करनालः अंडे उधार देने से किया इंकार तो गोली मार युवक की कर दी हत्या, तीन को किया घायल
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उधार में अंडा नहीं देने पर गांव शेखुपुरा में सोमवार देर रात एक समुदाय के लोगों ने चौपाल में बैठे दूसरे समुदाय के लोगों पर हमला कर एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं तेजधार हथियार से तीन लोगों को घायल भी कर दिया। मंगलवार सुबह मृतक छात्र के परिजनों ने असंध के नागरिक अस्पताल में जमकर विरोध किया और आरोपियों की गिरफ्तारी करने को लेकर धरना दिया।
परिजनों को समझाने के लिये असंध डीएसपी दलबीर सिंह थाना प्रभारी के साथ मौके पर पहुंचे लेकिन ग्रामीण नहीं माने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। देर शाम तक परिजनों ने मृतक का शव पोस्टमार्टम हाउस से नहीं उठाया। हालांकि पुलिस ने करीब दस लोगों को नामजद कर अन्य 12 लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
ये है मामला
एक पक्ष के बिट्टू और रवि ने बताया कि दो दिन पहले उन्होंने गांव में महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर शोभा यात्रा निकाली थी। इस दौरान आरोपियों ने विरोध किया था और कहासुनी भी हुई थी। इसके बाद सोमवार को आरोपी हरप्रीत उसकी रेहड़ी पर अंडे उधार लेने आया। तो उसने उधार अंडे देने से मना कर दिया। इसके बाद हरप्रीत धमकी देकर वहां से चला गया।
बिट्टू ने बताया कि वह रात को वाल्मीकि चौपाल में जाकर बैठा तो वहां पर आरोपी हरप्रीत, अजय, हरविंद्र, गुरप्रीत, हरदीप, बोबी, अमृतपाल, मांगा, अवतार सहित अन्य 12 लोगों ने पिस्तौल, तेजधार हथियार से हमला कर दिया। आरोपियों ने अंकित को गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने उसे और उसके साथी रवि को तेजधार हथियार से घायल कर दिया।
11 कक्षा का छात्र था अंकित
मृतक के भाई गोल्डी ने बताया कि अंकित एक होनहार विद्यार्थी था। वह जलमाना के एक निजी स्कूल में कक्षा 11 का छात्र था। इसी हमले में रवि, महेंद्र और विक्की भी घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दिनभर धरने पर बैठे रहे परिजन
इसी घटना से गुस्साए लोगों ने सुबह ही असंध का रुख कर लिया। ट्रैक्टर ट्रालियों में बैठकर पुरुष और महिलाओं ने असंध के नागरिक अस्पताल में जमकर हंगामा किया और धरना दिया। ग्रामीणों ने कहना है कि जब तक प्रशासन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करता तब तक वह शव नहीं उठाएंगे। फिलहाल परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े हुए हैं।
आचार संहिता के बावजूद हथियार कहां से आए
ग्रामीणों का कहना है कि आचार संहिता में सभी हथियार जमा करवा लिए जाते हैं लेकिन अपराधियों के पास हथियार कहां से आए इसकी भी जांच होनी चाहिए। ऐसे में असंध पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर हथियार कहां से आए। अगर लाइसेंसी हथियार से गोली चलाई गई है तो क्यों नहीं अभी तक हथियार जमा कराए गए। अगर अवैध हथियार है तो यह और भी गंभीर मामला है।
आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम छापामारी कर रही है। - दलबीर सिंह, डीएसपी