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20 शवों के राज वर्षों बाद सुपुर्द-ए-खाक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 18 Jun 2014 03:12 PM IST
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जनरल अस्पताल की मॉर्चरी में पिछले कई सालों से संजो कर रखे 20 मौतों का राज आखिरकार लंबी जांच प्रक्रिया से गुजरने के बाद मंगलवार को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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दरअसल, अलग-अलग शवों के विसरा या अन्य सैंपल मॉर्चरी में कई साल से पड़े थे और बेकार हो चुके थे। उन्हें कभी जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजा ही नहीं गया था। इन विसरा की जांच के लिए पुलिस व अस्पताल प्रबंधन की एक कमेटी बनी थी, जिसे यह जांच करनी थी कि इन सैंपलों की अब जरूरत है या नहीं?
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साल भर चली लंबी जांच के बाद पाया गया कि इन सैंपलों को नष्ट कर दिया जाना चाहिए। लिहाजा, मंगलवार को करीब 20 सैंपल मॉर्चरी के नजदीक ही जला दिए गए। इनमें करीब छह साल पुराने सैंपल भी थे, जिनका अब कोई औचित्य नहीं रह गया था।
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क्या होता है विसरा
संदिग्ध हालात में मौत होने या हादसे में हुई मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम करने के बाद कुछ सैंपल लिए जाते हैं, जिन्हें विसरा कहते हैं। यह शव के उसी हिस्से से लिया जाता है, जिसकी जांच करानी होती है। विसरा लेने के बाद उन्हें फारेंसिक लैब में भेजा जाता है, लेकिन ये ऐसे विसरा थे, जो शव से लिए तो गए, लेकिन उन्हें जांच के लिए भेजा नहीं गया या जांच की जरूरत महसूस नहीं की गई।
कोट्स
कुछ समय पहले पुराने सैंपलों की जांच के लिए कमेटी बनाई गई थी। अब इन सैंपलों की जरूरत नहीं थी। इसलिए उन्हें नष्ट कर दिया गया।
- डॉ. सुनील गंभीर, फारेंसिक एक्सपर्ट, जनरल अस्पताल
कोटस
कमेटी की जांच के बाद यह सैंपल नष्ट किए गए। ये काफी पुराने और किसी योग्य नहीं रह गए थे।
- आदर्शदीप सिंह, एसीपी हेडक्वार्टर, पंचकूला