रोहतकः राजनीतिक वर्चस्व में युवक की चाकू से गोदकर हत्या, परिवार के सदस्यों ने की वारदात
रोहतक के सुंदरनगर गांव में बढ़ते राजनीतिक वर्चस्व के चलते होली के दिन लाखनमाजरा ब्लॉक मेंबर किरनबाला के पति मंजीत की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। वारदात को परिवार के ही रंजिश रखने वाले सदस्यों ने अंजाम दिया। बीच-बचाव कराने आए मंजीत के चचेरे भाई दिल्ली पुलिस के सिपाही पर भी चाकू से हमला कर मारने का प्रयास किया।
बाद में आरोपी घर पर ताला लगाकर मौके से फरार हो गए। मामले की सूचना पाते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पिता-पुत्र समेत छह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस एक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सुंदरपुर गांव निवासी डैनी ने सदर थाने पर शिकायत करते हुए बताया कि दुल्हैंडी की शाम करीब आठ बजे वह और उसका चचेरा भाई मंजीत, अनुज मकान के बाहर गली में खड़े होकर बातचीत कर रहे थे।
आरोप है इसी बीच परिवार का ही सदस्य अश्वनी पहुंचा और मंजीत के साथ गाली गलौज करने लगा। कहने लगा कि तू थोड़ा लिमिट में रह लिया कर वरना तुझे जान से मार दूंगा। दोनों के बीच कहासुनी हो गई। उस समय किसी तरह मामला शांत करा दिया गया। इसके करीब पांच मिनट बाद फिर से अश्वनी अपने परिवार के अन्य लोगों को लेकर आया और मंजीत को पकड़कर अपने घर ले गया।
आरोप है कि यहां पर पहले तो मंजीत के साथ मारपीट की गई। इसके बाद अश्वनी और अन्य ने मंजीत पर चाकू से तीन वार किए। बीच-बचाव करने पर मंजीत के चचेरे भाई दिल्ली पुलिस के सिपाही अनुज पर भी चाकू से हमला किया। इससे वह भी घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मकान पर ताला लगाकर फरार हो गए।
उधर मंजीत की मौके पर ही मौत हो गई। मामले की सूचना पाते ही एफएसएल इंचार्ज डॉ. सरोज दहिया और पुलिस भी मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। डैनी की शिकायत पर अश्वनी, उसके पिता जयभगवान, रविंद्र, रामकुमार, जयभगवान की बेटी सोनिया, पत्नी संतोष के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
आपसी मनमुटाव के चलते मंजीत की हत्या की गई। आरोपी मंजीत के परिवार के सदस्य हैं। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -सोहनपाल सिंह खटाना, थाना प्रभारी, सदर
पिछले कई साल से रंजिश रखता था अश्वनी का परिवार
डैनी ने बताया कि मंजीत की पत्नी ब्लॉक समिति सदस्य है। जबकि खुद मंजीत की भी गांव में काफी इज्जत थी। वह लोगों के झगड़ों के बीच सुलह कराने में भी अहम भूमिका निभाता थ। इसी रंजिश के चलते अश्वनी और उसके परिवार के सदस्यों ने मंजीत की हत्या की है।
परिवार में इकलौता था मंजीत
मंजीत अपने परिवार में इकलौता बेटा था। मंजीत का चार साल एक बेटा है और छह साल की बेटी है। उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। जबकि दो बहनें विवाहित हैं।