फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Crew missing after helicopter crashed into Ranjit Sagar dam near Pathankot

ध्रुव हेलीकॉप्टर हादसा: 60 घंटे बाद भी चालक दल लापता, तीनों सेनाओं के 150 जवानों ने जंगल में खोज शुरू की

Thu, 05 Aug 2021 10:38 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 05 Aug 2021 10:38 PM IST
सार

तीन अगस्त को पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा के पास सेना का एक ध्रुव हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हो गया था। हादसा पंजाब और जम्मू-कश्मीर सीमा पर रणजीत सागर झील में हुआ था। झील में बचाव अभियान जारी है। बताया जा रहा है कि मंगलवार की सुबह सेना का यह हेलीकॉप्टर गश्त कर रहा था तभी दुर्घटना का शिकार हो गया था। 

विज्ञापन
Crew missing after helicopter crashed into Ranjit Sagar dam near Pathankot
रणजीत सागर झील में सर्च अभियान चलाते जवान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मंगलवार सुबह रणजीत सागर झील में हादसाग्रस्त ध्रुव हेलीकॉप्टर और चालक दल 60 घंटे बीत जाने के बाद भी लापता हैं। नौसेना, वायुसेना और सेना के 150 के करीब जवान बचाव कार्य में जुटे हैं। सेना ने झील के अलावा आसपास के जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। 

विज्ञापन


सैन्य सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों का कयास है कि हेलीकॉप्टर क्रैश होने से पहले ही चालक दल ने छलांग लगा दी होगी। इसके लिए उनकी तलाश पंजाब और जम्मू-कश्मीर में झील किनारे के जंगल में की जा रही है। वहीं, झील में मार्कोस कमांडो की टीम ने मोर्चा संभाला है। लेकिन अभी तक उनके हाथ कोई सफलता नहीं लगी है। समाचार लिखे जाने तक टीमें बचाव कार्य में जुटी थी। 
विज्ञापन


सेना ने दो किमी के दायरे में बनाए कैंप, पुलिस को भी इजाजत नहीं
हादसे के बाद से सेना ने पंजाब और जम्मू-कश्मीर में झील के दो किमी दायरे में अपने अस्थाई टेंट लगा लिए हैं। जहां आम नागरिक, मीडिया और पुलिस को भी जाने की मनाही है। सिर्फ जम्मू-कश्मीर पुलिस के चंद अधिकारियों को मौका देखने की इजाजत दी गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


झील की गहराई और सिल्ट बनी बचाव कार्य में रोड़ा
सैन्य सूत्रों के मुताबिक हादसे वाले स्थान पर गहराई अधिक है। वहीं, झील का तल कच्चा होने के कारण वहां 5-7 मीटर से अधिक सिल्ट जमा है। बताया जा रहा है कि मुंबई से पहुंचे भारतीय नौसेना के स्पेशल कमांडो काफी गहराई तक गोता लगा चुके हैं। लेकिन, अभी तक कोई सफलता नहीं मिली। गहराई में पानी मटमैला होने के कारण भी गोताखोरों को इतनी दूरी तक दिखाई नहीं दे रहा। इसके लिए ऑटोमेटिक रिमोट कैमरा और स्पेशल दूरबीन का सहारा लिया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed