आई कैंप में ऑपरेशन के बाद फिर गई 7 की रोशनी
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आई कैंप में आपरेशन के बाद मरीजों की आंखों की रोशनी जाने का एक और मामला सामने आया है। इसका खुलासा तब हुआ जब शनिवार को मामले को लेकर कुछ ग्रामीणों ने शहर के सैली रोड स्थित डा. सलारिया आई अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मार्च 2014 में पठानकोट-हिमाचल की सीमा से सटे कंडवाल स्थित छोटी नागनी माता मंदिर कमेटी की ओर से वहां आयोजित आई कैंप में आए मरीजों की आंखों का जिस डॉक्टर ने आपरेशन किया था, वे डा. सलारिया आई अस्पताल के थे। ग्रामीणों का कहना है कि कैंप में जिन ग्रामीणों की आंखों के आपरेशन हुए, उनके से करीब सात लोग दृष्टिहीन हो चुके हैं।
मार्च 2014 में लगाया था आई कैंप
शनिवार को प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों का नेतृत्व शिव सेना (बाल ठाकरे) के नेता कर रहे थे। शिवसेना (बाल ठाकरे) के प्रदेश प्रधान योगराज शर्मा की मौजूदगी में यहां प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा काटा। इस बीच योगराज शर्मा के साथ डा. अमित सलारिया की पत्नी निम्मी सलारिया के साथ नोकझोंक भी हुई।
बताया जाता है कि इस बीच निम्मी सलारिया ने योगराज शर्मा को थप्पड़ जड़ दिया। इससे प्रदर्शनकारी और भड़क उठे। प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि मार्च 2014 में छोटी नागनी माता मंदिर कमेटी की ओर से कंडवाल में आंखों का चेकअप कैंप लगाया था। इसमें मरीजों की आखों का चेकअप डा. अमित सलारिया ने किया।
इसके बाद डा. सलारिया ने शहर स्थित अपने क्लीनिक में बुलाकर उन मरीजों की आंखों का आपरेशन किया। आपरेशन के बाद करीब सात लोग दृष्टिहीन हो गए। योगराज शर्मा ने कहा कि उन्हें थप्पड़ जड़ने वाली डाक्टर की पत्नी के खिलाफ वे दुर्व्यवहार का मामला दर्ज कराएंगे।
इंफेक्शन से गई रोशनी : डा. सलारिया
मामले में आरोपों का सामना कर रहे डा. अमित सलारिया ने बताया कि मरीजों का चेकअप करने के बाद उनका आपरेशन किया गया था।
उन्होंने बताया कि मरीजों की आखों का आपरेशन सही तरीके से किया गया था। बाद में कुछ मरीजों ने आंख की रोशनी जाने की शिकायत की थी। जांच करने पर पाया गया कि आंखों की रोशनी इंफेक्शन के कारण गई थी।