॉ. रणजीत सिंह चौहान और पशु चिकित्सक सुरजीत सिंह को बतौर सरकारी गवाह लेकर जाल बिछा दिया। जैसे ही सहायक क्लर्क ने 15 हजार की राशि पकड़ी तो विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने उसको काबू कर लिया।
विज्ञापन