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अकांक्ष मर्डर: ‘फरीद ने रंधावा से कहा कि अभी वो मरा नहीं है फिर से टक्कर मार’

Thu, 16 Feb 2017 09:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 16 Feb 2017 09:12 AM IST
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Anticipatory bail plea rejected of farid, akansh murder case
फरीद की अग्रिम जमानत याचिका खारिज - फोटो : File Photo
हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष की हत्या के मामले में आरोपी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद की अग्रिम जमानत याचिका बुधवार को जिला अदालत ने खारिज कर दी। इससे पहले सुबह बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष में लंबी बहस हुई। 
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 अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि अपराध गंभीर प्रवृति का है और तथ्य को देखने के बाद अदालत को ऐसा कोई आधार नहीं मिलता कि आरोपी फरीद को किसी तरह की राहत दी जानी चाहिए। इसलिए उसकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज किया जाता है। इससे पहले सुबह सेक्टर-3 थाना पुलिस की ओर से मामले में जवाब दाखिल किया गया। पुलिस ने फरीद की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला हत्या से जुड़ा हुआ है। अपराध गंभीर प्रवृति का है और इसके दोनों आरोपी वारदात के बाद से फरार हैं। वहीं फरीद की गिरफ्तारी कर उससे पूछताछ करना जरूरी है। उससे वारदात में इस्तेमाल की गई कार की रिकवरी भी करनी है। 
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वहीं बचाव पक्ष ने पुरानी दलीलों को दोहराते हुए कहा कि मामला हत्या नहीं बल्कि एक्सीडेंट से जुड़ा है, जिसे हत्या का रूप दिया जा रहा है। इस पर सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने कार में बैठने से पहले कार के दोनों साइड के शीशे नीचे किए और अकांक्ष को एक नहीं बल्कि तीन बार टक्कर मारी। वहीं कार चालक फरीद ने ही बलराज सिंह रंधावा से कहा कि अभी वो मरा नहीं है, उसे फिर से टक्कर मार। सरकारी वकील ने अदालत को वह भी बताया कि अकांक्ष के शरीर पर कुल 13 इंजरी के निशान हैं। ऐसे में यह एक्सीडेंट कैसे हो सकता है।
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तीन राज्यों में 12 रेड फिर भी आरोपी गिरफ्त से बाहर

Anticipatory bail plea rejected of farid, akansh murder case
इस पर बचाव पक्ष ने सरकारी वकील से पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी देने की अपील की। इस पर सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि अभी मौत का कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। क्योंकि मृतक की बिसरा रिपोर्ट आनी बाकी है। इसे जांच के लिए सीएफएसएल को भेजा गया है।

यह रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगा। हालांकि उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के कुछ तथ्य अदालत में पेश किए। इसमें उसकी मौत सिर पर गंभीर चोट लगने से बताई गई है। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस और पुलिस का जवाब सुनने के बाद दोपहर बाद सुनाए फैसले में याचिका को खारिज कर दिया।

तीन राज्यों में 12 रेड फिर भी आरोपी गिरफ्त से बाहर
अकांक्ष मर्डर केस में पुलिस के आला अधिकारियों की देखरेख में बनाई गई एसआईटी ने 25 सर्च पार्टियां बनाई हैं। वहीं पुलिस की टीमें पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में अब तक 12 रेड कर चुकी हैं। वहीं पुलिस आरोपियों के परिजनों समेत करीबी जानकारों पर भी नजर रखे हुए हैं। इसके बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी हैं। बुधवार को आरोपी हर मेहताब की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद संभावना है कि दोनों आरोपी अदालत में सरेंडर कर सकते हैं। 
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