फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   covid made the patients of PGI Nehru Extension and Sector-48 football

कोविड ने पीजीआई नेहरू एक्सटेंशन व सेक्टर-48 के मरीजों को बना दिया फुटबॉल

Mon, 28 Feb 2022 02:19 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 28 Feb 2022 02:19 AM IST
विज्ञापन
covid made the patients of PGI Nehru Extension and Sector-48 football
चंडीगढ़। कोरोना महामारी के दौरान गैर कोविड मरीजों का इलाज लगभग दो साल से लगातार बाधित हो रहा है। महामारी से जंग के लिए पीजीआई के नेहरू एक्सटेंशन व सेक्टर- 48 के 100 बेड के अस्पताल को कोविड डेडिकेटेड घोषित किया जा चुका है। इससे वहां शिफ्ट किए गए आठ विभागों के मरीजों के इलाज पर 23 महीनों से विराम लगा हुआ है। कोरोना ने इन दोनों अस्पतालों में शिफ्ट विभागों के हजारों मरीजों को फुटबॉल बना दिया है।
विज्ञापन

आलम यह है कि संक्रमण दर कम होते ही उन मरीजों को वापस नेहरू एक्सटेंशन व सेक्टर-48 के अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाता है। लेकिन जब तक उनका इलाज शुरू हो रहा है, तब अगली लहर आकर उसे फिर से बाधित कर दे रही है। इससे उन विभागों के मरीजों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। मरीजों व उनके परिजनों का कहना है कि महामारी से बचाव के लिए प्रशासन को अब कोई स्थायी व्यवस्था कर देनी चाहिए, ताकि इलाज के नाम पर उनकी फजीहत न हो।
विज्ञापन

बॉक्स
कभी कोविड तो कभी डेंगू से हुई आफत
सेक्टर- 48 के अस्पताल को कोरोना काल में कोविड डेडिकेटेड और उसके बाद डेंगू की दस्तक पर डेंगू के मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया गया। ऐसे में लोगों का कहना है कि जिन उद्देश्यों को ध्यान में रखकर उन दोनों अस्पतालों को बनाया गया था वह दरकिनार हो गया है। अगर यही हाल रहा तो वे दोनों अस्पताल इमरजेंसी केयर सेंटर बनकर रह जाएंगे जबकि उन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के हिसाब से आधुनिक उपकरणों व सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट-
राम भरोसे है व्यवस्था
कहने को तो जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर दोनों ही अस्पताल बनाए गए थे। लेकिन वर्षों गुजरने के बाद भी यह तय नहीं हो पाया है कि वहां किन मरीजों को और किस व्यवस्था के तहत इलाज दिया जाएगा। कोविड ने सरकारी योजना की पोल खोल दी है। इससे गैर कोविड मरीज परेशानी झेल रहे हैं।
-सुुरेश कुमार, हल्लोमाजरा
अब प्रशासन को इस पर ठोस निर्णय लेना चाहिए।
लगभग दो साल पूरा होने को है, लेकिन प्रशासन अब तक कोविड के लिए कोई अलग व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर सका है। हर बार कोरोना की लहर के दौरान गैर कोविड मरीजों का इलाज बंद कर दिया जाता है। यह असफल व्यवस्था का प्रमाण है। कम से कम नेहरू एक्सटेंशन व सेक्टर 48 के मरीजों के हित में ठोस निर्णय लेना चाहिए।
-किशोर सिंह, रामनदरबार
इनसेट
पीजीआई के नेहरू एक्सटेंशन में इन विभागों को किया था शिफ्ट
नवनिर्मित हॉस्पिटल में नेहरू हॉस्पिटल से चार डिपार्टमेंट हीपेटोलॉजी, (लिवर), ईएनटी (कान, नाक, गला), रेडियोथैरेपी (कैंसर ट्रीटमेंट) और इंडोक्राइनोलॉजी (मधुमेह व हार्मोन) के मरीजो को 16 अगस्त 2019 को शिफ्ट किया गया था। इन विभागों के मरीजों को शिफ्ट कर उनको इलाज की सुविधा देनी शुरू ही की गई थी कि कोविड ने उस पर ग्रहण लगा दिया।
इनसेट
सेक्टर- 48 के अस्पताल में जीएमसीएच-32 के इन विभागों को किया गया था शिफ्ट
सेक्टर-48 के सिविल अस्पताल में जून 2019 से मरीजों को इलाज मिलना शुरू हुआ था। प्रशासन के निर्देश पर जीएमसीएच-32 के कैंसर, त्वचा रोग, ईएनटी और मनोरोग विभाग को वहां स्थानांतरित किया गया था, लेकिन महज कुछ महीने बाद ही कोविड-19 से स्थिति खराब होने पर 2020 में उसे कोविड अस्पताल बनाना पड़ा। तब से उन चारों विभागों के मरीजों को इलाज के लिए यहां से वहां भटकना पड़ रहा है।
कोट-
नेहरू एक्सटेंशन के दो फ्लोर कोविड के लिए आरक्षित कर अन्य दो को नॉन कोविड मरीजों के लिए खोलने की योजना बनाई जा रही है। उम्मीद है पीजीआई प्रशासन जल्द ही इस संबंध में निर्णय ले लेगा। इसके बाद पहले चरण में हेपेटॉलजी व रेडियोथैरेपी के मरीजों को शिफ्ट किया जाएगा।

- डॉ. विपिन कौशल, चिकित्सा अधीक्षक पीजीआई
कोट-
कोरोना संक्रमण दर कम होने के साथ ही गैर कोविड मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सेक्टर- 48 को खोलने पर विचार किया जा रहा है। प्रशासन से निर्देश मिलते ही वहां शिफ्ट किए गए चारों विभागों के मरीजों के इलाज की व्यवस्था वहां कर दी जाएगी।
-डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक, जीएमसीएस- 32
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed