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Haryana: युवकों को डोंकी से विदेश भेजने वालों पर शिकंजा कसेगी सरकार, खुफिया एजेंसी ने तैयार की दलालों की सूची
Thu, 28 Dec 2023 06:51 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Dec 2023 06:51 PM IST
सार
प्रदेश के युवाओं में सात समंदर पार जाने के क्रेज का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेशभर में 600 से अधिक आईलेट्स की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटर हैं। सबसे अधिक कुरुक्षेत्र में 180, कैथल में 69, सिरसा में 61 और करनाल में 30 के करीब सेंटर चल रहे हैं।
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हरियाणा के सीएम मनोहर लाल।
- फोटो : एएनआई
विस्तार
डोंकी के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को विदेश भेजने वालों पर अब हरियाणा सरकार शिकंजा कसने जा रही है। खुफिया एजेंसी ने इस धंधे में शामिल दलालों और अन्य लोगों की सूची तैयार की है।
सूची के अनुसार, प्रदेश के 18 जिलों में युवकों को अवैध रूप से विदेश भेजने का काम किया जा रहा है। विदेश भेजने वाले एजेंट सबसे अधिक कुरुक्षेत्र में 46, सिरसा में 42 और यमुनानगर में 30 में हैं। इसी प्रकार, अन्य जिलों में 10 से 20 तक दलाल हैं। विभाग ने यह रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौंप दी है। अब सरकार के आदेश पर इन दलालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
विधानसभा में भी उठा था मामला
प्रदेश के अधिकतर युवाओं की ओर से विदेशों में जाने का मामला विधानसभा में भी उठा था। विपक्षी दल भी सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं कि हरियाणा में बेरोजगारी अधिक है, इसलिए युवक रोजगार के लिए विदेश जा रहे हैं और गांव के गांव खाली हो रहे हैं। ऐसे में सरकार ने विदेश भेजने के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़ों के मामलों को देखते हुई आईजी सिबास कविराज के नेतृत्व में विशेष एसआईटी बनाई है।
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एसआईटी के पास शिकायत आने के बाद ही मामले दर्ज किए जाते हैं और आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इधर, खुफिया एजेंसी ने जमीनी स्तर पर अपनी टीमों को तैनात करके सभी जिलों में अवैध रूप से विदेश भेजने वालों की पुख्ता जानकारी जुटाई है। इस सूची में दलालों पर दर्ज पुराने केसों और उनकी संपत्तियों तक का ब्योरा तैयार किया गया है।
60 लाख तक में होता है सौदा
बताया जा रहा है कि 30 से 60 लाख रुपये लेकर प्रदेश के युवाओं को अवैध तरीके से विदेश भेजने के रंगीन सपने दिखाए जाते हैं। हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने बताया कि विशेष अभियान चलाकर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
600 आईलेट्स सेंटरों पर 6 हजार युवा कर रहे तैयारी
प्रदेश के युवाओं में सात समंदर पार जाने के क्रेज का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेशभर में 600 से अधिक आईलेट्स की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटर हैं। सबसे अधिक कुरुक्षेत्र में 180, कैथल में 69, सिरसा में 61 और करनाल में 30 के करीब सेंटर चल रहे हैं। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इस समय प्रदेशभर के कोचिंग सेंटरों में करीब छह हजार बच्चे आइलेट्स की तैयारी कर रहे हैं।
गांवों की सूची भी बनाई
सभी 18 जिलों की खुफिया एजेंसी ने प्रदेश के उन गांवों की सूची भी तैयार की है, जिन गांवों में सबसे अधिक युवा विदेश जा रहे हैं। इनमें अंबाला के भूरेवाला, बराड़ास नग्गल, कुरुक्षेत्र के कलसा, दीवाना, कैथल के गांव आहूं, संगरोली, साकरा, जड़ौला, पूंडरी, बरसाना, राहड़ा, करनाल के बांबरहेड़ी, राहड़ा, बंदराला समेत अन्य गांवों के नाम लिखे गए हैं।
पोर्टल तैयार कराने का सुझाव दिया
एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में हरियाणा सरकार को सुझाव भी दिए हैं। एजेंसी ने कहा कि विदेश विभाग की ओर से एक पोर्टल तैयार कराकर उस पर सभी इमीग्रेशन एजेंटों का पंजीकरण कराया जाए। साथ ही परामर्श केंद्र भी स्थापित किया जाए, ताकि युवा यहां से राय ले सकें और एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाए, ताकि फर्जीवाड़ों की शिकायत भी इन सेंटरों पर दी जा सकें। वहीं, 1.80 लाख रुपये से नीचे की आय वाले युवाओं के पासपोर्ट निशुल्क बनवाएं जाएं।
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सूची के अनुसार, प्रदेश के 18 जिलों में युवकों को अवैध रूप से विदेश भेजने का काम किया जा रहा है। विदेश भेजने वाले एजेंट सबसे अधिक कुरुक्षेत्र में 46, सिरसा में 42 और यमुनानगर में 30 में हैं। इसी प्रकार, अन्य जिलों में 10 से 20 तक दलाल हैं। विभाग ने यह रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौंप दी है। अब सरकार के आदेश पर इन दलालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
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विधानसभा में भी उठा था मामला
प्रदेश के अधिकतर युवाओं की ओर से विदेशों में जाने का मामला विधानसभा में भी उठा था। विपक्षी दल भी सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं कि हरियाणा में बेरोजगारी अधिक है, इसलिए युवक रोजगार के लिए विदेश जा रहे हैं और गांव के गांव खाली हो रहे हैं। ऐसे में सरकार ने विदेश भेजने के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़ों के मामलों को देखते हुई आईजी सिबास कविराज के नेतृत्व में विशेष एसआईटी बनाई है।
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एसआईटी के पास शिकायत आने के बाद ही मामले दर्ज किए जाते हैं और आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इधर, खुफिया एजेंसी ने जमीनी स्तर पर अपनी टीमों को तैनात करके सभी जिलों में अवैध रूप से विदेश भेजने वालों की पुख्ता जानकारी जुटाई है। इस सूची में दलालों पर दर्ज पुराने केसों और उनकी संपत्तियों तक का ब्योरा तैयार किया गया है।
60 लाख तक में होता है सौदा
बताया जा रहा है कि 30 से 60 लाख रुपये लेकर प्रदेश के युवाओं को अवैध तरीके से विदेश भेजने के रंगीन सपने दिखाए जाते हैं। हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने बताया कि विशेष अभियान चलाकर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
600 आईलेट्स सेंटरों पर 6 हजार युवा कर रहे तैयारी
प्रदेश के युवाओं में सात समंदर पार जाने के क्रेज का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेशभर में 600 से अधिक आईलेट्स की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटर हैं। सबसे अधिक कुरुक्षेत्र में 180, कैथल में 69, सिरसा में 61 और करनाल में 30 के करीब सेंटर चल रहे हैं। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इस समय प्रदेशभर के कोचिंग सेंटरों में करीब छह हजार बच्चे आइलेट्स की तैयारी कर रहे हैं।
गांवों की सूची भी बनाई
सभी 18 जिलों की खुफिया एजेंसी ने प्रदेश के उन गांवों की सूची भी तैयार की है, जिन गांवों में सबसे अधिक युवा विदेश जा रहे हैं। इनमें अंबाला के भूरेवाला, बराड़ास नग्गल, कुरुक्षेत्र के कलसा, दीवाना, कैथल के गांव आहूं, संगरोली, साकरा, जड़ौला, पूंडरी, बरसाना, राहड़ा, करनाल के बांबरहेड़ी, राहड़ा, बंदराला समेत अन्य गांवों के नाम लिखे गए हैं।
पोर्टल तैयार कराने का सुझाव दिया
एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में हरियाणा सरकार को सुझाव भी दिए हैं। एजेंसी ने कहा कि विदेश विभाग की ओर से एक पोर्टल तैयार कराकर उस पर सभी इमीग्रेशन एजेंटों का पंजीकरण कराया जाए। साथ ही परामर्श केंद्र भी स्थापित किया जाए, ताकि युवा यहां से राय ले सकें और एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाए, ताकि फर्जीवाड़ों की शिकायत भी इन सेंटरों पर दी जा सकें। वहीं, 1.80 लाख रुपये से नीचे की आय वाले युवाओं के पासपोर्ट निशुल्क बनवाएं जाएं।