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Hindi News ›   Chandigarh ›   arrest of terrorist agents in pathankot

बिहार से कश्मीर पहुंच रहा मौत का सामान

Mon, 12 May 2014 08:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट Updated Mon, 12 May 2014 08:49 AM IST
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arrest of terrorist agents in pathankot

बिहार से पंजाब के रास्ते कश्मीर घाटी तक अवैध हथियार पहुंच रहे हैं। घाटी से लेकर बिहार तक आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों की सक्रियता हाल के दिनों में बढ़ गई है।

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पठानकोट रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए हिजबुल मुजाहिदीन के एजेंट रविश उल इस्लाम की गिरफ्तारी के बाद इस बात का खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि आतंकवादियों के तार बिहार के उन गांवों से जुड़े हुए हैं, जहां अवैध हथियार बनाने वाले गिरोह सक्रिय हैं।
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इन्हीं गिरोहों के जरिए हिजबुल मुजाहिदीन व लश्कर-ए-तैय्यबा जैसा आतंकी संगठनों को अवैध हथियार उपलब्ध हो रहे हैं। इसके लिए आतंकियों की ओर से हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए बाकायदा डील होती है। हथियार आतंकियों के एजेंटों के माध्यम से कश्मीर घाटी में बैठे आतंकी संगठनों तक पहुंचाए जाते हैं।

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आतंकियों के संपर्क में मुंगेर के तस्कर

arrest of terrorist agents in pathankot

पठानकोट में पकड़े गए हिजबुल मुजाहिदीन के एजेंट रविश उल इसलाम ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है। अब सुरक्षा एजेंसियों की ओर से बिहार में बैठे हथियार के तस्करों का नेटवर्क पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस की ओर से की गई पूछताछ में रविश ने बताया है कि बिहार के मुंगेर जिला के गांव बरथा और आसपास के इलाके में अवैध हथियार आसानी से मिल जाते हैं। हथियार निर्माता घाटी में छिपे आतंकियों के संपर्क में हैं। हथियार लेकर तीसरी बार बिहार से कश्मीर जाने के दौरान वह पठानकोट में पकड़ा गया।

रविश ने पूछताछ में बताया कि असाइनमेंट का जितना भी पैसा बचता था, उसे जुबेद ने कभी वापस नहीं मांगा। माता-पिता को कोई शक न हो, इसलिए उसने भोपाल में पीजी की पढ़ाई का बहाना बनाया था। दूसरी बार अभिभावकों से वह भोपाल परीक्षा देने जाने का बहाना बनाकर घर से निकला था। 

उच्च शिक्षा हासिल करने का बहाना

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बीए पास रविश के पिता जेएंडके सिविल सप्लाई विभाग में सुपरवाइजर के पद पर तैनात हैं। वह भोपाल से उच्च शिक्षा हासिल करने का बहाना बनाकर 13 नवंबर 2013 को पहली दफा बिहार में हिजबुल कमांडर जुबेद के कहने पर जम्मू से पंजाब के रास्ते ट्रेन से पटना पहुंचा था।

हथियार खरीदने के लिए जुबेद ने उसके खाते में पहले ही 45 हजार रुपये जमा कराए थे। हथियारों के सरगना तक पहुंचने का रास्ता भी उसने ही बताया था। इसके बाद रविश उसी रास्ते से तीन मार्च को दोबारा बरथा गया। वहां से वह 35 हजार रुपये में पिस्तौल व अन्य अवैध हथियार लेकर लौटा।

19 मई तक रिमांड पर

arrest of terrorist agents in pathankot

पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में 2 पिस्तौल, 4 मैगजीन और 40 जिंदा कारतूस के साथ पकड़े गए हिजबुल मुजाहिदीन के एजेंट रविश उल इस्लाम को जीआरपी ने 19 मई तक रिमांड पर ले लिया है।

वहीं उसके खुलासे के बाद जीआरपी की एक टीम को बिहार भेजने पर विचार हो रहा है। जीआरपी के डीएसपी हरदीप सिंह ने बताया कि रविश के दावे की असलियत जानने के लिए जीआरपी की एक टीम को बिहार भेजा जाएगा।

उन्होंने बताया कि अभी आठ दिन का रिमांड उनके पास है और सुरक्षा एजेंसियां भी पूछताछ करने में लगी हैं।

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