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उजाड़ा परिवार: एक दिन पहले पत्नी व बच्चों समेत पांच को जिंदा जलाया, आज आरोपी की पेड़ से लटकती मिली लाश

Wed, 19 Oct 2022 12:14 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 19 Oct 2022 12:14 PM IST
सार

चरणजीत सिंह की हादसे में मौत के बाद परमजीत दोनों बच्चों को लेकर मायके बीटला आकर रहने लगी। एक साल पहले परमजीत कौर की दूसरी शादी कुलदीप सिंह काली निवासी गांव खुरदैशपुर के साथ हुई। 

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Accused of burning five people alive in Jalandhar commits suicide
आरोपी कुलदीप और मृतकों की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब के जालंधर में पत्नी और बच्चों समेत पांच लोगों को जिंदा जलाने वाले कुलदीप ने खुदकुशी कर ली है। बुधवार को उसका शव सतलुज नदी के पास पेड़ से लटकता मिला है। कुलदीप नशे का आदी था। वह अपनी पत्नी से मारपीट भी करता था। अत्याचारों से परेशान होकर पत्नी परमजीत कौर दोनों बच्चों के साथ अपने मायके गांव बीटला आकर रहने लगी थी। इसके बावजूद कुलदीप काली कई बार शराब के नशे में धुत होकर ससुराल आता था और परमजीत कौर व उसके मायके वालों को गाली देता था। मगर हद तो तब हो गई जब उसने मंगलवार को अपनी पत्नी, दोनों बच्चों और सास-ससुर को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया। पुलिस ने कुलदीप के सहयोगी कुलविंदर को देर रात गिरफ्तार कर लिया था। वहीं कुलदीप की तलाश जारी थी लेकिन बुधवार सुबह उसकी लाश पेड़ से लटकती मिली। 

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एक साल पहले हुई थी परमजीत कौर की शादी
बीटला निवासी लखविंदर सिंह ने बताया कि उनके भाई सुरजन सिंह की छोटी बेटी परमजीत कौर की शादी गांव अरनीवाल निवासी चरणजीत सिंह से हुई थी। शादी के बाद परमजीत कौर के यहां बेटी अर्शदीप कौर (8) व बेटा अनमोल सिंह (5) का जन्म हुआ। चरणजीत सिंह की हादसे में मौत के बाद परमजीत दोनों बच्चों को लेकर मायके बीटला आकर रहने लगी। एक साल पहले परमजीत कौर की दूसरी शादी कुलदीप सिंह काली निवासी गांव खुरदैशपुर के साथ हुई। 
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बाहर से कुंडी लगाकर लगाई थी आग 
सोमवार रात 2:20 बजे कुलदीप काली अपने चार साथियों के साथ बीटला पहुंचा था। अंदर कमरे में ससुर सुरजन सिंह, सास जोगिंदरो बाई, पत्नी परमजीत कौर, बेटी अर्शदीप कौर और बेटा अनमोल सो रहे थे। कुलदीप काली के हाथ में पेट्रोल से भरा स्प्रे पंप था। उसने कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी और खिड़की से पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। कुछ ही पलों में कमरे से चीखें गूंजने लगीं। 
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कुलदीप वहीं खड़ा होकर चिल्लाता रहा कि आग उसी ने लगाई है। इसके बाद सभी आरोपी खेतों के रास्ते भाग निकले। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने किसी तरह कमरा खोलकर अंदर से सभी को निकाला। सुरजन सिंह और अनमोल की सांसें चल रही थीं। लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन तब तक वह भी दम तोड़ चुके थे। 

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