Karnal: एचएसवीपी में भ्रष्टाचार के मामले में आर्किटेक्ट गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल, विजिलेंस ने की कार्रवाई
आर्किटेक्ट की गिरफ्तारी के बाद एचएसवीपी के कार्यालय के साथ-साथ उन आर्किटेक्ट व अन्य लोगों में भी खलबली मच गई है, जिन्हें विजिलेंस ने पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया था। विजिलेंस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है।
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मानचित्र स्वीकृति और कंपलीशन प्रमाणपत्र के नाम पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) में चल रहे भ्रष्टाचार के मामले में स्टेट विजिलेंस की गिरफ्त में एक आर्किटेक्ट भी आ गया है। जेई के रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के मामले की जांच में संपदा अधिकारी और एसडीई की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद इसी मामले की जांच में प्रथम दृष्टया संलिप्तता पाए जाने पर आर्किटेक्ट वरुण दत्त को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी मामले की जांच चल रही है, कुछ और लोग भी गिरफ्त में आ सकते हैं।
रंगे हाथों रिश्वत लेने के प्रकरण की जांच कर रहे हरियाणा स्टेट विजिलेंस करनाल के प्रभारी इंस्पेक्टर सचिन ने बताया कि मामले की जांच में शहर निवासी आर्किटेक्ट वरुण दत्त को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान इस मामले में संलप्तिता पाए जाने पर आर्किटेक्ट को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले जेई प्रद्युम्न फिर संपदा अधिकारी दीपक घड़गस और फिर एसडीओ को गिरफ्तार किया था।
बताते हैं कि मानचित्र या कंपलीशन प्रमाणपत्र के लिए आवेदन वही आर्किटेक्ट करा सकते हैं, जो एचएसवीपी से पंजीकृत हों। जांच के दौरान पाया गया है कि नक्शा बनाने और कंपलीशन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कराने के नाम पर आर्किटेक्ट अपनी फीस के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी फीस व रिश्वत की रकम एकत्र करके एचएसवीपी के जेई तक पहुंचाता था।
उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के कई आर्किटेक्ट को स्टेट विजिलेंस की टीम ने कार्यालय बुलाया था। पहले गिरफ्तार हुए तीन आरोपी एचएसवीपी के अधिकारी थे लेकिन विभाग के बाहर की ये पहली गिरफ्तारी है। उसके पास से नक्शे की कुछ फाइल के रिकॉर्ड को भी जब्त किया गया। विजिलेंस ने दस्तावेजों के साथ आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई को लेकर दफ्तर में हड़कंप
आर्किटेक्ट की गिरफ्तारी के बाद एचएसवीपी के कार्यालय के साथ-साथ उन आर्किटेक्ट व अन्य लोगों में भी खलबली मच गई है, जिन्हें विजिलेंस ने पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया था। विजिलेंस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है। सूत्रों के अनुसार आरोपी ने कुछ लोगों के नाम और बताए हैं। जिनके साथ मिलकर वह कामकाज करता था। विजिलेंस की टीम ऐसे संदिग्ध लेगों से भी पूछताछ करने में जुटी है।
जेई प्रद्युम्न से मिली थी 19.94 लाख की रकम
भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े गए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के जेई को पहले स्टेट विजिलेंस गिरफ्तार कर चुकी है। जेई से 19.94 लाख रुपये की रकम 31 अगस्त को गिरफ्तार करने के बाद घर से बरामद की गई थी। जिसमें से ईओ दीपक घणघस को आठ लाख रुपये देने थे। इससे पहले ईओ को पांच लाख रुपये मिल चुके थे। विजिलेंस की जांच में सामने आया कि जेई प्रद्युम्न, ईओ दीपक घणघस दोनों मिलकर आर्किटेक्ट के जरिए रिश्वत लेते थे।