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Nuh Violence: सोशल मीडिया पर धधक रही थी दंगे की आग, प्रशासन ने नहीं की बचाव की तैयारी

Wed, 02 Aug 2023 01:18 AM IST
भूपेंद्र सिंह सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 02 Aug 2023 01:18 AM IST
सार

प्रशासन न तो यात्रा में शामिल लोगों की सुरक्षा कर पाया और न ही दंगाईयों को रोक पाया। सोशल मीडिया पर छीड़ी जुबानी जंग आगजनी और पत्थरबाजी में बदल गई। खास बात ये भी है कि खुफिया विभाग ने दस दिन पहले ही प्रशासन को यात्रा के दौरान टकराव का इनपुट दे दिया था।

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Administration did not take the hatred of social media seriously, did not prepare for rescue
Nuh Violence - फोटो : ANI

विस्तार

नूंह में हुए दंगे की आग एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर धधक रही है, बावजूद इसके नूंह प्रशासन ने इसको गंभीरता से नहीं लिया और इस आग को जमीन पर आने का इंतजार करता रहा। जिला प्रशासन का यही इंतजार भारी पड़ गया और सोशल मीडिया पर छीड़ी जुबानी जंग आगजनी और पत्थरबाजी में बदल गई।

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खास बात ये भी है कि खुफिया विभाग ने दस दिन पहले ही प्रशासन को यात्रा के दौरान टकराव का इनपुट दे दिया था, बावजूद इसके न तो नूंह प्रशासन ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जिससे की इस आग को रोका जा सके।
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नूंह प्रशासन न तो यात्रा में शामिल लोगों की ही सुरक्षा कर पाया और न ही दंगाइयों को रोक पाया। बताया जाता है कि यात्रा के लिए मात्र 100 पुलिस कर्मचारियों को अलग अलग स्थानों पर तैनात किया गया था। प्रशासन की इसी गलती का लाभ दंगाइयों ने उठाया और खामियाजा आम जनता ने भुगता।
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दंगाइयों की संख्या अधिक होने और हथियारों के साथ लैस होने के चलते पुलिस कर्मचारियों की संख्या कम पड़ गई। हालात इतने बिगड़े की पुलिस कर्मचारी खुद दूसरे जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल आने का इंतजार करते रहे और दंगाई एक के बाद एक गाड़ी को आग के हवाले करते गए। इस बारे में गृह मंत्री अनिल विज का कहना है कि घटना को लेकर कारणों, खामियों की जांच कराई जाएगी और जो भी इसके लिए जिम्मेदार है, उन पर कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर चल रहा वार
दोनों पक्षों की तरफ से सोशल मीडिया पर विवादित शब्दों के साथ वीडियो पोस्ट की जा रही थी। मोनू मानेसर ने खुद वीडियो डाली थी और यात्रा में पहुंचने का दावा किया था। इसके जवाब में दूसरे पक्ष के लोगों ने उसको धमकी दी थी। इसके अलावा, मेवात जैसे संवेदनशील जिले में एसपी के छुट्टी पर जाने के बाद स्थायी एसपी न लगाकर पल पल के एसपी को चार्ज देना भी कहीं न कहीं गलत साबित हुआ। दो जिलों का प्रभार होने के चलते भी पुलिस की आक्रामक कार्यप्रणाली जमीनी स्तर पर नहीं दिखी। 


हरियाणा के 6 जिले संवेदनशील, डीसी-एसपी अलर्ट
नूंह में हुई हिंसा के बाद राज्य के छह जिले गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, झज्जर, यमुनानगर और जींद संवेदनशील माने जा रहे है। नूंह के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल जिलों के कुछ इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यमुनानगर और जींद सहित कुछ जगहों पर मंगलवार को छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं।

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